स्कूल मेंटेनेंस में 149 करोड़ का घोटाला: विधानसभा से छिपाई गई जांच रिपोर्ट
Amresh Kushwaha | Aug 13, 2026, 09:00 IST
स्कूली मेंटेनेंस में 149 करोड़ का घोटाला
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 149 करोड़ रुपए के मेंटेनेंस घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट विधानसभा और मंत्री तक नहीं भेजी गई। अब लोक शिक्षण संचालनालय ने 40 अफसरों को नोटिस दिया है, लेकिन 20 ब्लॉक अभी भी जांच के दायरे से बाहर हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 149 करोड़ रुपए का मेंटेनेंस घोटाला सामने आया है।
- यह घोटाला सबसे पहले मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक में पकड़ा गया था।
- जांच रिपोर्ट विधानसभा और मंत्री तक भेजी ही नहीं गई थी।
- अब लोक शिक्षण संचालनालय ने 40 अफसरों को नोटिस जारी किए हैं।
- 20 ब्लॉक के अफसर अभी भी जांच के दायरे से बाहर हैं।
मैहर से शुरू हुआ मामला
पार्किंग रोड और साइकिल स्टैंड जैसे छोटे काम भी दिखाए गए। कलेक्टर रानी बाटड के आदेश पर जांच समिति बनाई गई थी। समिति ने पाया कि 18 से ज्यादा स्कूलों में कोई असली काम नहीं हुआ। फिर भी करोड़ों रुपए अलग अलग फर्मों को दे दिए गए।
तीन दिन में सप्लाई पूरी
भोपाल की फर्म इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मटेरियल सप्लायर को भी भुगतान हुआ। सतना की महाकाल ट्रेडर्स और मैहर की रुद्र एंटरप्राइजेज के खाते में भी पैसा पहुंचा। जांच में सामने आया कि यह घोटाला सिर्फ मैहर तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के 60 से ज्यादा ब्लॉक में यही खेल हुआ है।
जांच रिपोर्ट पर लीपापोती
इस तीन सदस्यीय कमेटी ने जून के आखिरी हफ्ते में रिपोर्ट सौंप दी थी। लेकिन यह रिपोर्ट न तो विधानसभा में रखी गई और न ही मंत्री तक पहुंची। वित्त विभाग ने इस रिपोर्ट को दबाए रखा। बाद में स्कूल शिक्षा विभाग ने यह रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी। तभी से संचालनालय ने कार्रवाई शुरू की है।
40 अफसरों को नोटिस जारी
इन सभी से पूछा गया है कि जांच रिपोर्ट मंत्री तक क्यों नहीं भेजी गई। हालांकि मध्य प्रदेश के 60 से ज्यादा ब्लॉक में यह घोटाला हुआ है। इनमें से सिर्फ 40 ब्लॉक के अफसरों को ही नोटिस मिला है। बाकी 20 ब्लॉक के अफसर अभी भी जांच के दायरे से बाहर हैं।
निर्देशों के मुताबिक हो रही कार्रवाई
जिलों में जांच अभी बाकी
जिला स्तरीय जांच के जिम्मेदार अधिकारी ने भी माना कि घोटाला जिला स्तर पर हुआ है। उनका कहना है कि इसकी बारीकी से जांच होनी चाहिए। लेकिन अब तक न तो जिला स्तर पर जांच शुरू हुई है। न ही उच्च स्तरीय जांच को अमल में लाया गया है। इससे साफ है कि जिलों में जांच अभी सिर्फ कागजों पर है।
यह खबर क्यों जरूरी है
जांच रिपोर्ट को विधानसभा और मंत्री से छिपाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनके बच्चों की शिक्षा के लिए बना पैसा कहां खर्च हो रहा है। यह खबर जनता को जागरूक करती है और जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय करने में मदद करती है।
FAQ
- मध्य प्रदेश का स्कूल मेंटेनेंस घोटाला कितने करोड़ का है?
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मेंटेनेंस के नाम पर करीब 149 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। यह घोटाला सबसे पहले मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक में पकड़ा गया था, जहां 4.37 करोड़ रुपए की गड़बड़ी मिली। बाद की जांच में पता चला कि यह घोटाला मध्य प्रदेश के 60 से ज्यादा ब्लॉक में फैला हुआ है।
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