आशा-उषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मानदेय रोकने और वेतन कटौती का आरोप
Neel Tiwari | Jul 06, 2026, 20:43 IST
Photograph: (THESOOTR)
JABALPUR. जबलपुर में आशा, उषा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मानदेय में देरी, 1000 रुपए वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने, जबरन वेतन कटौती के आरोप लगाए।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- आशा-उषा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
- फरवरी से जून 2026 तक मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने का आरोप।
- ₹1000 वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने और जबरन वेतन कटौती का लगाया आरोप।
- कायकल्प राशि में गड़बड़ी, अपमानजनक व्यवहार और भ्रष्टाचार की जांच की मांग।
- मांगें पूरी नहीं होने पर विधानसभा घेराव और प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी।
'आशा उषा आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा, मध्य प्रदेश' और 'आशा उषा पर्यवेक्षक एकता यूनियन' के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचीं और मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक के नाम कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ज्ञापन देते हुए विरोध दर्ज किया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब उन्हें केवल समाधान चाहिए। यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा।
फरवरी से जून तक का मानदेय अटका
कार्यकर्ताओं का कहना है कि बेहद कम आय में परिवार का भरण-पोषण करने वाली महिलाओं के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जबकि वे गांवों और शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई हैं।
जबरन कटौती करने का गंभीर आरोप
इसके अलावा बिना किसी जांच और स्पष्ट कारण के कई कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी कटौती की जा रही है। यूनियन ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण और अमानवीय व्यवहार बताते हुए पूरी राशि वापस करने की मांग की है।
'कायकल्प' राशि में गड़बड़ी के आरोप
साथ ही मेडिकल कॉलेज और एल्गिन अस्पताल में कार्यकर्ताओं के साथ लगातार अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत भी ज्ञापन में दर्ज कराई गई है। उनका कहना है कि इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार गिर रहा है।
गैर-विभागीय कार्यों से राहत सहित कई मांगें
आयुष्मान कार्ड जैसे गैर-विभागीय कार्यों के लिए दबाव समाप्त करने, कंप्यूटर ऑपरेटर का खर्च विभाग द्वारा वहन करने, वर्ष में दो जोड़ी ड्रेस, स्वेटर, जूते और छाता के लिए 2500 रुपए देने, प्रत्येक जिले और विकासखंड में आशा रेस्ट रूम बनाने तथा प्रशिक्षण के नाम पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
आश्वासन नहीं, लिखित समाधान चाहिए
अब वे किसी भी मौखिक वादे पर भरोसा नहीं करेंगी। उनका कहना है कि भुगतान, वेतन और अन्य मांगों पर स्पष्ट समय-सीमा के साथ लिखित आदेश जारी किए जाएं। साथ ही सेवानिवृत्त आशा कार्यकर्ताओं को आशा कल्याणकारी योजना के तहत ₹1.20 लाख की सहायता राशि का भुगतान भी तत्काल किया जाए।
8 जुलाई को NHM मुख्यालय घेरने की तैयारी
इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो विधानसभा घेराव सहित पूरे मध्य प्रदेश में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी नाराज
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाते हैं या यह आंदोलन आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाला बड़ा आंदोलन बन जाता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
प्रमोशन में आरक्षण मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच में लिस्ट, 7 को फिर सुनवाई
समग्र पोर्टल में सबसे बड़ी सेंध? ₹199 में बदल रहा पूरा परिवार, बिक रहे आयुष्मान के हकदार
फॉर्म सही था, नीयत आयोग की खराब थी: नामांकन रद्द होने पर बोलीं मीनाक्षी नटराजन
सर्वजीत लोधी की गिरफ्तारी पर प्रह्लाद पटेल के सवाल, बोले- अपमानित करने की साजिश
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava