धीरेंद्र शास्त्री के 4 बच्चे वाले बयान के बीच पांच बच्चों की मां पर भड़कीं मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी
Sourabh Bhatnagar | Apr 27, 2026, 10:12 IST
maihar collector 5 children family planningdhirendra shastri
मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने अस्पताल निरीक्षण में पांचवें बच्चे को जन्म देने वाली महिला को देखकर स्वास्थ्य मशीनरी को फेल करार दिया। एनीमिया और फैमिली प्लानिंग पर उनका बयान वायरल हो रहा है।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया।
- वहां एक महिला मिली जिसने अभी-अभी अपने पांचवें बच्चे को जन्म दिया था।
- कलेक्टर ने कहा कि 2026 में पांच बच्चों को सोचना बहुत बड़ी लापरवाही है।
- एक गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) सिर्फ 6 मिला, जो जानलेवा है।
- कलेक्टर ने ANM और आशा कार्यकर्ताओं को फेल बताया।
जब कलेक्टर अस्पताल पहुंची तो रुक गईं
56253dd7-dff
यह देखकर कलेक्टर रुक गईं। उन्होंने महिला से बातचीत की और समझाइश दी। उन्होंने सीधे कहा कि आज के जमाने में पांच बच्चों के बारे में सोचना बहुत बड़ी लापरवाही है। पास में खड़ी जेठानी को भी टोकते हुए कहा कि वह अपनी देवरानी को समझाएं।
"हमारी पूरी मशीनरी फेल है"
f67db8be-609
कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि अगर हम लोगों को फैमिली प्लानिंग (Family Planning) के बारे में नहीं समझा पा रहे तो ANM, आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजर के तौर पर हमारी पूरी मशीनरी फेल है। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
हीमोग्लोबिन 6, जान का खतरा
1b6e4591-170
डिलीवरी के वक्त हीमोग्लोबिन इतना कम होना जानलेवा साबित हो सकता है। कलेक्टर ने सवाल किया कि गर्भावस्था की शुरुआत में ही यह क्यों नहीं पकड़ा गया। आशा और ANM कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे नियमित जांच करें और जरूरत पड़ने पर महिला को अस्पताल भेजें।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान से उठी बहस
5e1ebe75-bae
मैहर कलेक्टर की सोच इस बयान से बिल्कुल अलग दिशा में है। एक तरफ धार्मिक मंच से अधिक बच्चों की अपील हो रही है, दूसरी तरफ जमीन पर काम करने वाला एक जिला प्रशासन पांचवें बच्चे की हकीकत से जूझ रहा है।
महिलाएं आगे हैं, सोच पीछे क्यों?
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस सोच को बदलने के लिए जिले में एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही उन्होंने मैहर जिले को सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anaemia) से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प भी दोहराया। यह एक आनुवांशिक बीमारी है जो आदिवासी बहुल इलाकों में ज्यादा पाई जाती है।
ये खबरें भी पढ़ें…
बीजेपी के लिए भीड़ नहीं जुटाएंगे कलेक्टर... आईएएस जीवी रश्मि के मैसेज से मचा हड़कंप
प्रशासनिक ढांचे में महिला कलेक्टरों की बढ़ती हिस्सेदारी, हिंदी बेल्ट में एमपी सबसे आगे
मध्यप्रदेश में 55 में से 17 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ
8 जिलों की कमान अब महिला कलेक्टरों के हाथ, जानिए इनका क्या रह सकता है एजेंडा?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari