संजय पाठक को बड़ी राहत, जज को फोन मामले में हाईकोर्ट से माफी, दी सिर्फ चेतावनी
Neel Tiwari | Jul 22, 2026, 18:32 IST
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विधायक संजय पाठक को जज को फोन करने के अवमानना केस में बिना शर्त माफी मान ली, सजा नहीं दी। यह मामला 1200 करोड़ रुपये की खनन शिकायत से जुड़ा है। कोर्ट ने भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला..
- मामला एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस को किए गए कॉल से जुड़ा था।
- हाई कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए खुद आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी।
- संजय पाठक ने शुरुआत से ही बिना शर्त माफी मांगते हुए गलती स्वीकार की।
- कोर्ट ने माना कि कॉल करना गलत था, लेकिन सुनवाई पर बड़ा असर नहीं पड़ा।
- इसलिए माफी स्वीकार हुई, लेकिन भविष्य के लिए सख्त चेतावनी भी दी गई।
हाईकोर्ट ने संजय पाठक को दी माफी
संजय पाठक के परिवार से जुड़ी याचिका से शुरू हुआ मामला
एक आदेश से शुरू हुई अवमानना कार्रवाई
संजय पाठक ने कोर्ट में दिया था हलफनामा
कोर्ट ने किन बातों पर विचार किया
दूसरी ओर, हस्तक्षेपकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि किसी लंबित मामले में जस्टिस को कॉल करना अपने आप में गंभीर है। इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है। इसलिए इसे आपराधिक अवमानना माना जाना चाहिए।
हाई कोर्ट ने क्या कहा
हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह साबित नहीं हुआ कि इस घटना से न्यायिक प्रक्रिया में बड़ा हस्तक्षेप हुआ। न कोई बातचीत हुई और न ही किसी फैसले को प्रभावित करने का प्रमाण मिला।
इसलिए स्वीकार हुई माफी
इसी आधार पर कोर्ट ने संजय पाठक की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली। साथ ही स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा नहीं होनी चाहिए।
विधायक होने के कारण दी खास चेतावनी
फैसले का कानूनी संदेश
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