MP में गांवों की बदलेगी प्रॉपर्टी पहचान, सरकार ने खोला मुफ्त मालिकाना हक का रास्ता

Ramanand Tiwari | Jul 20, 2026, 23:16 IST
Share
MP में गांवों की बदलेगी प्रॉपर्टी पहचान
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. मध्य प्रदेश के गांवों में प्रॉपर्टी आईडी मॉडल शुरू होगा। 46 लाख परिवारों को मुफ्त मालिकाना रिकॉर्ड मिलेगा। ड्रोन मैपिंग से संपत्ति की पहचान होगी।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • करीब 46 लाख ग्रामीण परिवार होंगे लाभान्वित।
  • संपत्ति का कानूनी रिकॉर्ड बिना शुल्क तैयार होगा।
  • सरकार स्टांप शुल्क सहित पूरा खर्च वहन करेगी।
  • ड्रोन मैपिंग से तय होगी संपत्ति की वास्तविक सीमा।
  • सेस और पंचायत उपकर दोनों खत्म।
  • तहसील स्तर पर ही पूरी होगी पंजीयन प्रक्रिया।
मध्य प्रदेश के गांव अब सिर्फ नक्शों में नहीं, बल्कि कानूनी रिकॉर्ड में भी पूरी तरह दर्ज होंगे। सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिसमें लाखों ग्रामीण परिवारों को बिना कोई शुल्क दिए अपनी आवासीय संपत्ति का आधिकारिक स्वामित्व रिकॉर्ड मिलेगा।

इस पहल का मकसद केवल रजिस्ट्री कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण संपत्तियों को डिजिटल पहचान देकर भविष्य के विवादों और आर्थिक बाधाओं को खत्म करना है।

मुफ्त रजिस्ट्री नहीं, गांवों की 'लीगल मैपिंग'

इस फैसले को केवल शुल्क माफी के रूप में देखना अधूरा होगा। असली बदलाव यह है कि पहली बार ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का व्यवस्थित डिजिटल और कानूनी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। यानी जिस घर या जमीन पर परिवार वर्षों से रह रहा है, उसे अब सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट पहचान मिलेगी।

सरकार क्यों कर रही है इतना बड़ा निवेश?

करीब 3 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के पीछे सरकार की रणनीति सिर्फ राहत देना नहीं है। उद्देश्य यह है कि भविष्य में भूमि विवाद कम हों, ग्रामीण संपत्तियां औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनें और लोग अपनी संपत्ति के आधार पर बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

ड्रोन तकनीक से बनेगा गांवों का नया नक्शा

हर गांव का ड्रोन मैपिंग सर्वे होगा। इससे मकानों और आवासीय भूखंडों की वास्तविक सीमाएं तय की जाएंगी। सर्वे के बाद दावे और आपत्तियों का निपटारा होगा, फिर अंतिम रिकॉर्ड तैयार कर कानूनी स्वामित्व दस्तावेज जारी किए जाएंगे।

रजिस्ट्री का काम अब गांव के और करीब

योजना को तेज गति देने के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को भी पंजीयन का अधिकार दिया गया है। इससे लोगों को रजिस्ट्रार कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का क्यों है नया मॉडल?

अब तक गांवों की बड़ी आबादी के पास अपने घर का कानूनी रिकॉर्ड नहीं था। इससे न केवल विवाद बढ़ते थे, बल्कि बैंक ऋण और कई सरकारी सुविधाओं तक पहुंच भी सीमित रहती थी।

नई व्यवस्था गांवों की संपत्तियों को औपचारिक पहचान देकर उन्हें आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले वर्षों में यही रिकॉर्ड ग्रामीण निवेश, बैंकिंग और विकास योजनाओं का मजबूत आधार बन सकता है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर?...

  • संपत्ति का प्रमाण मिलने से बैंक लोन आसान होगा।
  • जमीन से जुड़े मुकदमों में कमी आने की उम्मीद।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा।
  • पंचायतों के पास सटीक संपत्ति डेटा उपलब्ध होगा।
  • गांवों की विकास योजनाएं अधिक सटीक बन सकेंगी।
  • डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता बढ़ेगी।
ये खबरें भी पढ़ें...

25 मासूमों की मौत के बाद जागी सरकार! आखिर दो दशक तक दवा निगरानी व्यवस्था सोती क्यों रही?

टोकन मिला, खाद नहीं; विधानसभा में किसानों की पीड़ा ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया

दतिया उपचुनाव: ऑपरेशन सेंध शुरू? भाजपा की नजर अब ब्राह्मण-कुशवाहा वोट बैंक पर

सदन से पहले एजेंडा वॉर शुरू, सरकार कानूनों पर अड़ी तो विपक्ष जनता के मुद्दों की फाइल खोलेगा



Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • सरकारी योजनाओं
  • बैंक लोन
  • डिजिटल रिकॉर्ड
  • ड्रोन मैपिंग सर्वे
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By Umeshwari Baghel

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?

By Arohi Raj

वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड

By Umeshwari Baghel

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर

By Sanjay Gupta

बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर