एमपी में सरकारी स्कूल और शिक्षकों की स्थिति पर अब हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Sanjay Sharma | Jan 23, 2026, 21:00 IST
mp government schools teacher issues
मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षकों की कमी और स्कूलों की बदहाली पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।
News in Short
- हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर एमपी सरकार से हलफनामे में जानकारी मांगी।
- 102 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, 499 स्कूलों में शिक्षक कम हैं।
- प्राथमिक स्कूलों में 21हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं, मिडिल और हाई स्कूलों में भी स्थिति गंभीर।
- 8 हजार 533 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, 21 हजार स्कूलों में छात्रों की संख्या 20 से भी कम।
- सरकार शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में सुस्ती के कारण स्कूलों की स्थिति सुधरने में देरी हो रही है।
News in Detail
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शिक्षकों की कमी पर हाईकोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने इसे गंभीर चिंता का विषय माना है। प्रदेश में कुल एक लाख एक हजार 59 सरकारी स्कूल हैं, जिसमें प्राथमिक, मिडिल, हाई स्कूल और हायर सेकेंड्री स्कूल शामिल हैं।
इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी की स्थिति बेहद गंभीर है। याचिका में यह जानकारी दी गई कि राज्य में 102 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं है। वही 499 स्कूलों में शिक्षकों की संख्या जरूरत से कम है।
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प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी
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सरकारी आंकड़ों और यू-डाइस (UDISE) रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में 8 हजार 533 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, जबकि 21 हजार 193 माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 20 से भी कम रह गई है।
इसके अलावा, 20 स्कूलों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। वहीं 4 हजार 128 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक कार्यरत है। पिछले शैक्षणिक वर्ष के मुकाबले इस साल 3.44 लाख विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है, जो सरकारी स्कूलों से छात्रों के पलायन को दर्शाता है।
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मामला गंभीर लेकिन सरकारी कवायद सुस्त
ऐसे में जितने पदों को भरा जाता है उससे आधे सेवानिवृत्ति की वजह से खाली हो जाते हैं। सरकारी दावे के अनुसार मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) के जरिए 13 हजार 89 प्राथमिक और 10 हजार 758 माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। कोर्ट ने सरकार से स्कूलों की बदहाली को सुधारने और शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश भी दिए हैं।
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