MP में गहराया बिजली का संकट: 17 हजार मेगावाट पार डिमांड, किसानों के सामने आई सिंचाई की परेशानी

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 16, 2026, 12:55 IST
Share
मध्य प्रदेश में बिजली की मार, रबी सीजन में किसानों के सामने सिंचाई का संकट
मध्य प्रदेश में बिजली की मार, रबी सीजन में किसानों के सामने सिंचाई का संकट

मध्य प्रदेश बिजली संकट से जूझ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बिजली की डिमांड 17 हजार मेगावाट के पार है और रात में 13 हजार मेगावाट भी पूरी नहीं हो रही। रबी सीजन सिंचाई के लिए किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही। बिजली कटौती से नाराजगी बढ़ी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कमी दूर करने के प्रयास की बात कही है।

रबी सीजन सिंचाई पर बिजली की मार

अक्टूबर की शुरुआत में ही सरसों की बुवाई शुरू हो जाती है। यह बिजली संकट ऐसे समय आया है, जब खेतों को पानी की जरूरत है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली वितरण कंपनियां रबी सीजन में सिंचाई के लिए 10 घंटे लगातार बिजली नहीं दे पा रही हैं।

इससे किसानों में सरकार और बिजली कंपनियों के खिलाफ काफी नाराजगी है। जरा सोचिए, खेत तैयार हैं, फसल बोने का समय है, लेकिन सिंचाई के लिए बिजली ही नहीं मिल रही।

लेकिन इस पूरे मामले की असली तस्वीर रात के आंकड़ों में छिपी है।

रात में क्यों नहीं पूरी हो रही डिमांड?

दिन में बिजली बनाने वाले सभी सोलर पावर प्लांट रात में बिजली नहीं दे पाते। रिपोर्ट के मुताबिक, रात में सोलर और विंड प्लांट से बिजली का उत्पादन 300 से 400 मेगावाट तक घट जाता है। प्रदेश में सोलर प्लांट की अनुबंधित क्षमता पांच हजार 270 मेगावाट और विंड प्लांट की क्षमता दो हजार 778 मेगावाट है।

थर्मल प्लांट का रखरखाव, अनुमति किसने दी?

राज्य, केंद्र और निजी थर्मल पावर प्लांट की कई यूनिट सालाना मेंटेनेंस के चलते बंद हैं। इसके कारण करीब दो हजार 400 मेगावाट बिजली कम बन रही है, जबकि थर्मल प्लांट की कुल अनुबंधित क्षमता 10 हजार 213 मेगावाट है।

रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि इन प्लांट्स के मेंटेनेंस का शेड्यूल कौन तय करता है। जब रबी सीजन शुरू होने वाला है, तब भी मेंटेनेंस का काम जारी रहा। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि इसकी अनुमति किसने दी।

हाइडल प्लांट बंद, 400 मेगावाट की कमी

रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर, इंदिरा सागर, राजघाट और एक अन्य हाइडल प्लांट बंद होने से 400 मेगावाट बिजली की कमी हो गई है। पानी की कमी के चलते ओंकारेश्वर हाइडल प्लांट भी पहले ही बंद किया जा चुका है। इन हाइडल प्लांट्स की अनुबंधित क्षमता 3286 मेगावाट है।

बैंकिंग में दिए 500 मेगावाट नहीं लौटे

मध्य प्रदेश दूसरे राज्यों को 500 मेगावाट बिजली बैंकिंग (उधार देना) में दे रहा है। मांग बढ़ने पर यह बिजली वापस नहीं मिल पा रही। रिपोर्ट के मुताबिक शाम 5 के बाद बिजली कंपनियों के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।

जय विलास पैलेस का बिजली बिल: रानी महल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के घर का बिल जानकर चौंक जाएंगे आप! | Jai Vilas Palace Electricity Bill: You will be shocked to know the bill of Jyotiraditya Scindia's house in Rani Mahal!
जय विलास पैलेस के जिस रानी महल में बसता है ज्योतिरादित्य सिंधिया का दिल, उसमें आया कितना बिल!
14 Oct 2026 ,
By Ratan Kumar Mishra
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों को देखकर देश हैरान है। इस Expose की पहली कड़ी में आपने जाना कि कैसे पैलेस में चल रहे ट्रस्टों और दूसरे कार्यालयों का सालभर का बिल आम गरीब आदमी के बिजली बिल से भी कम आ रहा है। अब दूसरी कड़ी में thesootr और भी चौंकाने वाले खुलासे करने जा रहा है…
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों को देखकर देश हैरान है। इस Expose की पहली कड़ी में आपने जाना कि कैसे पैलेस में चल रहे ट्रस्टों और दूसरे कार्यालयों का सालभर का बिल आम गरीब आदमी के बिजली बिल से भी कम आ रहा है। अब दूसरी कड़ी में thesootr और भी चौंकाने वाले खुलासे करने जा रहा है…

एनर्जी एक्सचेंज में 15 रुपए यूनिट

रिपोर्ट के मुताबिक, अल नीनो के असर से देशभर में बिजली संकट की स्थिति बनी हुई है। कम बारिश और जलस्तर घटने से हाइड्रो पावर यानी पानी से बनने वाली बिजली का उत्पादन कम हो गया। वहीं, गर्मी और उमस के कारण बिजली की मांग बढ़ गई। साल 2026 में भारत में सामान्य से करीब 13% कम बारिश हुई।

एनर्जी एक्सचेंज यानी बिजली खरीदने-बेचने के बाजार में खरीदारों की मांग 1 लाख मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि बेचने वालों के पास सिर्फ 10 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध है। ऐसे में 15 रुपए प्रति यूनिट की कीमत पर भी बिजली खरीदी जा रही है।

केंद्र की एडवाइजरी, फिर भी देरी

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने करीब 10 जुलाई को सभी राज्यों के ऊर्जा विभागों और बिजली कंपनियों को एक सलाह पत्र भेजा था। इसमें अक्टूबर में बिजली की मांग काफी बढ़ने का अनुमान जताया गया था। साथ ही, सिंचाई के लिए पहले से तैयारी करने की बात भी कही गई थी।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य के ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने इस सलाह को गंभीरता से नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, अब इसका खामियाजा मोहन सरकार को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि, इस दावे पर विभाग का पक्ष रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

बैटरी बैकअप बन सकता है विकल्प

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य के ऊर्जा विभाग और कंपनियों के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका खामियाजा अब मोहन सरकार को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि, इस मामले में विभाग का पक्ष रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

प्रयास जारी, बोले ऊर्जा मंत्री तोमर

प्रदेश में इस सालकुछ क्षेत्रों में अल्पवृष्टि, धान की सिंचाई एवं पलेवा के चलते बिजली की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। पिछले साल14 अक्टूबर 2025 की अधिकतम मांग 11874 मेगावाट थी, जो इस साल 17124 मेगावाट हो गई है। मांग में लगभग 5000 मेगावाट की वृद्धि हुई है। जिसे पूरा करने का प्रयास जारी है।
By: प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री, मध्य प्रदेश शासन
ऊर्जा मंत्री Pradyuman Singh Tomar के बयान में 11874 से 17124 मेगावाट का आंकड़ा है। Madhya Pradesh electricity demand एक साल में करीब 5000 मेगावाट बढ़ी है। अब देखना यह है कि रात की कमी कैसे पूरी होती है।

मध्य प्रदेश बिजली कंपनियों की विजिलेंस पर सवाल: जय विलास पैलेस के बिलों की जांच में लापरवाही, करोड़ों का खर्च, फिर भी कार्रवाई का इंतजार | Questions on Madhya Pradesh Electricity Companies' Vigilance: Negligence in Jay Vilas Palace Bill Investigation, Crores Spent, Yet Awaiting Action
बिजली चोरी पकड़ने के लिए और कितने अफसर चाहिए? मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों की 'द सूत्र' ने की पड़ताल
15 Oct 2026 ,
By Atul Tiwari
मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों के विजिलेंस सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। आम उपभोक्ता की कम खपत पर जांच होती है। दूसरी ओर जय विलास पैलेस के कुछ कनेक्शनों में बेहद कम बिल दर्ज हैं। 'द सूत्र' की पड़ताल में अफसरों की जिम्मेदारी, स्टाफ की कमी और जांच की अनुमति से जुड़े सवाल सामने आए हैं।
मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों के विजिलेंस सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। आम उपभोक्ता की कम खपत पर जांच होती है। दूसरी ओर जय विलास पैलेस के कुछ कनेक्शनों में बेहद कम बिल दर्ज हैं। 'द सूत्र' की पड़ताल में अफसरों की जिम्मेदारी, स्टाफ की कमी और जांच की अनुमति से जुड़े सवाल सामने आए हैं।

अगले सात दिन में बढ़ सकता है संकट

आने वाले दिनों में बिजली की परेशानी और बढ़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले सात दिनों में रोजाना बिजली की मांग 18 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है।

इसके मुकाबले करीब 15 हजार 800 मेगावाट बिजली उपलब्ध होने का अनुमान है।

ऐसे में मांग और उपलब्धता के बीच दो हजार 200 मेगावाट का अंतर रह सकता है।

इस वजह से फिलहाल बिजली कटौती पूरी तरह बंद होने की उम्मीद कम है।

बिजली संकट पर सरकार की अगली चुनौती

प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने से सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में ज्यादा परेशानी सामने आ रही है।

सरकार दूसरे राज्यों से बिजली लेकर सप्लाई सुधारने की कोशिश कर रही है। लेकिन आने वाले दिनों में मांग 18 हजार मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।

ऐसे में किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है।
Tags:
  • MP में गहराया बिजली का संकट
  • मध्य प्रदेश बिजली संकट
  • बिजली की डिमांड
  • ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
  • बिजली कटौती
  • सिंचाई की परेशानी
  • बिजली का उत्पादन
  • बिजली की मांग
  • केंद्रीय विद्युत मंत्रालय
  • ऊर्जा विभाग
मंत्री झाबर सिंह खर्रा की भाभी का टिकट भाजपा से कटा, बेटे ने पहले ही भर दिया था निर्दलीय पर्चा

By Ashish Bhardwaj

मंत्री झाबर सिंह खर्रा की भाभी का टिकट भाजपा से कटा, बेटे ने पहले ही भर दिया था निर्दलीय पर्चा
इंदौर में RSS का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, जुटेंगे 1 लाख स्वयंसेवक, भागवत समेत 450 से ज्यादा पदाधिकारी आएंगे

By Sanjay Gupta

इंदौर में RSS का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, जुटेंगे 1 लाख स्वयंसेवक, भागवत समेत 450 से ज्यादा पदाधिकारी आएंगे
दुर्ग के भारती आयुर्वेद कॉलेज को BAMS की सीटों पर काउंसलिंग की अनुमति, दाखिले के लिए लेनी होगी अलग मंजूरी

By Harrison Masih

दुर्ग के भारती आयुर्वेद कॉलेज को BAMS की सीटों पर काउंसलिंग की अनुमति, दाखिले के लिए लेनी होगी अलग मंजूरी
डीएवीवी इंदौर में गर्भ संस्कार में होगा PG डिप्लोमा: जुलाई 2027 से शुरू हो सकता है कोर्स; पहले बैच में 30 सीटें

By Arohi Raj

डीएवीवी इंदौर में गर्भ संस्कार में होगा PG डिप्लोमा: जुलाई 2027 से शुरू हो सकता है कोर्स; पहले बैच में 30 सीटें
राजस्थान में वोटर लिस्ट अपडेट होगी, 18 साल के युवाओं को भी मौका; अब तक 4.80 लाख आवेदन

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान में वोटर लिस्ट अपडेट होगी, 18 साल के युवाओं को भी मौका; अब तक 4.80 लाख आवेदन
Rajasthan Politics News: जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से जमानत मंजूर

By Jageshwar prasad

Rajasthan Politics News: जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से जमानत मंजूर
दीपावली पर जयपुर नगर निगम का अजीब रूट प्लान: निजी कंपनी की दूरी घटी, निगम के कॉम्पैक्टर पर बढ़ा बोझ

By Ashish Bhardwaj

दीपावली पर जयपुर नगर निगम का अजीब रूट प्लान: निजी कंपनी की दूरी घटी, निगम के कॉम्पैक्टर पर बढ़ा बोझ