दिनेश मकवाना सुसाइड केस की CBI जांच, मंदाकिनी के प्रभाव में कनाडिया थाना- हाईकोर्ट
Sanjay Gupta | May 15, 2026, 12:01 IST
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देवास के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना सुसाइड केस में इंदौर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि कनाडिया थाना, आबकारी एसी मंदाकिनी दीक्षित के प्रभाव में काम कर रहा था और गंभीर आरोपों के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
समझें क्या है पूरा मामला
- शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने नवंबर 2025 में सुसाइड किया था।
- वीडियो में आबकारी एसी मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए थे।
- परिवार ने कनाडिया थाने में केस दर्ज कराने की मांग की थी।
- हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
- कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
मकवाना की मां संतोष बाई ने कनाडिया थाने में एसी दीक्षित पर केस दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर अब फैसला आ गया है।
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मकवाना ने यह लगाए थे आरोप
मकवाना ने वीडियो में कहा था कि वह इस पूरे मामले से वह त्रस्त हो चुके हैं। इस केस (सुसाइड केस) में मंदाकिनी दीक्षित सस्पेंड हुई थीं, लेकिन कनाडिया थाने ने उन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी।
हाईकोर्ट ने यह दिया आदेश
इस मामले में फरवरी 2026 में वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी आ गई थी, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मकवाना ने वीडियो 2 अक्टूबर को बनाया और 8 नवंबर को सुसाइड किया। लेकिन देरी से लगाए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वह भी इतने बड़े अधिकारी पर।
मंदाकिनी दीक्षित और शासन के यह तर्क रहे
वहीं याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिए गए कि 29 नवंबर को वीडियो थाने में दे दिया गया था। एक और वीडियो भी है, जिसमें मामले में समझौता करने के लिए कहा गया, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया।
शासन ने तर्क दिया कि यह ऐसा मामला नहीं है जिसमें सीबीआई जांच कराई जाए। हाईकोर्ट ने ठेकेदार के वीडियो और अन्य तथ्यों को देखते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है।
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