MP में मोहन सरकार ने फिर लिया 3 हजार करोड़ का लोन, करीब 35 हजार करोड़ पहुंचा कर्ज

Jitendra Shrivastava | Sept 23, 2025, 22:47 IST
Share
mohan government
Photograph: (THESOTR)

मोहन सरकार ने नवरात्र के मौके पर रिजर्व बैंक से तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है, जिससे 34900 करोड़ के लोन का आंकड़ा पार कर गया है। यह कर्ज 18 और 21 साल की अवधि के लिए लिया गया है। सितंबर के शुरुआत में सरकार ने 4000 करोड़ का कर्ज लिया था।

भारत में विभिन्न राज्य सरकारें समय-समय पर कर्ज लेती रहती हैं, लेकिन मोहन सरकार द्वारा लिया गया कर्ज इस वित्तीय वर्ष में एक बड़ी घटना है। 24 सितंबर 2023 को, सरकार ने रिजर्व बैंक से तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया। यह कर्ज 18 और 21 साल की लंबी अवधि के लिए लिया गया है। इस कर्ज के बाद सरकार का कुल कर्ज अब 34900 करोड़ तक पहुंच चुका है।

कर्ज की समयसीमा

इस कर्ज के साथ, मोहन सरकार पर अब कुल कर्ज 456640.27 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। इससे पहले, 9 सितंबर को सरकार ने चार हजार करोड़ रुपए के तीन कर्ज लिए थे, जिनकी अवधि 17 से 20 साल के बीच थी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 12487.78 करोड़ रुपए के रेवेन्यू सरप्लस की घोषणा की थी। इसका मतलब यह है कि सरकार की आय और खर्च दोनों ही संतुलित थे, बावजूद इसके कर्ज में इजाफा हुआ।

ये खबर भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें

कर्ज लेने की प्रक्रिया

मध्यप्रदेश सरकार रिजर्व बैंक से कर्ज लेने के लिए नियमित रूप से ऑक्शन प्रक्रिया का पालन करती है। इस प्रक्रिया के तहत सरकार निर्धारित अवधि के लिए कर्ज प्राप्त करती है, जिसे ब्याज के साथ चुकाना होता है। मोहन सरकार ने सितंबर में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए हैं, जिनकी अवधि 18 और 21 साल निर्धारित की गई है। सरकार ने पहले भी इस प्रकार के कर्ज लिए हैं, और ये सभी कर्ज कर्ज की सीमा के भीतर हैं।

ये खबर भी पढ़ें...

PWD सतना में 2.59 करोड़ का फर्जी भुगतान, EOW ने दर्ज किया तत्कालीन ईई और कॉन्ट्रैक्टर पर केस

कर्ज लेने का उद्देश्य

कर्ज का मुख्य उद्देश्य सरकार के वित्तीय घाटे को पूरा करना और आवश्यक सरकारी योजनाओं को पूरा करना है। यह कर्ज मध्यप्रदेश के विकास कार्यों के लिए लिया जाता है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से संबंधित होते हैं। इस कर्ज का भुगतान ब्याज के रूप में समय-समय पर किया जाता है, और इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की स्थिर वित्तीय स्थिति को बनाए रखना है।

ये खबर भी पढ़ें...

मोहन कैबिनेट बैठक: थर्मल पावर प्लांट और हेलीकॉप्टर टूरिज्म को हरी झंडी, रेजिडेंस डॉक्टर के 354 पद मंजूर

सरकार की जिम्मेदारी

एमपी सरकार के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी, विशेष रूप से 34900 करोड़ तक पहुंचने से, यह संकेत देता है कि सरकार के लिए एमपी में वित्तीय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, सरकार ने अपनी आय को बढ़ाने के लिए रेवेन्यू सरप्लस का दावा किया है, जिससे कर्ज का भुगतान समय पर हो सके। कर्ज की अदायगी के दौरान सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका वित्तीय प्रबंधन सक्षम और पारदर्शी हो।

ये खबर भी पढ़ें...

असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2022: चयनित अभ्यर्थियों ने सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री से की ये मांग

कैसे बढ़ा कर्ज

अब तक, मोहन सरकार ने कई बार कर्ज लिया है, और यह कर्ज इस वर्ष के लिए लगातार बढ़ता जा रहा है। 9 सितंबर को सरकार ने 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, वहीं इससे पहले 26 अगस्त को 4800 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए थे। इन सभी कर्जों की अवधि 16 साल से लेकर 23 साल तक रही है। सरकार के पास कर्ज लेने की सीमा तय है, और यह सभी कर्ज उसी सीमा के भीतर आते हैं।



Tags:
  • एमपी सरकार
  • मोहन सरकार
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • रिजर्व बैंक
  • एमपी में वित्तीय प्रबंधन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं