शराब नीति फिर उमा भारती ने सरकार के खिलाफ खोल दिया मोर्चा, बोलीं- चौकीदार जिंदा है
Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 16, 2025, 11:13 IST
mp-liquor-policy-uma-bharti-criticism
मध्य प्रदेश की नई शराब नीति का विरोध करते हुए प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि हम लापरवाह हो गए हैं, गोबर की चोट ज्यादा भारी पड़ सकती है।
MP News: मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और BJP की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने राज्य की नई शराब नीति की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि 2023 में घोषित नीति शराबबंदी की दिशा में एक ठोस कदम थी, लेकिन अब इसका क्रियान्वयन ढीला हो गया है। उमा भारती की नाराजगी BJP के लिए एक नया संकट बन सकती है, खासकर चुनावी वर्ष में। उमा भारती ने लिखा- चार महीने से मन में हलचल मची हुई है... गोबर की चोट ज्यादा भारी पड़ सकती है। चौकीदार अभी जिंदा है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर सरकार नहीं चेती, तो वे फिर से विरोध की राह पकड़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में उज्जैन, मैहर, ओरछा, और सलकनपुर जैसे 17 धार्मिक शहरों में शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की थी। हाल की खबरों के अनुसार इन दुकानों को धार्मिक क्षेत्रों से हटाकर ग्रामीण इलाकों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं में भारी विरोध देखने को मिल रहा है।
मप्र सरकार की नई शराब नीति के विरोध में भोपाल, इंदौर, और ओरछा जैसे शहरों के ग्रामीण हिस्सों में महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। उनका कहना है कि शराब से घरेलू हिंसा और नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उमा भारती ने इन विरोधों को जायज ठहराते हुए सरकार से सवाल पूछा है – क्या हम जनता की भावनाओं को अनदेखा कर रहे हैं?
राज्य सरकार जहां शराबबंदी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताती रही है, वहीं 13,000 करोड़ रुपए की वार्षिक शराब आय इसके रास्ते में रुकावट बन रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अब इस मुद्दे को भुना रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि BJP सरकार शराबबंदी के नाम पर दिखावा कर रही है और ग्रामीण जनता को संकट में डाल रही है।
ये भी पढ़ें :
प्रदेश में खोले जाएंगे महुआ शराब के ठेके, हेरिटेज शराब नीति में स्व सहायता समूह की मदद के नाम पर शराब बिक्री बढ़ाने की तैयारी
उमा भारती का शराबबंदी आंदोलन पहली बार नहीं है। इसके पहले भी उमा भारती प्रदेश में शराब बिक्री को लेकर विरोध कर चुकी हैं। 2021 में उन्होंने मधुशाला में गौशाला और शराब छोड़ो, दूध पियो अभियान और 2022 में भोपाल में शराब दुकान पर पत्थर, ओरछा में गोबर फेंककर प्रदर्शन किया था।
ये भी पढ़ें :
धार्मिक शहरों में शराबबंदी पर उमा भारती ने की तारीफ, सीएम मोहन ने कहा- धन्यवाद दीदी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में उज्जैन, मैहर, ओरछा, और सलकनपुर जैसे 17 धार्मिक शहरों में शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की थी। हाल की खबरों के अनुसार इन दुकानों को धार्मिक क्षेत्रों से हटाकर ग्रामीण इलाकों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं में भारी विरोध देखने को मिल रहा है।
1. दो साल पहले मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर एक व्यापक अभियान चला जिसके परिणाम स्वरुप जनवरी 2023 के आरंभ में नई शराब नीति घोषित हुई।
2. वह एक व्यापक विचार विमर्श के तहत बनी एक आबकारी नीति थी जो हमें एक दो वर्षों में पूर्ण शराबबंदी की ओर ले जा रही थी। @BJP4India@BJP4MP
— Uma Bharti (@umasribharti) April 15, 2025
THE SOOTR
विरोध में महिलाएं
शराब बंदी के नाम पर दिखावा
ये भी पढ़ें :
प्रदेश में खोले जाएंगे महुआ शराब के ठेके, हेरिटेज शराब नीति में स्व सहायता समूह की मदद के नाम पर शराब बिक्री बढ़ाने की तैयारी
पहले भी कर चुकी हैं विरोध
ये भी पढ़ें :
धार्मिक शहरों में शराबबंदी पर उमा भारती ने की तारीफ, सीएम मोहन ने कहा- धन्यवाद दीदी
MP liquor policy 2023
- 1. मध्यप्रदेश की नई शराब नीति में क्या प्रावधान हैं?
नई शराब नीति में अहातों को बंद करने, धार्मिक स्थलों से शराब दुकानों को दूर रखने, और शराब के प्रचार पर नियंत्रण जैसे प्रावधान शामिल हैं। - 2. उमा भारती इस नीति के खिलाफ क्यों हैं?
उमा भारती का मानना है कि नीति का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो रहा और शराब की दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित कर जनता की भावनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। - 3. क्या शराबबंदी से राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा?
हां, क्योंकि शराब से मध्यप्रदेश को हर साल करीब 13,000 करोड़ रुपये की आय होती है, जिससे सरकार को राजस्व का बड़ा हिस्सा मिलता है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- 1. मध्यप्रदेश की नई शराब नीति में क्या प्रावधान हैं?
नई शराब नीति में अहातों को बंद करने, धार्मिक स्थलों से शराब दुकानों को दूर रखने, और शराब के प्रचार पर नियंत्रण जैसे प्रावधान शामिल हैं। - 2. उमा भारती इस नीति के खिलाफ क्यों हैं?
उमा भारती का मानना है कि नीति का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो रहा और शराब की दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित कर जनता की भावनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। - 3. क्या शराबबंदी से राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा?
हां, क्योंकि शराब से मध्यप्रदेश को हर साल करीब 13,000 करोड़ रुपये की आय होती है, जिससे सरकार को राजस्व का बड़ा हिस्सा मिलता है। - मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari