एमपी के इस अस्पताल में लापरवाही, डॉक्टर ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया इलाज

Sandeep Kumar | Mar 15, 2025, 23:33 IST
Share
morena-hospital-doctors
morena-hospital-doctors

अस्पताल में उपचार के दौरान बिजली गुल थी, जिससे अस्पताल के भीतर अंधेरा छा गया था। घायलों को उपचार देने के लिए डॉक्टर को मोबाइल की टॉर्च की रौशनी का सहारा लेना पड़ा।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह कस्बे में एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ। एक मकान का छज्जा अचानक गिर जाने से उसके नीचे बैठे 6 लोग घायल हो गए। इस हादसे में तीन बच्चे भी घायल हो गए और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंबाह में उपचार के लिए भर्ती किया गया। इस घटना के बाद अस्पताल में जो नजारा देखा गया, वह बेहद चौंकाने वाला था।

मोबाइल की टॉर्च से इलाज

अस्पताल में उपचार के दौरान बिजली गुल थी, जिससे अस्पताल के भीतर अंधेरा छा गया था। घायलों को उपचार देने के लिए डॉक्टर को मोबाइल की टॉर्च की रौशनी का सहारा लेना पड़ा। परिजनों ने भी बच्चों का इलाज करने में मदद की और टॉर्च की रोशनी से उनकी चोटों का इलाज किया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने इसे स्वास्थ्य सेवा की लापरवाही के रूप में देखा।

ये खबर भी पढ़िए... 10वीं बोर्ड परीक्षा में टीचरों की लापरवाही...शिक्षा मंडल ने भेजा नोटिस

मंत्री करण सिंह वर्मा की जिम्मेदारी पर सवाल

मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा इस घटनाक्रम पर सवालों के घेरे में हैं। हाल ही में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के कई दावे किए गए थे, लेकिन इस घटना ने उनकी कथित उपलब्धियों की पोल खोल दी। यह साफ हो गया है कि स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक दयनीय स्थिति में हैं और वहां की व्यवस्थाएं पूरी तरह से विफल हो चुकी हैं।

ये खबर भी पढ़िए... एमपी में समर्थन मूल्य पर आज से गेहूं की खरीदी शुरू, 175 रुपए मिलेगा बोनस

अस्पताल में जनरेटर तो है, लेकिन खराब

अंबाह के उप स्वास्थ्य केंद्र में जनरेटर की व्यवस्था तो है, लेकिन वह खराब पड़ा हुआ है।जिसके कारण बिजली की कमी से डॉक्टरों को टॉर्च से काम करना पड़ा। इस जनरेटर की खराबी ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत को उजागर किया है। सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद, इस अस्पताल की अव्यवस्थाएं किसी से छिपी नहीं हैं।
ये खबर भी पढ़िए... मध्य प्रदेश सरकार फिर लेगी 6 हजार करोड़ का कर्ज, 15 दिन में तीसरी बार उठाया लोन

मीडिया से बचने की कोशिश की

मीडिया ने इस मुद्दे पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी पद्मेश उपाध्याय से सवाल करने की कोशिश की, लेकिन वे कैमरों से बचते नजर आए। अधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही पर कोई जिम्मेदार बयान देने से मना किया, जिससे सवाल उठने लगे कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती से कार्रवाई करेगा।

क्या होगी कार्रवाई?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घोर लापरवाही पर प्रशासन कौन सी कार्रवाई करेगा। क्या जिम्मेदारों को सख्त सजा मिलेगी, या फिर इस अस्पताल की इसी तरह की अव्यवस्था जारी रहेगी? क्या सरकार अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर पाएगी, या अधिकारी उनके नाम पर केवल कागजों में ही काम करते रहेंगे?

ये खबर भी पढ़िए... वकील पिता-पुत्रों पर FIR से बवाल, वकीलों ने चक्काजाम किया, टीआई और एसीपी की वर्दी फाड़ी







Tags:
  • MP News
  • मंत्री करण सिंह वर्मा
  • मध्य प्रदेश
  • अस्पताल
  • मुरैना न्यूज
  • एमपी हिंदी न्यूज
  • इलाज में लापरवाही
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई