कुलपति की नियुक्ति को लेकर NSUI का प्रदर्शन, गधे को खिलाया च्यवनप्राश
Neel Tiwari | Dec 03, 2024, 16:11 IST
MP Jabalpur NSUI protested against the appointment of RDVV Vice Chancellor
जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेश वर्मा की नियुक्ति को लेकर एनएसयूआई ने विरोध जताया है। एनएसयूआई का आरोप है कि कुलपति इस पद के योग्य नहीं हैं। उनके पास कुलपति बनने के लिए आवश्यक अनुभव और योग्यता नहीं है।
JABALPUR. भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ( एनएसयूआई ) ने जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ( RDVV ) के कुलपति की नियुक्ति को फर्जी बताया है। एनएसयूआई द्वारा नियुक्ति को लेकर लगातार नियुक्ति का विरोध किया जा रहा है। अब च्यवनप्राश और गधे को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
एनएसयूआई लगातार रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेश वर्मा की नियुक्ति का विरोध कर रही है। एनएसयूआई का आरोप है कि कुलपति इस पद के योग्य नहीं हैं। क्योंकि उनके पास कुलपति बनने के लिए जरूरी एक्सपीरियंस और योग्यता नहीं है। एनएसयूआई ने यह भी बताया कि 2008 में पीएचडी करने के बाद 2009 में प्रोफेसर बन जाते हैं और इतना कम अनुभव होने बाद भी इन्हें कुलपति बना दिया जाता है।
NSUI ने मंगलवार को कुलपति के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। NSUI के कार्यकर्ता अपने साथ गधा और च्यवनप्राश लेकर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रो. राजेश वर्मा को कुलपति पद पर नियुक्त करना ऐसा ही है, जैसे गधे को च्यवनप्राश खिलाना।
जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने बताया कि कुलपति सप्ताह में केवल दो दिन विश्वविद्यालय में मौजूद रहते हैं बाकी के दिनों में वह विश्वविद्यालय से नदारत रहते हैं। उनके ऊपर लगातार अनुभव न होने के भी आरोप लग रहे हैं। उन्हें बताया कि UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के नियम के अनुसार PHD करने के बाद कम से कम 10 साल के अनुभव होने पर प्रोफेसर बनाया जाता है। लेकिन प्रो. राजेश वर्मा के पास केवल 3 महीने का ही अनुभव है। उन्होंने इस नियुक्ति को फर्जी बताते हुए कुलपति के इस्तीफे की मांग की है और इस्तीफा न दिए जाने पर NSUI के द्वारा उग्र आंदोलन कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
एनएसयूआई के द्वारा कुलपति की नियुक्ति के विरोध में लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते दिनों छात्र संगठन के द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि प्रो. राजेश वर्मा की कुलपति पद पर नियुक्ति नियमों के खिलाफ जाकर की गई है। कुलपति के द्वारा इस पद को पैसे के बल पर हासिल किया गया है। साथ ही यह नियुक्ति विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करती है। एनएसयूआई ने नकली नोटों से भरा बैग कुलपति के सामने खोल कर अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके साथ कुलपति प्रो. राजेश वर्मा को अपात्र बताया था इस्तीफे की मांग की थी।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल के डीन प्रोफेसर राकेश वाजपेई ने बताया कि इस प्रकार के प्रदर्शन उचित नहीं है। शांति और शिष्टता के साथ भी अपनी बात को रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुलपति की नियुक्ति कुलाधिपति राज्यपाल के द्वारा की जाती है और इस मामले में किसी भी प्रकार का निर्णय उन्हीं के द्वारा लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि कुलपति विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं है उनके आने के बाद सारी जानकारी उन तक पहुंचा दी जाएगी।
पद के योग्य नहीं हैं कुलपति
कुलपति के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन
जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने बताया कि कुलपति सप्ताह में केवल दो दिन विश्वविद्यालय में मौजूद रहते हैं बाकी के दिनों में वह विश्वविद्यालय से नदारत रहते हैं। उनके ऊपर लगातार अनुभव न होने के भी आरोप लग रहे हैं। उन्हें बताया कि UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के नियम के अनुसार PHD करने के बाद कम से कम 10 साल के अनुभव होने पर प्रोफेसर बनाया जाता है। लेकिन प्रो. राजेश वर्मा के पास केवल 3 महीने का ही अनुभव है। उन्होंने इस नियुक्ति को फर्जी बताते हुए कुलपति के इस्तीफे की मांग की है और इस्तीफा न दिए जाने पर NSUI के द्वारा उग्र आंदोलन कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पहले भी लगाए जा चुके हैं पैसों की दम पर कुलपति बनने के आरोप
प्रदर्शन करने का तरीका उचित नहीं
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari