एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तलाकशुदा बेटी भी होगी फैमिली पेंशन की हकदार

Anjali Dwivedi | May 30, 2026, 19:25 IST
Share
mp-high-court-divorced
mp-high-court-divorced

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैमिली पेंशन को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि तलाकशुदा बेटी को परिवार से बाहर नहीं रख सकते। ऐसा करना संविधान के खिलाफ है। इस फैसले से आश्रित महिलाओं को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैमिली पेंशन नियमों पर बड़ा फैसला दिया है।
  • कोर्ट के मुताबिक अब तलाकशुदा बेटी भी फैमिली पेंशन की हकदार होगी।
  • केवल वैवाहिक स्थिति बदलने से बेटी को हक से वंचित नहीं कर सकते।
  • जबलपुर की ज्योति श्रीवास्तव की याचिका पर हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया।
  • यह ऐतिहासिक फैसला समाज की हजारों बेसहारा महिलाओं के लिए मददगार बनेगा।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह फैसला सरकारी कर्मचारियों के परिवारों से जुड़ा हुआ है। अदालत ने साफ किया है कि तलाकशुदा बेटी को पेंशन के हक से दूर नहीं रख सकते। उसे भी परिवार का हिस्सा माना जाएगा। हाई कोर्ट का यह रुख हजारों लाचार महिलाओं के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है।

अक्सर देखा जाता है कि तलाक के बाद महिलाएं अपने मायके लौट आती हैं। वे आर्थिक रूप से पूरी तरह अपने माता-पिता पर निर्भर हो जाती हैं। ऐसे में माता-पिता के जाने के बाद उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो जाता है। हाई कोर्ट के इस संवेदनशील फैसले से ऐसी महिलाओं को बड़ा सहारा मिलेगा।

जबलपुर हाईकोर्ट ने क्या कहा

इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने की। कोर्ट ने बहुत ही साफ शब्दों में कहा कि जब सरकारी नियमों में अविवाहित, विधवा और यहां तक कि शादीशुदा बेटियों को भी परिवार का हिस्सा माना गया है, तो फिर तलाकशुदा बेटी को इस हक से अलग क्यों रखा जाए? उसे पेंशन न देना बिल्कुल गलत है और इसका कोई तार्किक आधार (लॉजिक) नहीं बनता।

जज साहब ने अपनी टिप्पणी में संविधान के समानता के अधिकार का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि केवल वैवाहिक स्थिति बदल जाने से किसी का अधिकार खत्म नहीं होता। नियमों में नाम न होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बेटी को बेसहारा छोड़ दिया जाए। अगर ऐसा किया जाता है, तो यह हमारे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का सीधा उल्लंघन होगा, क्योंकि कानून का असली मकसद सबको समान अवसर देना है।

जबलपुर की ज्योति श्रीवास्तव को मिला न्याय

यह पूरा मामला जबलपुर की रहने वाली ज्योति श्रीवास्तव से जुड़ा है। उनके पिता शंकर लाल श्रीवास्तव होमगार्ड विभाग में जिला कमांडेंट थे। वे साल 2001 में नौकरी से सेवानिवृत्त (retired) हुए थे। उन्होंने अपनी आश्रित और तलाकशुदा बेटी ज्योति को पेंशन के लिए अपना नॉमिनी बनाया था।

पिता के निधन के बाद ज्योति ने पेंशन के लिए आवेदन किया। मगर विभाग ने उनका आवेदन यह कहकर निरस्त कर दिया कि तलाकशुदा बेटी नियमों के दायरे में नहीं आती। इसके बाद ज्योति ने हार नहीं मानी और न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट ने विभाग को तुरंत पेंशन देने का आदेश दिया है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला भविष्य के लिए एक बड़ी मिसाल बनेगा। कोर्ट ने साफ कहा कि कानून की व्याख्या हमेशा सामाजिक सच्चाई को देखकर होनी चाहिए। आज के समय में बहुत सी महिलाएं तलाक के बाद आर्थिक तंगी से जूझती हैं।

यह आदेश सभी सरकारी विभागों के लिए एक कड़ा संदेश है। अब विभाग अपनी मर्जी से नियमों की गलत व्याख्या करके किसी को परेशान नहीं कर पाएंगे। इस फैसले से न केवल ज्योति को न्याय मिला है, बल्कि समाज की अन्य पीड़ित महिलाओं का रास्ता भी साफ हो गया है।

ये खबरें भी पढ़ें...

कर्मचारी ने की चोरी, मालिक ने किया सैटलमेंट, जबलपुर हाईकोर्ट ने ठोका जुर्माना

जबलपुर हाईकोर्ट भ्रूण मामला: सुरक्षा में चूक पर 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी की बड़ी कार्रवाई

जबलपुर हाईकोर्ट के जज बने मद्रास हाईकोर्ट के CJ, एमपी हाईकोर्ट से अबतक 18 जज बने चीफ जस्टिस

विभाग ने कर्मचारी को दो बार बूढ़ा मानकर किया रिटायर, अब एमपी हाईकोर्ट ने फिर दी नौकरी

Tags:
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
  • तलाकशुदा
  • सरकारी कर्मचारियों
  • हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट
  • फैमिली पेंशन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज