जन्मदिन विशेषः तीसरी लाइन में बैठे थे मोहन यादव, अचानक आया नाम और बन गए सीएम
Sandeep Kumar | Mar 24, 2025, 18:55 IST
madhya-pradesh mohan-yadav
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन 25 मार्च को है, और उनके जन्मदिन के पहले ही उज्जैन में बीजेपी नेताओं ने सड़कों पर बधाई और स्वागत के पोस्टर लगा दिए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन 25 मार्च को है। उज्जैन में बीजेपी नेताओं ने उनके स्वागत के लिए सड़कों पर पोस्टर लगाए हैं। यह संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन आ सकते हैं। आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव कल यानी 25 मार्च को अपना अपना 60 साल पूरा करके 61 वें बरस में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं तीसरी पंक्ति में बैठे हुए मोहन यादव कैसे एकदम से पहली कतार में आ गए और बीजेपी ने OBC पर ही फिर क्यों खेला था दांव ?
11 दिसंबर 2023...यह वही तारीख थी, जब Mohan yadav बीजेपी विधायक दल के ग्रुप फोटो में तीसरी पंक्ति में बैठे थे। अगली पंक्ति में थे दिग्गज शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, गोपाल भार्गव और वीडी शर्मा। तब घड़ी में 3 बजकर 30 मिनट हो रहे थे। अबके जैसी सर्द हवाएं उस दिन भी बह रही थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले 45 मिनट में क्या होने वाला है। इसके बाद बीजेपी दल की बैठक हुई थी। हरियाणा से पर्यवेक्षक के रूप में आए मनोहरलाल खट्टर ने मंच पर बैठे शिवराज सिंह चौहान को वह पर्ची दे दी थी। शिवराज ने ही डॉ.मोहन यादव का नाम पुकारा था। अव्वल तो मोहन ने सुना ही नहीं, जब दोबारा उनके नाम का ऐलान हुआ, तब वे उठे और मंच पर पहुंचे थे।
ये खबर भी पढ़िए... सीएम मोहन यादव कैबिनेट के अहम फैसले, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द मिले मुआवजा
उसके बाद जो हुआ, वह सबको पता है। इस तरह बीजेपी विधायक दल ने 58 साल के डॉ. मोहन यादव को अपना मुखिया चुन लिया था। उस समय डॉ. यादव के 99 वर्षीय पिता की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा था। उन्होंने कहा था कि बेटे के सीएम बनने की खबर से मेरी उम्र बढ़ गई।
ये खबर भी पढ़िए... एमपी बजट सत्र 2025 के आखिरी दिन आज कहां व्यस्त रहेंगे सीएम मोहन यादव, जानें पूरा कार्यक्रम
खास यह भी है कि प्रदेश में वर्ष 2003 से लेकर 2023 तक साढ़े अठारह साल की बीजेपी सरकार में हमेशा ओबीसी मुख्यमंत्री रहे। उमा भारती से शुरू हुआ यह सिलसिला बाद में बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के साथ जारी रहा। अब ओबीसी वर्ग से ही आने वाले डॉ. मोहन यादव प्रदेश के मुखिया बने। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ओबीसी वर्ग की आबादी भी है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 68 ओबीसी नेताओं को टिकट दिए थे, जिनमें से 44 ने जीत दर्ज की। वहीं, कांग्रेस ने 59 ओबीसी नेताओं को टिकट दिए थे, इनमें से सिर्फ 16 को जीत मिली।
ये खबर भी पढ़िए... मध्य प्रदेश के इस क्षेत्र में पैदा होंगी लाखों नौकरियां, सीएम मोहन यादव यादव का ऐलान
Mohan yadav का जन्म 25 मार्च 1965 को उज्जैन में हुआ था। उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है। उनकी शादी सीमा यादव से हुई है। उनके दो बेटे और एक बेटी है। मोहन यादव के पास बीएससी, एलएलबी, एमए, एमबीए और पीएचडी सहित कई शैक्षणिक डिग्रियां हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके थे।
मोहन यादव 2013 में उज्जैन दक्षिण सीट से पहली बार विधायक बने थे। 2018 मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में, वह एक बार फिर चुने गए और उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक बने। उन्होंने मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। 2 जुलाई 2020 को उन्होंने शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। 11 दिसंबर 2023 को मोहन यादन को मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री गया था। विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई हैं। मोहन यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं। वह उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। इस बार वह तीसरी बार विधायक बने हैं।
ये खबर भी पढ़िए... सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में राष्ट्रपति से की मुलाकात, विक्रमोत्सव शुभारंभ में आने का दिया न्योता
✅ मोहन यादव वर्ष 1982 में माधव विज्ञान कॉलेज में छात्र संघ के सह-सचिव बने। फिर 1984 में अध्यक्ष चुने गए। एबीवीपी उज्जैन के नगर मंत्री और 1986 में विभाग प्रमुख रहे।
✅ 1988 में एबीवीपी मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने। फिर 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री और 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए।
✅ 1993 से 1995 तक आरएसएस, उज्जैन नगर के सह खंड कार्यवाह, सायं भाग नगर कार्यवाह और 1996 में खंड कार्यवाह, फिर नगर कार्यवाह रहे। 1997 में भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति में रहे।
✅ फिर 6 साल तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) रहे। 2013 में पहली बार विधायक बने। 2018 में दूसरी बार विधायक बने और शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री बनाए गए।
जब चुना गया था मोहन यादव को सीएम
ये खबर भी पढ़िए... सीएम मोहन यादव कैबिनेट के अहम फैसले, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द मिले मुआवजा
उसके बाद जो हुआ, वह सबको पता है। इस तरह बीजेपी विधायक दल ने 58 साल के डॉ. मोहन यादव को अपना मुखिया चुन लिया था। उस समय डॉ. यादव के 99 वर्षीय पिता की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा था। उन्होंने कहा था कि बेटे के सीएम बनने की खबर से मेरी उम्र बढ़ गई।
ये खबर भी पढ़िए... एमपी बजट सत्र 2025 के आखिरी दिन आज कहां व्यस्त रहेंगे सीएम मोहन यादव, जानें पूरा कार्यक्रम
20 साल से ओबीसी चेहरे के पास रही कमान
ये खबर भी पढ़िए... मध्य प्रदेश के इस क्षेत्र में पैदा होंगी लाखों नौकरियां, सीएम मोहन यादव यादव का ऐलान
मोहन यादव का जीवन परिचय
राजनीतिक सफर
ये खबर भी पढ़िए... सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में राष्ट्रपति से की मुलाकात, विक्रमोत्सव शुभारंभ में आने का दिया न्योता
ऐसा रहा है मोहन यादव का सफर...
✅ 1988 में एबीवीपी मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने। फिर 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री और 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए।
✅ 1993 से 1995 तक आरएसएस, उज्जैन नगर के सह खंड कार्यवाह, सायं भाग नगर कार्यवाह और 1996 में खंड कार्यवाह, फिर नगर कार्यवाह रहे। 1997 में भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति में रहे।
✅ फिर 6 साल तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) रहे। 2013 में पहली बार विधायक बने। 2018 में दूसरी बार विधायक बने और शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री बनाए गए।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari