MP के राजस्व अधिकारियों का विरोध, कोर्ट और गैर-कोर्ट कामों के बंटवारे को बताया गलत
Neel Tiwari | Jul 17, 2025, 16:42 IST
Photograph: (THESOOTR)
मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग के अधिकारी सरकार के नए फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसमें कोर्ट और गैर-कोर्ट कामों के बंटवारे का प्रस्ताव है। अफसरों का कहना है कि यह निर्णय बिना योजना और तैयारी के लिया गया है।
मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग के अफसरों ने सरकार के एक नए फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। ये विरोध कोर्ट से जुड़े काम और दफ्तर के दूसरे कामों को अलग-अलग करने की योजना को लेकर है।
मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ( कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा ) का कहना है कि इस फैसले से न केवल अफसरों का काम उलझेगा, बल्कि आम जनता और खासकर किसानों को भी परेशान होना पड़ेगा।
सरकार ने हाल ही में एक बैठक के जरिए ये निर्देश दिए कि अब राजस्व अधिकारियों के कोर्ट (न्यायालयीन) और बाकी दफ्तर के काम (गैर-न्यायालयीन) अलग-अलग होंगे। इसके बाद प्रमुख राजस्व आयुक्त ने जिलों से इस योजना के तहत अफसरों के नाम मांग लिए और कई जिलों में इसके आदेश भी जारी हो गए। लेकिन राजस्व अधिकारियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है।
ये खबर भी पढ़ें...
महिला एसपी की आवाज में ठगी करने वाला जबलपुर का 9वीं पास ठग गिरफ्तार
अधिकारियों का कहना है कि ये फैसला बिना किसी प्लानिंग, बिना किसी ठोस वजह, और बिना कानून में बदलाव के लिया गया है। क्योंकि यह फैसला लेने के लिए कोई भी समिति नहीं बनाई गई, न ही कोई स्टडी की गई कि इससे काम में क्या सुधार होगा और न ही ये बताया गया कि किस आधार पर किस जिले में कितने अफसर तय किए गए हैं।
राजस्व अधिकारियों ने कहा कि जिला कलेक्टर कोर्ट से जुड़े कामों के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर रहे हैं, जबकि यह अधिकार सिर्फ राज्य सरकार के पास होता है। कानून के मुताबिक, मजिस्ट्रेट की नियुक्ति तभी हो सकती है जब उनके काम करने के लिए कोर्ट, स्टाफ और संसाधन तय हों। लेकिन अभी तक न जगह तय है, न स्टाफ और न ही कोई सुविधा।
ये खबर भी पढ़ें...
सरकार डेढ़ महीने में जान पाई 32 हजार वाले जग की कीमत,अब 2 लाख की टीवी का 10 लाख में खरीदी का कांट्रेक्ट
राजस्व अधिकारी संगठन ने कहा कि सरकार ने इस फैसले से पहले उनसे कोई बातचीत तक नहीं की। जबकि नियमों के मुताबिक, अगर किसी विभाग से जुड़े लोगों पर कोई बड़ा असर पड़ने वाला फैसला हो, तो पहले उनसे चर्चा जरूरी होती है।
इस फैसले के तहत तहसीलों में चल रहे कई राजस्व कोर्ट बंद हो सकते हैं, जिससे आम लोग, खासकर किसान वर्ग को कोर्ट के चक्कर ज्यादा लगाने पड़ सकते हैं। संगठन का कहना है कि जरूरत तो यह थी कि पहले से चल रहे कोर्ट को बेहतर बनाया जाए। वहां स्टाफ, कंप्यूटर, ऑपरेटर और तामीलकर्ता दिए जाएं, लेकिन उल्टा कोर्ट ही कम किए जा रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
सरकार डेढ़ महीने में जान पाई 32 हजार वाले जग की कीमत,अब 2 लाख की टीवी का 10 लाख में खरीदी का कांट्रेक्ट
राजस्व अधिकारियों ने सरकार से कहा है कि अगर वो ऐसा कोई बदलाव लाना चाहती है, तो पहले एक-दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करें। जैसे पुलिस कमिश्नर सिस्टम में किया गया था। फिर उसके नतीजे देखकर बाकी जगह लागू करें। अभी जो आदेश दिए गए हैं, वो न तो व्यावहारिक हैं और न ही कानूनी रूप से सही।
संगठन ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने ये फैसला वापस नहीं लिया, तो 21 जुलाई को सभी अधिकारी अपना काम रोककर जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन करेंगे। आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसका फैसला वहीं लिया जाएगा।
ये खबर भी पढ़ें...
विधानसभा में तीन विधेयक पारित... जनता को मिलेंगे बड़े फायदे
अब देखने वाली बात ये होगी कि मध्यप्रदेश सरकार इस विरोध को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या अफसरों की बात सुनी जाएगी या टकराव और बढ़ेगा? लेकिन इतना तो तय है कि अगर विवाद सुलझा नहीं, तो इसका असर सीधे जनता की सेवा और कामकाज पर पड़ेगा।
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ( कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा ) का कहना है कि इस फैसले से न केवल अफसरों का काम उलझेगा, बल्कि आम जनता और खासकर किसानों को भी परेशान होना पड़ेगा।
क्या है मामला?
ये खबर भी पढ़ें...
महिला एसपी की आवाज में ठगी करने वाला जबलपुर का 9वीं पास ठग गिरफ्तार
बिना प्लानिंग लिया गया फैसला
अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लिया फैसला
ये खबर भी पढ़ें...
सरकार डेढ़ महीने में जान पाई 32 हजार वाले जग की कीमत,अब 2 लाख की टीवी का 10 लाख में खरीदी का कांट्रेक्ट
‘बिना बातचीत, सीधा आदेश’, अफसरों में नाराजगी
फैसले से कोर्ट की संख्या घटेगी, किसानों को नुकसान
ये खबर भी पढ़ें...
सरकार डेढ़ महीने में जान पाई 32 हजार वाले जग की कीमत,अब 2 लाख की टीवी का 10 लाख में खरीदी का कांट्रेक्ट
संगठन ने सरकार को सुझाया रास्ता
21 जुलाई को काम बंद की चेतावनी
ये खबर भी पढ़ें...
विधानसभा में तीन विधेयक पारित... जनता को मिलेंगे बड़े फायदे
अब सरकार के सामने चुनौती
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें 📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava