सुनो बच्चो! रिजल्ट का बिलकुल लोड मत लेना, हम सब आपके साथ हैं...एन्जॉय करो
Jitendra Shrivastava | May 05, 2025, 19:47 IST
Listen kids dont take load Photograph: (THESOOTR)
देश और प्रदेश में रिजल्ट आने का दौर शुरू हो गया है। 6 मई को मध्यप्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी होगा। इसे लेकर बच्चे तनाव में हैं। अब डॉ.त्रिवेदी ने बच्चों के लिए 'द सूत्र' के माध्यम से खास आलेख लिखा है।
BHOPAL. बोर्ड एग्जाम खत्म हो चुके हैं। अब जिस चीज का इंतजार है, वो है रिजल्ट। लेकिन याद रखिए, ये सिर्फ एक नंबर हैं, आपकी काबिलियत और व्यक्तित्व का पूरा आंकलन आंकड़ों से नहीं किया जा सकता। यह कहना है मध्यप्रदेश के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी का।
देश और प्रदेश में रिजल्ट आने का दौर शुरू हो गया है। 6 मई को मध्यप्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी होगा। इसे लेकर बच्चे तनाव में हैं। अब डॉ. त्रिवेदी ने बच्चों के लिए 'द सूत्र' के माध्यम से खास आलेख लिखा है। उनका कहना है कि रिजल्ट का मतलब आपकी सफलता या असफलता का आखिरी पैमाना नहीं है। यह जीवन की एक छोटी सी परीक्षा भर है। लेकिन अक्सर बच्चे और माता-पिता इसे इतना बड़ा बना लेते हैं कि यह मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। रिजल्ट को लेकर चिंता करना स्वाभाविक है, पर इस चिंता को अपने ऊपर हावी मत होने दीजिए।
अगर आपके मन में किसी भी तरह की चिंता, डर या असफलता का ख्याल आए तो रुकिए और एक गहरी सांस लीजिए। यह समय खुद पर विश्वास बनाए रखने का है। आपके माता-पिता, आपके टीचर्स, आपके दोस्त और आपका मनोचिकित्सक, सब आपके साथ हैं। जीवन की हर परिस्थिति में आपके अपनों का प्यार और सहयोग आपके साथ रहेगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
MBA और EMBA में क्या है अंतर ? क्यों EMBA की तरफ बढ़ रहे हैं ज्यादा छात्र
रिटायर्ड सचिव स्तर के IAS भी बन सकेंगे सहकारी निर्वाचन आयुक्त
डॉ. त्रिवेदी का कहना है कि हर अनुभव हमें कुछ न कुछ सिखाता है। अगर नंबर मनचाहे न भी आएं, तो भी यह आपकी जिंदगी का अंत नहीं है। यह बस एक अनुभव है, जो आपको आगे बढ़ने का मौका देगा। जीवन में सफलता और असफलता दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। असफलता हमें सिखाती है कि कहां सुधार की जरूरत है और हमें बेहतर बनने का अवसर देती है।
डॉ. त्रिवेदी आगे लिखते हैं, महान लोग भी कभी न कभी असफल हुए हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी असफलताओं से सीखा और आगे बढ़े।
इसलिए, बच्चों, खुद को कमतर आंकने की गलती मत करना। आप जितना सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा मजबूत और काबिल हैं। हर इंसान की अपनी अलग योग्यता होती है। कुछ लोग पढ़ाई में अच्छे होते हैं, तो कुछ खेल, कला, संगीत या किसी अन्य क्षेत्र में निपुण होते हैं। जरूरी नहीं कि किताबों में अच्छे नंबर लाने वाला ही जीवन में सफल हो।
अपनी मानसिक सेहत का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। अगर मन में उदासी या बेचैनी महसूस हो, तो अपनों से बात करें। माता-पिता और दोस्तों से खुलकर अपनी भावनाएं साझा करें। अगर जरूरत हो, तो किसी मनोचिकित्सक से मदद लेने में भी संकोच न करें। याद रखिए, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना उतना ही आवश्यक है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य का।
ये खबरें भी पढ़ें...
पंजीयन के नाम पर भटका रही मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, पाकिस्तान को घर में घुसकर मारो, बच्चों को बनाओ कट्टर
रिजल्ट एक पड़ाव है, लेकिन सफर लंबा है। असली सफलता वही है जो हमें खुशी और संतोष दे। अगर कभी असफल भी हो जाओ, तो उसे अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाओ। असफलता को स्वीकार करना और उससे सीखना ही असली जीत है।
तो बच्चों, रिजल्ट का लोड मत लो। खुद पर विश्वास रखो, आगे बढ़ो और हमेशा याद रखो, हम सब आपके साथ हैं।
10वीं-12वीं एमपी बोर्ड | 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम | डॉ.सत्यकांत त्रिवेदी
देश और प्रदेश में रिजल्ट आने का दौर शुरू हो गया है। 6 मई को मध्यप्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी होगा। इसे लेकर बच्चे तनाव में हैं। अब डॉ. त्रिवेदी ने बच्चों के लिए 'द सूत्र' के माध्यम से खास आलेख लिखा है। उनका कहना है कि रिजल्ट का मतलब आपकी सफलता या असफलता का आखिरी पैमाना नहीं है। यह जीवन की एक छोटी सी परीक्षा भर है। लेकिन अक्सर बच्चे और माता-पिता इसे इतना बड़ा बना लेते हैं कि यह मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। रिजल्ट को लेकर चिंता करना स्वाभाविक है, पर इस चिंता को अपने ऊपर हावी मत होने दीजिए।
खुद पर विश्वास बनाएं रखें
ये खबरें भी पढ़ें...
MBA और EMBA में क्या है अंतर ? क्यों EMBA की तरफ बढ़ रहे हैं ज्यादा छात्र
रिटायर्ड सचिव स्तर के IAS भी बन सकेंगे सहकारी निर्वाचन आयुक्त
हर अनुभव कुछ न कुछ सिखाता है...
महान लोग भी असफल हुए
THESOOTR
अपनी मानसिक सेहत का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। अगर मन में उदासी या बेचैनी महसूस हो, तो अपनों से बात करें। माता-पिता और दोस्तों से खुलकर अपनी भावनाएं साझा करें। अगर जरूरत हो, तो किसी मनोचिकित्सक से मदद लेने में भी संकोच न करें। याद रखिए, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना उतना ही आवश्यक है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य का।
ये खबरें भी पढ़ें...
पंजीयन के नाम पर भटका रही मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, पाकिस्तान को घर में घुसकर मारो, बच्चों को बनाओ कट्टर
रिजल्ट एक पड़ाव है...
तो बच्चों, रिजल्ट का लोड मत लो। खुद पर विश्वास रखो, आगे बढ़ो और हमेशा याद रखो, हम सब आपके साथ हैं।
10वीं-12वीं एमपी बोर्ड | 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम | डॉ.सत्यकांत त्रिवेदी
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari