मध्य प्रदेश वन विभाग में बड़ा फेरबदल: समीता राजौरा बनीं मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक

Pawan Modiya | Apr 01, 2026, 23:08 IST
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Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश वन विभाग फेरबदल में बड़ा फैसला, समीता राजौरा मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक (Chief Wildlife Warden) नियुक्त। कमोलिका मोहन्ता को लघु वनोपज संघ का नया प्रबंध संचालक बनाया गया।

मध्य प्रदेश में वन प्रशासन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश वन विभाग फेरबदल (MP Forest Department Transfer) के तहत भारतीय वन सेवा (IFS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं।

इस प्रशासनिक बदलाव में वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी Samita Rajoura को प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी यानी मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक (Chief Wildlife Warden) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद राज्य में वन्यजीव संरक्षण और राष्ट्रीय उद्यानों की निगरानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

राज्य सरकार के इस फैसले के साथ ही वन विभाग के प्रशासनिक ढांचे में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका असर विभाग की नीतियों और कार्यप्रणाली पर भी देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश वन विभाग फेरबदल (MP Forest Department Transfer)

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय वन सेवा के चार वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक (Chief Wildlife Warden) के पद पर किया गया है, जहां समीता राजौरा को नई जिम्मेदारी दी गई है।

इससे पहले वह Madhya Pradesh State Minor Forest Produce Federation यानी मप्र राज्य लघु वनोपज संघ में प्रबंध संचालक (Managing Director) के पद पर कार्यरत थीं।

समीता राजौरा को क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी?

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस नियुक्ति में वरिष्ठता, प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता को प्राथमिकता दी है। समीता राजौरा को वन प्रशासन, वन्यजीव संरक्षण और नीति निर्माण में लंबे अनुभव के कारण इस पद के लिए उपयुक्त माना गया।

मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक के रूप में उनकी भूमिका में शामिल होगा:

  • राज्य के वन्यजीव अभयारण्यों की निगरानी
  • राष्ट्रीय उद्यानों का संरक्षण
  • वन्यजीव संरक्षण नीतियों का क्रियान्वयन
  • अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी पर नियंत्रण

कमोलिका मोहन्ता को लघु वनोपज संघ का MD बनाया गया

समीता राजौरा के स्थान पर Kamolika Mohanta को मध्य प्रदेश लघु वनोपज संघ का नया प्रबंध संचालक बनाया गया है। वह इससे पहले अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) के पद पर मुख्यालय में पदस्थ थीं।

पहली बार APCCF स्तर के अधिकारी को मिली जिम्मेदारी

जानकारों के अनुसार यह पहला अवसर है जब APCCF (Additional Principal Chief Conservator of Forests) स्तर के अधिकारी को लघु वनोपज संघ का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इस निर्णय को सरकार द्वारा प्रशासनिक सुधार और बेहतर प्रबंधन की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

विभाष ठाकुर को मिली नई जिम्मेदारी

वन विभाग में हुए इस फेरबदल के तहत Vibhash Kumar Thakur को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वह अब तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) के पद पर कार्यरत थे। सरकार ने उन्हें Atal Bihari Vajpayee Institute of Good Governance and Policy Analysis का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह संस्थान राज्य में नीति अनुसंधान, प्रशासनिक सुधार और सुशासन से जुड़े अध्ययन के लिए जाना जाता है।

अर्चना शुक्ला को अनुसंधान एवं विस्तार की जिम्मेदारी

इसी फेरबदल के तहत Archana Shukla को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। अब तक वह प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन विकास निगम के पद पर थीं।सरकार ने उन्हें अनुसंधान एवं विस्तार विभाग में पदस्थ किया है।

वन बल प्रमुख के पद को लेकर भी चल रही थी चर्चा

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार हाल ही में वन बल प्रमुख (Head of Forest Force) के पद को लेकर भी कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में थे। इनमें विभाष ठाकुर का नाम भी शामिल था। हालांकि सरकार ने अंततः Shubh Ranjan Sen को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी।

मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक पद के लिए और कौन था दावेदार?

सूत्रों के अनुसार मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक पद के लिए दो प्रमुख नाम चर्चा में थे:

  • समीता राजौरा
  • बीएस अन्नीगिरी
अंततः सरकार ने वरिष्ठता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए समीता राजौरा के नाम को मंजूरी दी।

प्रशासनिक बदलाव से क्या उम्मीदें?

विशेषज्ञों का मानना है कि वन विभाग में किए गए इन बदलावों से वन्यजीव संरक्षण योजनाओं को गति मिलेगी। प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। साथ ही नीति निर्माण और अनुसंधान को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा लघु वनोपज संघ में नई नियुक्ति से वन उत्पादों के प्रबंधन और आदिवासी अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

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