बाघों की मौतों पर एमपी हाईकोर्ट सख्त: NTCA से मांगा 10 साल के फंड का हिसाब
Amresh Kushwaha | Aug 20, 2026, 15:23 IST
बाघों की मौतों पर एमपी हाईकोर्ट सख्त
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की संदिग्ध मौतों पर सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने NTCA से 10 साल के फंड का हिसाब मांगा है। CDV वायरस के खतरे को रोकने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बाघों की मौत पर सख्त रुख अपनाया है।
- कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार संदिग्ध मौतें सामने आई हैं।
- कोर्ट ने NTCA से 10 साल के फंड का ब्योरा मांगा है।
- अप्रैल-मई में CDV वायरस से बाघों की मौत की आशंका है।
- अगली सुनवाई सितंबर के अंतिम सप्ताह में तय हुई है।
क्यों सख्त हुआ हाईकोर्ट
फंड का पूरा हिसाब तलब
कोर्ट का मानना है कि पूरा आंकड़ा सामने आने से असली तस्वीर साफ होगी। अगली सुनवाई सितंबर के आखिरी हफ्ते में होगी। उस दिन फंड और संसाधनों का पूरा लेखा-जोखा कोर्ट के सामने रखा जाएगा। इसी सुनवाई में प्रदेश के टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी।
किन बाघों की हुई मौत
इसके अलावा बालाघाट और किसली क्षेत्र में दो और वयस्क बाघ मृत मिले थे। इन सभी मामलों में CDV यानी कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (Canine Distemper Virus) के संक्रमण की आशंका जताई गई है। याचिका में इसी वायरस को लेकर निगरानी और रोकथाम के निर्देश देने की मांग की गई है।
कैसे फैलता है यह वायरस
कुत्तों का वैक्सीनेशन शुरू
इसके साथ ही इन कुत्तों को बूस्टर डोज देने की तैयारी भी चल रही है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कुत्तों से वायरस फैलने का खतरा कम किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
बाकी रिजर्व पर भी नजर
कोर्ट का मानना है कि सिर्फ एक रिजर्व पर फोकस करना काफी नहीं है। पूरे प्रदेश के टाइगर रिजर्व की सेहत पर बराबर ध्यान देना जरूरी है। इसी वजह से सभी रिजर्व में सतर्कता के आदेश दिए गए हैं।
खाली पदों पर भी सख्ती
आगे क्या होगा
यह खबर क्यों जरूरी है
जनता को यह जानने का अधिकार है कि वन्यजीव संरक्षण पर मिला पैसा कहां खर्च हो रहा है। खाली पदों को भरने का आदेश वन्यजीव सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है। इसलिए यह खबर सिर्फ बाघों की मौत नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है।
FAQ
- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बाघों की मौत को लेकर क्या निर्देश दिए हैं
हाईकोर्ट ने NTCA से पिछले 10 साल के फंड का पूरा ब्योरा मांगा है। साथ ही सभी टाइगर रिजर्व में CDV वायरस की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। खाली पदों को जल्द भरने का आदेश भी दिया गया है। - कान्हा टाइगर रिजर्व में कितने बाघों की मौत हुई?
अप्रैल और मई के बीच कुल 8 बाघों की मौत हुई थी। इनमें बाघिन सुनैना, बाघिन अमाही और उसके चार शावक शामिल हैं। इसके अलावा नर बाघ महावीर और दो अन्य वयस्क बाघों की भी मौत हुई थी। - CDV वायरस बाघों के लिए कितना खतरनाक है?
CDV यानी कैनाइन डिस्टेंपर वायरस कुत्तों से वन्यजीवों में फैल सकता है। यह बाघों में गंभीर बीमारी और मौत का कारण बन सकता है। एक रिजर्व से यह वायरस दूसरे टाइगर रिजर्व में भी फैलने का खतरा रहता है।
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