MP में ई-ऑफिस सिस्टम लागू , ऑनलाइन दौड़ेंगी फाइलें, CM ने किया शुभारंभ
Raj Singh | Jan 02, 2025, 09:02 IST
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2025 के पहले दिन मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जाएगी।
2025 के पहले दिन मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी कार्यप्रणाली में एक अहम बदलाव किया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जाएगी। इस प्रणाली के तहत, कागजी दस्तावेजों की जगह अब पूरी कार्यवाही ऑनलाइन होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन से इस प्रणाली की शुरुआत की।
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ई-ऑफिस प्रणाली प्रदेशभर में तीन चरणों में लागू की जाएगी। पहले चरण के तहत, 1 जनवरी से यह मंत्रालय में पूरी तरह से लागू कर दी गई हैं। अब मंत्रालय में सभी फाइलों का मूवमेंट केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में ही होगा, और पूरी प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी। दूसरे चरण में सभी विभाग प्रमुखों के कार्यालय और तीसरे चरण में जिला स्तर के कार्यालयों को इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा। दूसरे और तीसरे चरण की तारीखें अभी तय नहीं हैं।
इन फोन पर मिल रहा जोरदार डिस्काउंट, इससे सस्ते फोन फिर नहीं मिलेंगे
अब तक मंत्रालय में हाईब्रिड मोड (कुछ काम पेपर फाइल के जरिए और कुछ इलेक्ट्रॉनिक फाइल के जरिए) का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन 1 जनवरी से सभी पेपर फाइलों को इलेक्ट्रॉनिक फाइलों में बदल दिया जाएगा। इसके बाद, सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने कम्प्यूटर पर बैठकर फाइलों को निपटाएंगे, जिससे काम की गति बढ़ेगी और शासकीय कार्यों की निगरानी आसान होगी।
ई-ऑफिस से आम जनता को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारी सरकार डिजिटिलाइजेशन के माध्यम से प्रदेश के विकास के लिए कई जनहितैषी योजनाओं पर काम कर रही है। इस प्रणाली से गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण के लिए बेहतर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी, क्योंकि अब सभी विभाग ऑनलाइन फाइलों के माध्यम से काम करेंगे।
तीन चरणों में लागू होगा ई-ऑफिस प्रणाली
इन फोन पर मिल रहा जोरदार डिस्काउंट, इससे सस्ते फोन फिर नहीं मिलेंगे
हाईब्रिड मोड से ई-ऑफिस तक
ई-ऑफिस के लाभ
- तेज और प्रभावी कामकाज: फाइलों की ट्रैकिंग में आसानी।
- पेपरलेस कार्यप्रणाली: कागजी कामकाजी प्रक्रिया को खत्म किया गया।
- उच्च स्तर की मॉनिटरिंग: कार्यों की निगरानी उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
- पुरानी नस्तियों की तलाश: पुरानी दस्तावेजों को भी आसानी से ढूंढा जा सकेगा।
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