मध्यप्रदेश में 55 में से 17 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ
Pawan Modiya | Mar 14, 2026, 22:25 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव धीरे-धीरे साफ दिखाई दे रहा है। अब राज्य के कई जिलों में फैसले लेने की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथों में है।
भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के कई जिलों में अब महिला (women) आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश के 55 जिलों में से 17 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ में है। प्रशासनिक इतिहास में यह पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं (प्रशासनिक अधिकारी) जिलों का नेतृत्व कर रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे प्रशासन में संवेदनशीलता, जवाबदेही और बेहतर संवाद को बढ़ावा मिल रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय प्रशासनिक सेवा में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ी है। इसका असर अब राज्यों के प्रशासनिक ढांचे में भी साफ दिखाई दे रहा है। मध्यप्रदेश (MP Administration) में कई अहम जिलों की जिम्मेदारी महिला आईएएस अधिकारियों को दी गई है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में प्रशासनिक नियुक्तियों में महिलाओं पर भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि आज प्रदेश के अलग-अलग संभागों में महिला कलेक्टर महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले ले रही हैं और विकास योजनाओं की निगरानी कर रही हैं।
फिलहाल कलेक्टर के रूप में काम कर रहीं महिला अधिकारियों में 2014 बैच की संख्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है। इस बैच की कई अधिकारी अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
• कुल जिले: 55
• महिला कलेक्टर वाले जिले: 17
• सबसे ज्यादा अधिकारी: 2014 बैच
• कई जिलों में लगातार महिला कलेक्टर की नियुक्ति
ये आंकड़े बताते हैं कि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
इन जिलों में महिला
प्रदेश के कई संभागों में महिला अधिकारियों को कलेक्टर बनाया गया है। इनमें प्रमुख जिले शामिल हैं:
इंदौर संभाग: खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर
उज्जैन संभाग: रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर
ग्वालियर संभाग: ग्वालियर
रीवा संभाग: रीवा, मऊगंज
सागर संभाग: पन्ना, निवाड़ी
नर्मदापुरम संभाग: नर्मदापुरम
जबलपुर संभाग: सिवनी, डिंडोरी
इन जिलों में महिला कलेक्टर प्रशासनिक फैसले ले रही हैं और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रख रही हैं।
हालांकि प्रदेश के कुछ बड़े जिलों में अभी तक महिला कलेक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। इनमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, सतना, सिंगरौली, छतरपुर और शहडोल जैसे जिले शामिल हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन जिलों में भी महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी मिल सकती है।
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मध्यप्रदेश में महिला नेतृत्व का नया दौर
2014 बैच की सबसे ज्यादा अधिकारी
इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- शीतला पटले
- नेहा मीना
- ऋजु बाफना
- अंजु पवन भदौरिया
प्रदेश में महिला कलेक्टरों की स्थिति
• महिला कलेक्टर वाले जिले: 17
• सबसे ज्यादा अधिकारी: 2014 बैच
• कई जिलों में लगातार महिला कलेक्टर की नियुक्ति
ये आंकड़े बताते हैं कि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
इन जिलों में महिला IAS कलेक्टर
इंदौर संभाग: खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर
उज्जैन संभाग: रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर
ग्वालियर संभाग: ग्वालियर
रीवा संभाग: रीवा, मऊगंज
सागर संभाग: पन्ना, निवाड़ी
नर्मदापुरम संभाग: नर्मदापुरम
जबलपुर संभाग: सिवनी, डिंडोरी
इन जिलों में महिला कलेक्टर प्रशासनिक फैसले ले रही हैं और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रख रही हैं।
कुछ बड़े जिलों को अब भी पहली महिला कलेक्टर का इंतजार
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