सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले दो फाड़ नजर आया OBC वर्ग, धमकी-षड्यंत्र के आरोप
Neel Tiwari | Sept 23, 2025, 15:53 IST
sc obc reservation ladyi
ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से पहले ओबीसी वर्ग में गुटबाजी और गंभीर आरोपों ने मामला और जटिल बना दिया है। पढ़ें ओबीसी वर्ग के अंदर चल रही अंदरूनी कलह, धमकी और षड्यंत्र की पूरी कहानी।
24 सितंबर बुधवार से ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले ओबीसी वर्ग में गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। अब यह विवाद सिर्फ विचारों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पुलिस थाने तक पहुंच चुका है। ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट वैभव सिंह लोधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए गोरखपुर थाने में लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने की बात कही गई है।
ये भी पढ़िए... सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई से पहले दक्षिण भारतीय वकील के घर बैठक
शिकायत में यह भी कहा गया कि बातचीत के दौरान अधिवक्ता वरुण सिंह ने एजी एड प्रशांत सिंह, पूर्व एजी एड और कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा, मध्यप्रदेश केदमोह के भाजपा सांसद राहुल सिंह, बरगी के भाजपा विधायक नीरज सिंह और पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधीतक को गालियां दीं। लोधी का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम न केवल व्यक्तिगत दुश्मनी से प्रेरित है बल्कि ओबीसी वर्ग को भीतर से कमजोर करने की चाल भी है। हालांकि ऐसे ही आरोप ओबीसी वर्ग के अधिवक्ताओं के द्वारा भी लगाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़िए...एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत, राईका के बेटे और बेटी को मिली जमानत
![30be833a-82d]()
एडवोकेट वैभव सिंह लोधी ने यह पूरा घटनाक्रम अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी पोस्ट किया था। हालांकि बाद में उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दिया, लेकिन पुलिस में दी गई शिकायत अब पूरे विवाद को नया मोड़ देती दिख रही है। लोधी ने सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए अपने बैंक अकाउंट की जांच सार्वजनिक कराने की बात भी कही है, ताकि उन पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। इस मामले में द सूत्र ने जब अधिवक्ता वैभव लोधी से बात करने के लिए समय मांगा तो उन्होंने पहले समय तो दिया, लेकिन उसके बाद सुप्रीम कोर्ट की याचिका से जुड़ी व्यस्तता के चलते वह मिल नहीं पाए।
![f7027be2-5a5]()
![1e9a2c97-661]()
ये भी पढ़िए... धर्मांतरण कानूनों को लेकर छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस,पूर्व विधायक ने किया विरोध
![510d7a69-398]()
दूसरी ओर ओबीसी वर्ग से जुड़े अधिवक्ताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को महज एक षड्यंत्र बताया है। उनका कहना है कि यह विवाद जानबूझकर खड़ा किया जा रहा है और इसके पीछे भी महाधिवक्ता प्रशांत सिंह का हाथ बताया जा रहा है। हालांकि कोई भी पक्ष इस मामले पर खुलकर कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन यह साफ है कि ओबीसी वर्ग के भीतर अब बड़ा विभाजन सामने आ रहा है।
ये भी पढ़िए... एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत, राईका के बेटे और बेटी को मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर होने वाली अहम सुनवाई से पहले ही ओबीसी समाज के भीतर खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस में दी गई शिकायत और गंभीर आरोप इस बात का संकेत हैं कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
फोन कॉल से शुरू विवाद पहुंचा धमकी तक
एडवोकेट वैभव सिंह लोधी का आरोप है कि 21 सितंबर की देर रात उन्हें रामेश्वर ठाकुर के फोन से कॉल आया। बातचीत के दौरान रामेश्वर ने फोन अपने साथी वरुण सिंह को थमा दिया। वरुण ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन पर मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए कहा कि तुम लोगों ने धोखा दिया है, मैं तुम सबको घर में घुसकर जान से मार दूंगा। यही नहीं, वरुण ने अपने ही मोबाइल से दोबारा फोन कर धमकी दोहराई। शिकायत में लोधी ने इस पूरी साजिश में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर की मिलीभगत बताई है।
सांसद, विधायकों को भी गाली देने के आरोप
ये भी पढ़िए...एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत, राईका के बेटे और बेटी को मिली जमानत
फेसबुक पोस्ट से चर्चा तेज, फिर हुई डिलीट
30be833a-82d
एडवोकेट वैभव सिंह लोधी ने यह पूरा घटनाक्रम अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी पोस्ट किया था। हालांकि बाद में उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दिया, लेकिन पुलिस में दी गई शिकायत अब पूरे विवाद को नया मोड़ देती दिख रही है। लोधी ने सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए अपने बैंक अकाउंट की जांच सार्वजनिक कराने की बात भी कही है, ताकि उन पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। इस मामले में द सूत्र ने जब अधिवक्ता वैभव लोधी से बात करने के लिए समय मांगा तो उन्होंने पहले समय तो दिया, लेकिन उसके बाद सुप्रीम कोर्ट की याचिका से जुड़ी व्यस्तता के चलते वह मिल नहीं पाए।
f7027be2-5a5
1e9a2c97-661
ये भी पढ़िए... धर्मांतरण कानूनों को लेकर छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस,पूर्व विधायक ने किया विरोध
510d7a69-398
अधिवक्ताओं ने बताया इसे सुनियोजित साजिश
ये भी पढ़िए... एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत, राईका के बेटे और बेटी को मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर होने वाली अहम सुनवाई से पहले ही ओबीसी समाज के भीतर खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस में दी गई शिकायत और गंभीर आरोप इस बात का संकेत हैं कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari