4.5 लाख कर्मचारियों की नजर 29 जून की बैठक पर, क्या प्रमोशन की राह खुलेगी?

Ramanand Tiwari | Jun 29, 2026, 08:30 IST
Share
4.5 लाख कर्मचारियों की नजर 29 जून की बैठक पर
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. मध्य प्रदेश के 4.5 लाख कर्मचारी 29 जून की बैठक पर नजर लगाए हैं। बैठक में प्रमोशन प्रक्रिया की तैयारी की समीक्षा होगी, लेकिन अंतिम फैसला कानूनी स्थिति पर निर्भर रहेगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • 29 जून को मंत्रालय में 20 विभागों के अधिकारियों की अहम बैठक।
  • सभी विभागों को कैडर और रिक्त पदों का पूरा ब्यौरा लाने के निर्देश।
  • प्रमोशन नियमों को लेकर मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित।
  • सरकार तैयारी पूरी बता रही, कर्मचारी संगठन सवाल उठा रहे।
  • कर्मचारियों की नजर इस बैठक के अगले कदम पर।
मध्य प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख सरकारी कर्मचारियों की निगाहें अब 29 जून को मंत्रालय में होने वाली अहम बैठक पर टिक गई हैं। मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद सभी विभाग अपनी तैयारी पूरी कर चुके हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कर्मचारी प्रमोशन का मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब क्या यह बैठक कोई ठोस फैसला निकाल पाएगी या फिर केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह जाएगी?

लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रमोशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। विभागों से कैडर, स्वीकृत पद, रिक्तियां और पात्र कर्मचारियों का पूरा विवरण मांगा गया है।

हालांकि, प्रशासनिक तैयारी पूरी होने के बावजूद असली चुनौती कानूनी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में चर्चा इस बात की है कि बैठक में आगे की रणनीति बनेगी या फिर निर्णय अदालत की अगली सुनवाई पर ही निर्भर रहेगा।

क्या केवल समीक्षा बैठक बनकर रह जाएगी?

सूत्रों के मुताबिक सभी विभाग अपने-अपने दस्तावेज लेकर बैठक में पहुंचेंगे। लेकिन चूंकि प्रमोशन नियमों को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है, इसलिए बैठक में किसी बड़े फैसले की संभावना को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी अलग-अलग राय है।

यही वजह है कि कर्मचारी वर्ग भी यह जानना चाहता है कि बैठक के बाद कोई स्पष्ट रोडमैप सामने आएगा या सिर्फ विभागीय तैयारियों की समीक्षा तक मामला सीमित रहेगा।

2016 से रुकी प्रक्रिया, अब फिर उम्मीदें

प्रदेश में आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण वर्ष 2016 से पदोन्नति प्रक्रिया लगभग ठप है। गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार ने वर्ष 2025 में नए पदोन्नति नियम लागू किए, लेकिन इन नियमों को भी न्यायालय में चुनौती मिल गई।

सरकार का तर्क है कि नए नियमों पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है, इसलिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हुए बिना जल्दबाजी उचित नहीं होगी।

बैठक के बाद क्या बदल सकता है?

यदि बैठक में विभागीय आंकड़ों का सत्यापन पूरा हो जाता है और आगे की कार्ययोजना तय होती है, तो प्रमोशन प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना बन सकती है। लेकिन यदि कानूनी स्थिति को देखते हुए कोई ठोस प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया जाता, तो लाखों कर्मचारियों का इंतजार कुछ और लंबा हो सकता है।

कर्मचारियों की निगाह अब सिर्फ एक सवाल पर

29 जून की बैठक से पहले सरकारी मशीनरी पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रही है। लेकिन कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी चर्चा यही है कि क्या यह बैठक वर्षों से अटके प्रमोशन विवाद को आगे बढ़ाने का रास्ता बनाएगी या फिर यह भी सिर्फ एक औपचारिक कवायद साबित होगी।

फिलहाल इसका जवाब बैठक के बाद सरकार की अगली कार्रवाई और न्यायालय में मामले की प्रगति से ही साफ हो सकेगा।

ये खबरें भी पढ़ें...

मध्यप्रदेश में फिर शुरू होंगे प्रमोशन, खत्म होगा कर्मचारियों का 10 साल का वनवास

SPS से IPS प्रमोशन की दौड़ में 8 अफसर सफल, एक नाम जांच में अटका

विभागीय कार्रवाई की देरी से IPS प्रमोशन पर संकट, CAT ने ASP को दी अंतरिम राहत

एमपी पुलिस का डिजिटल तैयारी पर जोर, हर थाने में डिजिटल रजिस्टर बनाने का सुझाव

Tags:
  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • मध्य प्रदेश
  • हाईकोर्ट
  • पदोन्नति
  • मुख्य सचिव
  • कर्मचारी प्रमोशन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By Umeshwari Baghel

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?

By Arohi Raj

वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड

By Umeshwari Baghel

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर

By Sanjay Gupta

बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर