कब आएगी लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त? महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए, जानें जरूरी बातें

Sourabh Bhatnagar | Oct 05, 2026, 15:15 IST
Share
लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त और बैंक खाता DBT प्रक्रिया।
लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त और बैंक खाता DBT प्रक्रिया।

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को अब 41वीं किस्त का इंतजार है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक योजना की 40 किस्तें जारी हो चुकी हैं। इसके बाद अब सवाल है कि 41वीं किस्त कब जारी होगी।

सीधे 1500 रुपए आएंगे खाते में

बता दें कि लाड़ली बहना योजना की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है। इसलिए महिलाओं का बैंक खाता सही और सक्रिय होना जरूरी है।

अगर बैंक खाते से जुड़ी कोई जानकारी गलत है तो लाड़ली बहना योजना की किस्त अटक सकती है। इसलिए अगली किस्त आने से पहले बैंक खाते और जरूरी दस्तावेजों की जांच करना बेहतर रहेगा।

किस्त पाने के लिए ये 3 काम जरूरी

मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojna) की राशि समय पर पाने के लिए महिलाओं को तीन जरूरी चीजें चेक करनी चाहिए।

सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि बैंक खाते की जानकारी सही है या नहीं। बैंक खाता बंद या गलत होने पर पैसा आने में परेशानी हो सकती है।

दूसरा जरूरी काम बैंक खाते को आधार से लिंक रखना है। इसके साथ ही खाते में DBT सुविधा भी चालू होनी चाहिए। DBT सक्रिय नहीं होने पर किस्त बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाएगी।

तीसरा जरूरी काम e-KYC पूरा करना है। योजना का लाभ लगातार पाने के लिए समग्र पोर्टल पर ई-केवाईसी पूरी होना जरूरी है। अगर ई-केवाईसी अधूरी है तो भुगतान अटक सकता है।

पोषण आहार या लाड़ली बहना योजना? नियमों के फेर में फंसी एमपी की सात लाख आदिवासी महिलाएं, ये एक वजह बनी रुकावट
02 Oct 2026 ,
By Sourabh Bhatnagar
मध्य प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों की सात लाख महिलाएं सरकारी योजनाओं के पेंच में उलझ गई हैं। लाड़ली बहना योजना के क्लॉज 4.4 के कारण उन्हें अपात्र माना जा रहा है। उन्हें यह नुकसान पोषण आहार योजना का लाभ लेने से उठाना पड़ रहा है। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
मध्य प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों की सात लाख महिलाएं सरकारी योजनाओं के पेंच में उलझ गई हैं। लाड़ली बहना योजना के क्लॉज 4.4 के कारण उन्हें अपात्र माना जा रहा है। उन्हें यह नुकसान पोषण आहार योजना का लाभ लेने से उठाना पड़ रहा है। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।

कैसे चेक करें किस्त का स्टेटस

लाभार्थी महिलाएं घर बैठे किस्त और आवेदन का स्टेटस चेक कर सकती हैं। इसके लिए लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

वेबसाइट के होमपेज पर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति का विकल्प मिलेगा। यहां समग्र आईडी या आवेदन क्रमांक दर्ज करना होगा।

इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है।

इससे यह भी पता चल सकता है कि पिछली किस्त आई है या नहीं। साथ ही खाते या आवेदन से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी भी मिल सकती है।

किस्त अटकने की क्या वजह हो सकती है?

कई बार बैंक खाते या दस्तावेजों की तकनीकी समस्या के कारण पैसा अटक जाता है। आधार और बैंक खाता लिंक नहीं होना भी इसकी वजह हो सकता है।

इसके अलावा DBT बंद होने या ई-केवाईसी अधूरी रहने से भी समस्या आ सकती है। इसलिए लाभार्थियों को इन सभी चीजों को पहले ही चेक कर लेना चाहिए।

पैसे नहीं आएं तो कहां शिकायत करें?

सरकार की ओर से किस्त की तारीख घोषित होने के बाद भी पैसा नहीं आता है तो शिकायत की जा सकती है।

लाभार्थी योजना की हेल्पलाइन नंबर 0755-2700800 पर संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में भी जानकारी दी जा सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी भुगतान की स्थिति की जांच कर सकते हैं। तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्या होने पर उसके समाधान में भी मदद मिल सकती है।

41वीं किस्त कब आने की उम्मीद?

सरकार सामान्य तौर पर हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच लाड़ली बहना योजना की राशि जारी करती है। इसी आधार पर 41वीं किस्त के भी इसी अवधि में आने की उम्मीद है।

हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए लाभार्थियों को अंतिम तारीख के लिए सरकारी सूचना का इंतजार करना चाहिए।

लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई... सीएम बोले- मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ेगी, पता नहीं था
05 Oct 2026 ,
By Sourabh Bhatnagar
BHOPAL. इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लाड़ली बहनों को लेकर दिया एक बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना बहुत महंगी पड़ गई है। उन्हें अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी बड़ी जिम्मेदारी सामने आ जाएगी। जानें सीएम मोहन यादव ने ऐसा क्यों और कब कहा...
BHOPAL. इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लाड़ली बहनों को लेकर दिया एक बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना बहुत महंगी पड़ गई है। उन्हें अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी बड़ी जिम्मेदारी सामने आ जाएगी। जानें सीएम मोहन यादव ने ऐसा क्यों और कब कहा...
Tags:
  • लाड़ली बहना योजना
  • Ladli Behna Yojana
  • लाड़ली बहना योजना की राशि
  • लाड़ली बहना योजना की किस्त
  • लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट
  • महिला एवं बाल विकास विभाग
  • मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना
छत्तीसगढ़ में इलेक्शन हाईजैक! डाकिए की मिलीभगत से बैलेट गायब का आरोप, गड़बड़ी पर रोकी मतगणना

By VINAY VERMA

छत्तीसगढ़ में इलेक्शन हाईजैक! डाकिए की मिलीभगत से बैलेट गायब का आरोप, गड़बड़ी पर रोकी मतगणना
अजमेर में रिटायर्ड अधिकारी से 26.75 लाख की ठगी, मकान सौदे के नाम पर रकम लेने का आरोप

By Jyoti Mahender Bhardwaj

अजमेर में रिटायर्ड अधिकारी से 26.75 लाख की ठगी, मकान सौदे के नाम पर रकम लेने का आरोप
दादी की जगह पोते को मिल सकती है अनुकंपा नियुक्ति: सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे की याचिका खारिज की, एमपी हाईकोर्ट का फैसला बरकरार

By Arohi Raj

दादी की जगह पोते को मिल सकती है अनुकंपा नियुक्ति: सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे की याचिका खारिज की, एमपी हाईकोर्ट का फैसला बरकरार
डीम्ड फॉरेस्ट को बेचने पर तुला रीको, जयपुर कलक्टर ने भी कानून के विपरीत पक्ष में खोला म्यूटेशन

By Mukesh Sharma

डीम्ड फॉरेस्ट को बेचने पर तुला रीको, जयपुर कलक्टर ने भी कानून के विपरीत पक्ष में खोला म्यूटेशन
धीरेंद्र शास्त्री पर बिफर गईं साध्वी हर्षा रिछारिया : बोलीं- संतों को सेवादारों पर भरोसा नहीं तो सुरक्षा कौन देगा?

By Amresh Kushwaha

धीरेंद्र शास्त्री पर बिफर गईं साध्वी हर्षा रिछारिया : बोलीं- संतों को सेवादारों पर भरोसा नहीं तो सुरक्षा कौन देगा?
नवरात्रि से पहले आकाश विजयवर्गीय की गरबा आयोजकों को नसीहत, प्रशासन से की ये अपील

By Manya Jain

नवरात्रि से पहले आकाश विजयवर्गीय की गरबा आयोजकों को नसीहत, प्रशासन से की ये अपील
राजस्थान पंचायत चुनाव और छात्रों की परीक्षा के बीच फंसे टीचर, शिक्षा विभाग ने साधी चुप्पी

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान पंचायत चुनाव और छात्रों की परीक्षा के बीच फंसे टीचर, शिक्षा विभाग ने साधी चुप्पी