MP nursing scam : नर्सिंग घोटाले में शामिल अधिकारियों की सेवाएं होंगी समाप्त

लोकसभा चुनाव के बीच नर्सिंग घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार की छवि पर असर पड़ा है। इससे नाराज सीएम मोहन यादव ने नर्सिंग घोटाले में शामिल सरकारी अफसर-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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Marut raj
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MP nursing scam CBI CM Mohan Yadav द सूत्र
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MP nursing scam एमपी नर्सिंग घोटाला में शामिल अधिकारियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी। इसके साथ ही इंजीनियरिंग - मेडिकल की तर्ज पर नर्सिंग स्टूडेंट्स का स्टेट लेवल पर एग्जाम कराया जाएगा।

केंद्र के नर्सिंग एक्ट के अनुसार राज्य में एक आयोग का भी गठन किया जाएगा। इस संबंध में सीएम मोहन यादव ने विभागीय सचिव मोहम्मद सुलेमान को निर्देश दिए हैं।

सीएम ने नर्सिंग काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार और सचिव पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए शासकीय नर्सिंग संस्थानों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती के निर्देश भी सीएम की ओर से दिए गए हैं।   

आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान 

एमपी नर्सिंग घोटाला ( mp nursing scam ) के अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब अभियान चलाया जाएगा। पुलिस एक-एक कर दलालों पर कार्रवाई करेगी। लोकसभा चुनाव के बीच नर्सिंग घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार की छवि खराब हुई है।

लिहाजा, सीएम मोहन यादव ने डीजीपी सुधीर सक्सेना ( DGP Sudhir Saxena ) के साथ शुक्रवार 24 मई बैठक कर आला अफसरों को अपराधियों के साथ सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं। कानून व्यवस्था को लेकर हुई बैठक में सीएम डॉ.यादव ने कहा कि नर्सिंग घोटालों के दलालों की लिस्ट बनाई जाए। इसके बाद सिलसिलेवार ढंग से सभी पर कार्रवाई हो। कोई भी बचना नहीं चाहिए। 

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सूत्र ने एक दिन पहले ही बता दिया था कि सीएम कार्रवाई करेंगे

व्यापमं से जुड़े नर्सिंग घोटाले के तार 

दरअसल, मध्यप्रदेश में हाल ही में सामने आए नर्सिंग घोटाले के तार अब व्यापमं कांड से भी जुड़ रहे हैं। नर्सिंग घोटाले में पकड़े गए सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज का नाम 2017 में एमपी व्यापमं घोटाला के जांच अधिकारियों में शामिल था। चूंकि अब राहुल खुद नर्सिंग घोटाले में आरोपी है, ऐसे में उसकी भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। 

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राहुल को गृह मंत्री से मिला था अवॉर्ड

 व्यापमं मामले में राज्य पुलिस ने पूरे मामले में साक्ष्य जुटाए थे। बाद में केस सीबीआइ के पाले में गया। वर्ष 2017 में इंस्पेक्टर राहुल मुख्य किरदार बन गया। कई आरोपियों को क्लीनचिट मिल गई। इसके बाद सीबीआइ ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी।

ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि जिस सीबीआई अधिकारी राहुल राज ने नर्सिंग कॉलेजों की जांच में धांधली की, उसने व्यापमं में कैसे जांच की होगी? कहीं रुपए लेकर तो आरोपियों को क्लीन चिट नहीं दी गई। सूत्रों की मानें तो अब फिर से व्यापमं की फाइल खुलेगी।

बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर राहुल राज के बड़े लोगों से कनेक्शन हैं। उसका अफसरों पर गहरा प्रभाव था। बता दें उसे गृहमंत्री अवॉर्ड भी मिला था। 

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सीएम ने स्वयं संभाला मोर्चा 

नर्सिंग घोटाले की कहानी व्यापमं से जुड़ने के बाद अब कांग्रेस भी हमलावर है। इसी को लेकर CM Mohan Yadav ने खुद मोर्चा संभाला है। बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे मामले में जितने भी दलालों की भूमिका है, उन पर राज्य पुलिस भी सख्ती से कार्रवाई करेगी। 

दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल

  कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि व्यापमं घोटाले की निष्पक्ष जांच बीजेपी कभी नहीं कराएगी। जिन्होंने रिश्वत दी है, उन्हें सरकारी गवाह बनाना चाहिए और जिन्होंने रिश्वत ली है, उन्हें दण्ड मिलना चाहिए। बीजेपी के उस समय के बड़े नेता लगभग सभी व्यापमं घोटाले में अपराधी हैं। अब नर्सिंग घोटाले में स्वास्थ मंत्री के स्वयं शामिल होने की खबर है। 

अटैच पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड

 इधर, सीएम के निर्देश के बाद नर्सिंग कॉलेजों की जांच कर रहे सीबीआई अफसरों पर भी कार्रवाई की गई है। सीबीआई में नवंबर 2023 से अटैच मध्यप्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुशील मजोका को सस्पेंड कर दिया गया है।

वहीं, विशेष सशस्त्र बल के इंस्पेक्टर ऋषि असाठे सात साल से अटैच थे। अभी उन पर कार्रवाई नहीं हुई। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। ये दोनों अधिकारी सीबीआइ इंस्पेक्टर राहुल राज के साथ जांच कर रहे थे। आपको बता दें कि नर्सिंग घोटाले में अब तक सीबीआई के तीन अधिकारियों के साथ कुल 23 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।

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