इंदौर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब- लाड़ली बहना को 1500 रुपए तो दिव्यांग को 600 क्यों

Sanjay Gupta | Apr 01, 2026, 20:31 IST
Share
ladli behna
ladli behna

इंदौर हाईकोर्ट में याचिका के बाद एमपी सरकार से जवाब मांगा गया है। सवाल है कि लाड़ली बहना योजना में 1500 रुपए मिलते हैं, जबकि दिव्यांग को केवल 600 रुपए। कोर्ट ने चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश में पेंशन को लेकर बड़ा सवाल उठा है।
  • लाड़ली बहना में 1500 रुपए दिए जा रहे हैं।
  • दिव्यांगजन को सिर्फ 600 रुपए मिलते हैं।
  • हाईकोर्ट में इस पर याचिका दाखिल हुई है।
  • सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा गया है।

क्या है लाड़ली बहना और दिव्यांग पेंशन विवाद

इंदौर में मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पेंशन में अंतर को लेकर सवाल उठे हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सरकार से जवाब मांगा गया है।

मध्य प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री पर युद्ध का असर, 190 देशों को दवा सप्लाई रुकी, 100 कंपनियों पर शटडाउन का खतरा

कोर्ट में क्या सवाल उठाए गए हैं

याचिका में बड़ा अंतर बताया गया है। लाड़ली बहना योजना में 1500 रुपए मिलते हैं। दिव्यांगजन को केवल 600 रुपए दिए जाते हैं। याचिकाकर्ता मनीष विजयवर्गीय ने इसे गलत बताया है।

इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चीफ जस्टिस को पत्र, जमानत जैसे अहम केस में लिस्टिंग में हो रही देरी

किसने दायर की याचिका और क्या मांग

मनीष विजयवर्गीय ने याचिका दायर की है। उन्होंने पेंशन बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह राशि बहुत कम है। इससे जरूरतें पूरी नहीं होती हैं।

एमपी में डायबिटीज से पीड़ित बच्ची को स्कूल से निकाला, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, जांच शुरू

कानून क्या कहता है इस मामले में

दिव्यांगजन अधिकार कानून 2016 का हवाला दिया गया है। इसमें ज्यादा लाभ देने की बात कही गई है। याचिका के अनुसार एक्ट के अनुसार प्रदेश में चलने वाली विविध योजनाओं से 25 फीसदी अधिक राशि मिलनी चाहिए। इस आधार पर पेंशन बढ़ाने की मांग की गई है।

इस हिसाब से दिव्यांग को 1875 मिलने चाहिए

एक्ट के इस प्रावधान की बात करें तो मप्र में लाड़ली बहनाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं। इसमें 25 फीसदी अधिक की बात करें तो यह 1875 रुपए हो जाती है। यानी दिव्यांग को नियम से इतनी राशि प्रति माह मिलना चाहिए। सभी पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

एमपी में सरकारी दैनिक वेतन भोगियों और कामगारों के वेतन में बढ़ोतरी

लंबे समय से चल रहा है कानूनी वाद

याचिकाकर्ता ने इसके पहले भी वर्ष 2023 में भी हाई कोर्ट में जनहित याचिका की थी। इस समय हाईकोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता इस संबंध में मप्र शासन के समक्ष प्रेजेंटेशन दें। लेकिन इसके बाद भी शासन स्तर पर इसे लेकर फैसला नहीं हुआ। याचिकाकर्ता ने बताया कि राज्य शासन ने यह कहते हुए दिव्यांगजन की पेंशन में बढ़ोतरी से इंकार कर दिया कि यह केंद्र की योजना है, हम कुछ नहीं कर सकते।

अभी इन्हें नहीं मिलती है पेंशन

याचिका में यह भी कहा गया कि अभी 6 से 18 साल के दिव्यांगजन को ही पेंशन की पात्रता है। लेकिन 0 से 6 साल वालों को यह नहीं दी जाती है। इस संबंध में शासन का तर्क है कि छह वर्ष तक के दिव्यांग अभिभावकों पर आश्रित रहते हैं, इसलिए उन्हें पेंशन नहीं दी जा सकती। जबकि मप्र के सिवा अन्य कई राज्यों में यह पेंशन काफी अधिक है।

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर हाईकोर्ट
  • लाड़ली बहना योजना
  • दिव्यांग
  • लाड़ली बहना
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज