डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार से हटेगा प्रभारी शब्द, पदोन्नति के लिए PSC में हुई DPC

Sanjay Gupta | Jul 06, 2026, 21:04 IST
Share
छह साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया
छह साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया

आखिरकार 6 साल के लंबे इंतजार के बाद मप्र में डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदारों की पदोन्नति का रास्ता खुल गया। इसके लिए सोमवार को दिनभर पीएससी ऑफिस में डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक हुई। करीब 450 अधिकारी पदोन्नत होने जा रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छह साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हुई।
  • पीएससी में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई।
  • करीब 450 अधिकारियों को मिलेगा लाभ।
  • प्रभारी शब्द हटाकर नियमित पदोन्नति होगी।
  • आगे की पदोन्नति का रास्ता भी खुलेगा।
Indore. मप्र में सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा पदोन्नति के संबंध में दिशा निर्देश जारी करने के बाद मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) में सोमवार को डीपीसी बैठक हुई। इसके पीएस सामान्य प्रशासन एम. शेलवेंद्रन और पीएस राजस्व ई. रमेश कुमार इंदौर पहुंचे थे। दोनों सुबह ही आयोग के दफ्तर पहुंच गए और वहां देर रात तक बैठक हुई।

450 अधिकारियों को मिलेगा लाभ

सूत्रों के अनुसार इस पदोन्नति प्रक्रिया से करीब 450 अधिकारियों को लाभ मिलेगा। इनमें प्रभारी डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी तहसीलदार दोनों शामिल हैं। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों के नाम के आगे लगा "प्रभारी" शब्द हट जाएगा। उन्हें नियमित पद पर नियुक्ति मिलेगी। इस फैसले से वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

250 अधिकारी बनेंगे डिप्टी कलेक्टर

जानकारी के अनुसार करीब 250 प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अब औपचारिक तौर पर डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत होंगे। यह मुख्य तौर पर साल 2008 बैच के चयनित नायब तहसीलदार हैं, जो साल 2014 में तहसीलदार बन गए। लेकिन इसके बाद जो पदोन्नति औसतन 6 साल में होकर डिप्टी कलेक्टर होना थी वह नहीं हुई। बाद में इन्हें उच्च पद का प्रभार दे दिया गया। अब औपचारिक तौर पर यह डिप्टी कलेक्टर बनेंगे, जिसके बाद आगे संयुक्त कलेक्टर बनने का रास्ता खुलेगा।

नायब तहसीलदार से तहसीलदार बनेंगे

इसके साथ ही करीब 200 प्रभारी तहसीलदार औपचारिक तौर पर तहसीलदार पद पर पदोन्नत होंगे। अभी इन सभी को प्रभार सौंपा हुआ था। इसके बाद इनके आगे डिप्टी कलेक्टर बनने के रास्ते खुलेंगे।

इंदौर में ये होंगे पदोन्नत

इंदौर से प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अजय शुक्ला, निधि वर्मा, सीमा कनेश, प्रियंका चौरसिया, सीएस हुड्डा, विनोद राठौर यह सभी पदोन्नत होंगे। वहीं इंदौर में लगभग सभी प्रभारी तहसीलदार भी पदोन्नत हो रहे हैं।

छह साल से रुकी थी प्रक्रिया

राज्य में पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई थी। इसका असर राजस्व विभाग के सैकड़ों अधिकारियों पर पड़ा। इस दौरान कई अधिकारियों को उच्च पद का केवल प्रभार दिया गया। लेकिन नियमित पदोन्नति नहीं मिल सकी। अब विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक होने के बाद वर्षों से लंबित मामला आगे बढ़ गया है। यदि समिति की अनुशंसाओं को मंजूरी मिलती है, तो जल्द ही पदोन्नति आदेश जारी किए जा सकते हैं।

अधिकारियों के लिए क्यों अहम है फैसला

नियमित पद मिलने से अधिकारियों की वरिष्ठता स्पष्ट होगी। वेतनमान और सेवा लाभ भी नियमों के अनुसार तय होंगे। आगे होने वाली पदोन्नतियों में भी इन अधिकारियों को लाभ मिलेगा। इससे विभाग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। राजस्व प्रशासन में निर्णय प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

ये खबरें भी पढ़ें...

आशा-उषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मानदेय रोकने और वेतन कटौती का आरोप

सीजीपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में सीरीज सिलेक्शन, जांच की उठी मांग

MP में 10 साल बाद प्रमोशन का नया गणित, 85% पदोन्नति आरक्षित वर्ग के नाम!

MP प्रमोशन: हाई कोर्ट में केस चलते हुए भी सशर्त मिल सकती है पदोन्नति!

Tags:
  • सीएम डॉ. मोहन यादव
  • मप्र लोक सेवा आयोग
  • डिप्टी कलेक्टर
  • पदोन्नति
  • तहसीलदार
  • नायब तहसीलदार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान