GMT की जगह महाकाल स्टैंडर्ड टाइम, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान
Amresh Kushwaha | Apr 06, 2026, 09:18 IST
mahakal standard time gmt dharmendra pradhan
उज्जैन में महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम सम्मेलन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने GMT की जगह महाकाल स्टैंडर्ड टाइम स्थापित करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि उज्जैन प्राचीन काल से समय गणना का केंद्र रहा है। वैज्ञानिकों से खुली चर्चा की अपील की।
उज्जैन से उठी नई मांग
उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि GMT (Greenwich Mean Time) यानी ग्रीनविच मीन टाइम की जगह महाकाल स्टैंडर्ड टाइम (MST) को दुनिया के सामने रखा जाए।
धर्मेंद्र प्रधान ने वैज्ञानिकों और विचारकों से अपील की कि इस विषय पर खुलकर बहस होनी चाहिए। यह सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं है। उनके मुताबिक यह भारत की हजारों साल पुरानी वैज्ञानिक विरासत को फिर से दुनिया के सामने लाने का मौका है।
उज्जैन और समय का पुराना रिश्ता
उन्होंने यह भी कहा कि आज के आधुनिक AI (Artificial Intelligence) टूल्स भी यह मानते हैं कि समय की गणना का मूल केंद्र उज्जैन के आसपास का क्षेत्र रहा है। उनके मुताबिक भारत को अपने इस वैज्ञानिक गौरव को दुनिया के सामने मजबूती से दोबारा स्थापित करना चाहिए।
GMT कहां से आया?
1884 में अंतरराष्ट्रीय मेरिडियन सम्मेलन हुआ था। इसमें दुनिया के कई देशों ने हिस्सा लिया था। तय हुआ कि लंदन के ग्रीनविच से गुजरने वाली रेखा को 0 डिग्री देशांतर माना जाएगा और यहीं से दुनिया के समय की गणना होगी। ब्रिटेन ने पहले इसे कानूनी रूप से अपने देश में लागू किया और बाद में दुनिया ने इसे मान लिया।
विज्ञान और अध्यात्म का संगम
उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में एक खास परंपरा का भी जिक्र किया। वैशाख महीने के पहले दिन से भगवान शिव पर मिट्टी के बर्तन से लगातार पानी चढ़ाने की यह प्रथा सिर्फ धार्मिक नहीं है। उनके अनुसार इसका एक वैज्ञानिक पहलू भी है जो गर्मी और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को समझने से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता के बिना विज्ञान अधूरा है।
क्या बदल सकता है GMT?
GMT को बदलना एक बेहद जटिल अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया है जिसमें दुनिया भर के देशों की सहमति जरूरी होगी। वहीं, यह बयान भारत की सभ्यतागत पहचान और वैज्ञानिक योगदान को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म जरूर देता है।
FAQ
- GMT यानी ग्रीनविच मीन टाइम की शुरुआत कैसे हुई?
GMT की शुरुआत 1884 के अंतरराष्ट्रीय मेरिडियन सम्मेलन से हुई। इस सम्मेलन में तय हुआ कि लंदन के ग्रीनविच इलाके की रॉयल ऑब्जर्वेटरी से गुजरने वाली रेखा को 0 डिग्री देशांतर (Prime Meridian) माना जाएगा। इससे पहले हर शहर सूरज की स्थिति के अनुसार अपना अलग समय मानता था। रेलवे और समुद्री यात्राओं में बढ़ती दिक्कतों के बाद एक समान समय प्रणाली की जरूरत महसूस हुई और GMT को दुनिया ने अपना मानक बना लिया।
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Gemini said
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