हंगामेदार रहेगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, कांग्रेस ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति

Ramanand Tiwari | Nov 03, 2025, 22:48 IST
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Photograph: (THESOOTR)

मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर तक होगा, जिसमें कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। कांग्रेस विधायक कई मुद्दों, जैसे किसानों की समस्याएं और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब तलब करेंगे।

BHOPAL. मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र इस बार काफी हंगामेदार रहने वाला है। कांग्रेस ने पहले ही अपनी रणनीति तैयार कर ली है।

पचमढ़ी में आयोजित मध्यप्रदेश कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में राज्य के सभी 71 जिला और शहर अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इस महामंथन में सरकार को सदन में घेरने की रूपरेखा तैयार की गई।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अब संगठन से लेकर विधायक दल तक सभी को एक दिशा में काम करना होगा, ताकि विधानसभा सत्र में सरकार को मुद्दों पर जवाबदेह बनाया जा सके।

1 दिसंबर से शुरू होगा 5 दिवसीय सत्र

राज्यपाल से अनुमोदन मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। यह सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कुल चार बैठकें होंगी। इस दौरान सरकार अनुपूरक बजट और चार विधेयक सदन में पेश कर सकती है।

विधानसभा के नए प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा पहली बार सत्र संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे अवधेश प्रताप सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर आए हैं।

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विपक्ष के निशाने पर कई मुद्दे...

कांग्रेस की रणनीति के अनुसार विधायक इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की तैयारी में हैं। इनमें-

  • किसानों की समस्याएं
  • बिगड़ती कानून व्यवस्था
  • जल जीवन मिशन में गड़बड़ी
  • अधिकारियों के तबादलों में अनियमितता
-जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि सत्र के हर दिन सरकार को जवाब देने पर मजबूर किया जाए।

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विधायकों के सवाल पूछने की प्रक्रिया शुरू

सत्र के लिए विधायकों के सवाल दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय ने चार वर्गों में विभागों का विभाजन किया है।

पहला वर्ग: पंचायत, ग्रामीण विकास, कृषि, खाद्य, सहकारिता, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, खेल, आयुष

  • ऑफलाइन सवाल की अंतिम तारीख: 4 नवंबर
  • जवाब भेजने की अंतिम तिथि: 1 दिसंबर
दूसरा वर्ग: सामान्य प्रशासन, गृह, वित्त, कानून, जनसंपर्क, उद्योग, नर्मदा घाटी विकास, पर्यावरण आदि विभाग।

  • ऑनलाइन सवाल: 5 नवंबर तक
  • ऑफलाइन सवाल: 6 नवंबर तक
  • जवाब की अंतिम तिथि: 2 दिसंबर
तीसरा वर्ग: स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, परिवहन, संस्कृति, पर्यटन, जल संसाधन, धर्मस्व आदि विभाग।

  • ऑनलाइन सवाल: 6 नवंबर तक
  • ऑफलाइन सवाल: 7 नवंबर तक
चौथा वर्ग: नगरीय विकास, सामाजिक न्याय, ऊर्जा, पशुपालन, पिछड़ा वर्ग कल्याण आदि विभाग।

  • ऑनलाइन सवाल: 6 नवंबर तक
  • ऑफलाइन सवाल: 7 नवंबर तक
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राजनीतिक तौर पर अहम सत्र

यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधानसभा में यह नया कार्यकाल है और सरकार के सामने विपक्ष पहली बार संगठित रणनीति के साथ उतरेगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र मप्र की सियासत में आने वाले महीनों के लिए टोन सेट करेगा। यानी विधानसभा के भीतर का माहौल 2026 की दिशा तय कर सकता है।



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