गेस्ट प्रोफेसर बोले, दिहाड़ी मजदूरों जैसा व्यवहार बंद हो, 490 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में सिंगल बेंच आदेश को दी चुनौती

Neel Tiwari | Mar 27, 2026, 16:12 IST
Share
mp-guest-assistant-professor-high-court-case-update-2026
Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश के 490 गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती दी है। इन शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 20 सालों से सरकारी कॉलेजों में काम कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें नई भर्तियों में प्राथमिकता नहीं दी जा रही।

News in short

  • सिंगल बेंच से राहत न मिलने के बाद, 490 गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों ने अब हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया
  • योग्य होने के बावजूद उनके साथ दिहाड़ी मजदूरों जैसे व्यवहार का आरोप
  • सिंगल बेंच ने कहा था कि गेस्ट फैकल्टी को नियमित होने का कानूनी अधिकार नहीं
  • याचिका खारिज होने के बाद विभाग ने गेस्ट फैकल्टी को बाहर करने की फॉल आउट’ प्रक्रिया की शुरू

INTRO

मध्य प्रदेश के गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों का संघर्ष अब हाईकोर्ट की डिविजनल बेंच तक पहुंच गया है। करीब 20 साल तक सेवाएं देने के बाद नौकरी पर संकट झेल रहे 490 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। सिंगल बेंच के फैसले और उसके बाद सरकार की कार्रवाई ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है।

News in detail

20 साल की सेवा के बाद कोर्ट की शरण

मध्य प्रदेश के 490 गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर अपनी नौकरी बचाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से लगातार सरकारी कॉलेजों में सेवाएं दे रहे हैं। कई कॉलेजों की पढ़ाई पूरी तरह उन्हीं के भरोसे चल रही है। इसके बावजूद अब नई भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जा रही, जिससे उनका भविष्य खतरे में है।

“योग्य हैं, फिर भी हो रहा अन्याय”

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि सभी प्रोफेसर यूजीसी मानकों के अनुरूप योग्य हैं और नियमित शिक्षकों के समान कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नौकरी से बाहर करने की स्थिति पैदा कर दी गई है। उनका कहना है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो वे दिहाड़ी मजदूर हों, जो शिक्षा व्यवस्था के साथ भी अन्याय है।

सिंगल बेंच ने क्यों खारिज की याचिका

इस मामले में पहले जस्टिस विशाल धगत की सिंगल बेंच ने 291 अतिथि विद्वानों की नियमितीकरण की मांग को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया नियमित भर्ती से अलग होती है और उन्हें नियमित होने का कानूनी अधिकार नहीं दिया जा सकता। चयन प्रक्रिया, आरक्षण और आयु सीमा जैसे कई बिंदुओं पर कोर्ट ने दोनों व्यवस्थाओं को अलग माना।

चयन प्रक्रिया में अंतर बना था सिंगल बेंच के फैसले का आधार

सिंगल बेंच ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि नियमित नियुक्तियां एमपीपीएससी के माध्यम से होती हैं, जिसमें अखिल भारतीय स्तर की प्रतिस्पर्धा और संवैधानिक आरक्षण लागू होता है। वहीं गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति सीमित और अस्थायी व्यवस्था है, इसलिए दोनों को समान नहीं माना जा सकता।

सिंगल बेंच के बाद सरकार की सख्ती, बढ़ा संकट

सिंगल बेंच से याचिका खारिज होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने गेस्ट फैकल्टी को ‘फॉल आउट’ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग की ओर से कॉलेजों को याचिकाकर्ता अतिथि विद्वानों की सूची भेजते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए। जहां नियमित नियुक्तियां हो चुकी हैं, वहां भी गेस्ट फैकल्टी को बाहर किया जा रहा है। इस कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में शिक्षकों के सामने अचानक बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया, जिसके बाद मजबूर होकर वे डिवीजन बेंच पहुंचे।

अब डिवीजन बेंच से अंतिम उम्मीद

इस मामले की सुनवाई के जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजनल बेंच में हुई। याचिकार्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि गेस्ट फैकल्टी को नौकरी से बाहर किया जा रहा है और नई भर्तियों के जरिए जल्द ही प्रोफेसर भर्ती किये जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने कोर्ट से यथा स्थिति के आदेश का भी निवेदन किया। हालांकि कोर्ट ने अभी इस पर कोई भी स्टे नहीं दिया है।

मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है और सरकार सहित एमपीपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरे मामले में अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पर टिकी हैं। यह मामला न सिर्फ 490 प्रोफेसरों बल्कि प्रदेश के हजारों गेस्ट फैकल्टी के भविष्य से जुड़ा है। आने वाला फैसला यह तय करेगा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे इन शिक्षकों को पक्की नौकरी मिलेगी या उन्हें व्यवस्था से बाहर होना पड़ेगा।

यह खबरें भी पढ़ें...

मूकबधिर रेप पीड़िता ने प्लास्टिक की गुड़िया के सहारे बताई आपबीती, हाईकोर्ट ने आरोपी को सुनाई बड़ी सजा

अब शराब टेंडर में भाग ले सकेगी सोम डिस्टलरी, हाईकोर्ट से फौरी राहत; लाइसेंस पर अब भी संकट

जबलपुर में आरटीओ की अवैध वसूली का भंडाफोड़, महिला आरक्षक और साथी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

जबलपुर की जीसीएफ को मिलेगा 300 धनुष तोपों का मेगा ऑर्डर

गेस्ट फैकल्टी के असि. प्रोफेसरों की याचिका

Tags:
  • एमपीपीएससी
  • हाईकोर्ट
  • उच्च शिक्षा विभाग
  • याचिका खारिज
  • गेस्ट फैकल्टी के असि. प्रोफेसरों की याचिका
  • नियमितीकरण की मांग
  • गेस्ट फैकल्टी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती