जेलों पर करंट का पहरा... दीवार छूते ही लगेगा झटका, हर जेल पर बिजली की बाड़ लगाने वाला पहला राज्य बनेगा एमपी

Manya Jain | Apr 02, 2026, 15:26 IST
Share
Mp Jail security system
Mp Jail security system

मध्य प्रदेश की जेलों में अब बिजली की दीवारें (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) लगेंगी। 18 करोड़ की लागत से जेल सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा रहा है, जिससे अब कैदियों का भागना नामुमकिन होगा।

भोपाल. मध्यप्रदेश अब देश में ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जो जेल सुरक्षा के मामले में बड़ा कदम होगा। प्रदेश की सभी जेलों के चारों ओर इलेक्ट्रिक फेंसिंग (करंट वाली सुरक्षा दीवार या बाड़) लगाने की तैयारी पूरी हो गई है।

इसके बाद जेल की दीवार फांदकर भागना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। सरकार ने इसके लिए करीब 18 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। खास बात यह है कि यह पैसा किसी नए बजट से नहीं, बल्कि जेलों के खाने के बजट में बचे पैसे से ही जुटाया गया है।

यह फैसला अचानक नहीं आया है। इसके पीछे बड़ा कारण है। दरअसल, 31 अक्टूबर 2016 को भोपाल की सेंट्रल जेल से सिमी के आठ विचाराधीन कैदी एक हेड कांस्टेबल की हत्या कर जेल से फरार (Jail Security Breach) हो गए थे। इस घटना ने देश में जेल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए थे। तब से ही यह महसूस किया जा रहा था कि जेलों की बाहरी सुरक्षा को और मजबूत करना जरूरी है। अब जाकर यह योजना जमीन पर उतरने जा रही है।

क्या है इलेक्ट्रिक फेंसिंग और कैसे करेगी काम?

इलेक्ट्रिक फेंसिंग का मतलब है कि जेल की बाहरी दीवार के ऊपर और आसपास ऐसे तार लगाए जाएंगे, जिनमें हल्का करंट रहेगा। कोई कैदी दीवार चढ़ने की कोशिश करेगा तो उसे झटका लगेगा। इससे वह आगे बढ़ नहीं पाएगा। यह सिस्टम तुरंत अलर्ट भी देता है। सरल शब्दों में कहें तो दीवार के ऊपर एक अदृश्य ‘करंट की दीवार’ बन जाएगी।

कितनी जेलों में लगेगी ये सुरक्षा?

मध्यप्रदेश में 123 कार्यरत जेलों (Madhya Pradesh Jail Department) में इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाई जाएगी। अभी तक सिर्फ 14 जेलों में ही यह सुविधा है। यानि बड़ी संख्या में जेलें अब तक इस अहम सुरक्षा व्यवस्था से वंचित थीं। जेल विभाग के महानिदेशक (DGP) वरुण कपूर का कहना है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहां सभी जेलों में इलेक्ट्रिक फेंसिंग सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी।

कैसे जुटाया 18 करोड़ का बजट?

इस जेल सुरक्षा व्यवस्था की सबसे दिलचस्प बात है इसका फंडिंग तरीका। सरकार ने इसके लिए कोई नया बजट नहीं मांगा है। जेलों के खाद्य बजट (Food Budget) में जो पैसा हर साल बच जाता था और वापस चला जाता था, उसी को इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करने का फैसला किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक हर साल कुछ राशि खर्च नहीं हो पाती थी। वह ट्रेजरी में वापस चली जाती थी। इस बार उसी बची हुई राशि को री-अप्रोप्रियेट (पुनः आवंटित) करके इस योजना में लगाया जा रहा है। यानी बिना अतिरिक्त बोझ डाले, सुरक्षा मजबूत करने का रास्ता निकाला गया है।

कितनी बड़ी है एमपी की जेल व्यवस्था?

मध्यप्रदेश का जेल सिस्टम छोटा नहीं है। यहां हजारों कैदी अलग-अलग जेलों में बंद हैं।

राज्य की जेलों में कैदियों की संख्या इस प्रकार है:

सेंट्रल जेल: 22,900 कैदी

जिला जेल: 13,313 कैदी

सब-जेल: 5,782 कैदी

ओपन जेल (8): 124 कैदी

कुल मिलाकर 133 जेलों में 42,119 कैदी-बंदी हैं। इतनी बड़ी संख्या को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में सुरक्षा में छोटी सी चूक भी बड़ा खतरा बन सकती है।

अब क्या बदलेगा?

इस नई व्यवस्था के बाद जेल की दीवार फांदना लगभग असंभव हो जाएगा। बाहरी सुरक्षा कई गुना मजबूत होगी। फरारी की घटनाओं पर रोक लगेगी। जेल प्रशासन को तुरंत अलर्ट मिलेगा। पहले कई बार कैदी दीवार कूदकर भागने की कोशिश करते थे। अब यह रास्ता लगभग बंद हो जाएगा।

MP News

ये भी पढ़ें...

SI भर्ती परीक्षा 2025: सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, परीक्षा में बैठेंगे 'ओवरएज' परीक्षार्थी, टालने से इनकार

रामकृष्ण हॉस्पिटल में सफाईकर्मियों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, अफसरों को नोटिस

राज्य चुनाव आयोग ने खुद को अदालत समझा है क्या, समय पर चुनाव नहीं होने पर हाई कोर्ट की फटकार

मध्य प्रदेश वन विभाग में बड़ा फेरबदल: समीता राजौरा बनीं मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक

Tags:
  • MP News
  • Jail Department
  • Madhya Pradesh Jail Department
  • जेल सुरक्षा व्यवस्था
  • Jail Security Breach
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा