एमपी के चार आईपीएस अफसरों को ढाई महीने बाद मिला बैच

Sourabh Bhatnagar | Mar 16, 2026, 14:18 IST
Share
mp 4 ips officers service year allotment
mp 4 ips officers service year allotment

मध्यप्रदेश पुलिस सेवा से IPS बने चार अफसरों को दिसंबर में IPS दर्जा मिला था। अब ढाई महीने बाद मार्च 2026 में उनका बैच तय हुआ है। कौन हैं ये अफसर... चलिए जानते हैं

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश पुलिस सेवा के चार अफसरों को दिसंबर 2025 में IPS का दर्जा मिला था।
  • ढाई महीने बाद मार्च 2026 में उनका बैच तय किया गया है।
  • विक्रांत मुरव, सुरेंद्र कुमार जैन और आशीष खरे को सेवा वर्ष 2016 मिला।
  • राजेश रघुवंशी को सेवा वर्ष 2017 दिया गया है।
  • 1998 बैच के दो अफसर, उसी बैच के एक अन्य अफसर से वरिष्ठ हो गए हैं।

ढाई महीने बाद मिला हक

मध्यप्रदेश पुलिस सेवा के चार अफसरों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। दिसंबर 2025 में IPS का दर्जा मिलने के बाद बैच का इंतजार था, जो मार्च 2026 में खत्म हुआ।

करीब ढाई महीने बाद इन चारों अफसरों को उनका बैच आवंटित किया गया है। यह बैच IPS अफसरों की वरिष्ठता तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इसीलिए इसका इंतजार इतना जरूरी था।

कौन हैं चारों अफसर?

  • आईपीएस विक्रांत मुरव 1997 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अफसर हैं। उन्होंने पुलिस सेवा में 27 साल पूरे किए हैं।
  • सुरेंद्र कुमार जैन और आशीष खरे 1998 बैच के अफसर हैं। दोनों ने 26 साल की सेवा पूरी की है।
  • राजेश रघुवंशी भी 1998 बैच के हैं, उन्होंने 23 साल की सेवा पूरी की है।
  • आईपीएस राजेश रघुवंशी 20 मार्च 2001 को सेवा में आए थे। जबकि आईपीएस आशीष खरेऔर खरे 26 सितंबर 1998 को सेवा में आए थे।

1998 बैच में वरिष्ठता का पेच

इस आवंटन में एक दिलचस्प बात सामने आई है। बता दें कि 1998 बैच के आईपीएस सुरेंद्र कुमार जैनऔर खरे को उसी बैच के रघुवंशी से वरिष्ठ माना गया है। तीनों एक ही बैच से हैं, लेकिन सेवा में आने की तारीख अलग-अलग है।

जैन और खरे 1998 में आए थे और रघुवंशी 2001 में आए थे। इसी आधार पर जैन और खरे को रघुवंशी से वरिष्ठ माना गया है। यह IPS में वरिष्ठता तय करने का एक सामान्य नियम है।

IPS दर्जा और बैच क्यों जरूरी है?

राज्य पुलिस सेवा के अफसर जब IPS में पदोन्नत (आईपीएस पदोन्नति) होते हैं, तो उनकी एक नई पहचान बनती है। IPS दर्जा मिलने के बाद सेवा वर्ष तय होता है।

यह सेवा वर्ष बताता है कि अफसर कब से IPS अफसर माने जाएंगे। इसी से उनकी आगे की पदोन्नति और वरिष्ठता तय होती है। इसीलिए ढाई महीने का इंतजार इन चारों अफसरों के करियर के लिए अहम था।

सोर्स क्रेडिट: मध्यप्रदेश गृह विभाग, IPS आवंटन आदेश, मार्च 2026 (खबर में संदर्भित)

FAQ

  1. IPS बैच क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?
    IPS सेवा वर्ष वह साल होता है जिससे किसी अफसर की IPS में वरिष्ठता की गिनती शुरू होती है। जब राज्य पुलिस सेवा के अफसर IPS में पदोन्नत होते हैं, तो उन्हें एक सेवा वर्ष दिया जाता है। यह सेवा वर्ष उनकी असली सेवा अवधि और बैच के आधार पर तय होता है। इससे यह तय होता है कि वे किन अफसरों से वरिष्ठ या कनिष्ठ हैं। आगे की पदोन्नति, पोस्टिंग और अन्य सेवा लाभ इसी सेवा वर्ष के आधार पर मिलते हैं। इसीलिए IPS दर्जा मिलने के बाद सेवा वर्ष का आवंटन बेहद जरूरी होता है।


ये खबरें भी पढ़ें...
स्लम से IPS तक… आईपीएस मयंक गुर्जर के संघर्ष और जिद की कहानी

आईएएस रवि सिहाग एमपी छोड़ केंद्र का बनेंगे हिस्सा, मध्यप्रदेश के दो आईपीएस केंद्र में इम्पैनलमेंट

देश के 30 आईपीएस अधिकारियों में छग के अमित कुमार का भी नाम, केंद्र ने एडीजी रैंक के लिए किया इंपैनल

आईपीएस पंकज चौधरी का मध्यस्थता से सुलझेगा प्रमोशन विवाद, कैट ने सरकार को दिया यह आदेश



Tags:
  • मध्यप्रदेश पुलिस
  • मध्यप्रदेश गृह विभाग
  • आईपीएस पदोन्नति
  • आईपीएस विक्रांत मुरव
  • आईपीएस राजेश रघुवंशी
  • आईपीएस सुरेंद्र कुमार जैन
  • आईपीएस आशीष खरे
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज