मध्यप्रदेश की 5.46 लाख हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण, देश में हम अव्वल
Reena Sharma Vijayvargiya | May 12, 2025, 10:22 IST
The sootr
मप्र में 5.46 लाख हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण, भोपाल समेत कई जिलों में कब्जा, शाजापुर इकलौता जिला जहां कब्जा नहीं। यह कुल वन भूमि का 7.17 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal - NGT) में दाखिल मध्यप्रदेश सरकार के हलफनामे के अनुसार, राज्य की 5.46 लाख हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण (Encroachment) हो चुका है। यह राज्य की कुल वन भूमि का 7.17% हिस्सा है, जो देश में सबसे अधिक है।
NGT ने वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से रिपोर्ट मांगी थी। मप्र का आंकड़ा सबसे गंभीर रूप में सामने आया।
मध्यप्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक असीम श्रीवास्तव ने बताया कि वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की रणनीति बनाई जा रही है। हर जिले में प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जा रही है।
खबर यह भी : हरदा ब्लास्ट : हाईकोर्ट ने NGT के आदेश को रखा बरकरार, अब मिलेगा मुआवजा
नए अतिक्रमण की पहचान के लिए मोबाइल एप तैयार किया गया है, जो अतिक्रमण की लाइव जानकारी देगा।
राज्य सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2024 में अब तक 17,496 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
खबर यह भी : NGT ने बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत पर लिया संज्ञान, कई अधिकारी तलब
छिंदवाड़ा, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, अलीराजपुर जैसे निमाड़ के जिले टॉप 10 में हैं।
यह एकमात्र ऐसा जिला है जहां वन भूमि पर कोई अतिक्रमण दर्ज नहीं हुआ है।
खबर यह भी : झिन्ना खदान पर NGT सख्त, कलेक्टर, वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय से मांगा जवाब
सिर्फ 28.88 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा हुआ है।
कानूनी पहलू और संरक्षण की अनिवार्यता बिना केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और राज्य सरकार की अनुमति के वन भूमि का उपयोग, परिवर्तन या कोई निर्माण प्रतिबंधित है।
स्थिति विवरण
एनजीटी ने लिया स्वत: संज्ञान
- अन्य राज्यों की स्थिति: असम, कर्नाटक, अरुणाचल भी प्रभावित
- असम: 3.62 लाख हेक्टेयर अतिक्रमित वन भूमि
- कर्नाटक: 86,308.44 हेक्टेयर
- अरुणाचल प्रदेश: 53,500 हेक्टेयर
- पुडुचेरी और लक्षद्वीप: कोई अतिक्रमण नहीं
- अन्य राज्यों जैसे बिहार, तेलंगाना, हिमाचल ने डेटा नहीं दिया
सरकार की कार्रवाई और रणनीति
वन बल प्रमुख का बयान
खबर यह भी : हरदा ब्लास्ट : हाईकोर्ट ने NGT के आदेश को रखा बरकरार, अब मिलेगा मुआवजा
मोबाइल एप से निगरानी
2024 में 17 हजार हेक्टेयर भूमि कराई गई मुक्त
खबर यह भी : NGT ने बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत पर लिया संज्ञान, कई अधिकारी तलब
जिला-वार स्थिति: शाजापुर बना मिसाल
टॉप 10 में शामिल जिले
शाजापुर एकमात्र जिला
खबर यह भी : झिन्ना खदान पर NGT सख्त, कलेक्टर, वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय से मांगा जवाब
बालाघाट में सबसे कम अतिक्रमण
कानूनी पहलू और संरक्षण की अनिवार्यता बिना केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और राज्य सरकार की अनुमति के वन भूमि का उपयोग, परिवर्तन या कोई निर्माण प्रतिबंधित है।
मप्र में अतिक्रमण की स्थिति (संक्षेप में)
- कुल अतिक्रमण 5.46 लाख हेक्टेयर
- कुल वन क्षेत्र में प्रतिशत 7.17%
- सबसे ज्यादा अतिक्रमण - छिंदवाड़ा
- सबसे कम - बालाघाट (28.88 हेक्टेयर)
- कोई अतिक्रमण नहीं - शाजापुर
FAQ
- मप्र में सबसे अधिक अतिक्रमण वाला जिला कौन सा है?
छिंदवाड़ा जिला मध्यप्रदेश में वन भूमि पर सबसे अधिक अतिक्रमण वाला जिला है, जहां पाढुर्ना क्षेत्र भी शामिल है। - क्या मप्र सरकार ने अतिक्रमण हटाने के लिए कोई प्रयास किए हैं?
हां, राज्य सरकार ने 2024 में 17,496 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और अब मोबाइल एप से निगरानी शुरू की गई है। - क्या शाजापुर में भी अतिक्रमण है?
नहीं, शाजापुर मध्यप्रदेश का एकमात्र जिला है जहां अब तक वन भूमि पर कोई अतिक्रमण दर्ज नहीं हुआ है।
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari