फर्जीवाड़ा रोकने के लिए AI का सहारा लेगा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल
Sourabh Bhatnagar | Dec 13, 2024, 15:51 IST
AI MPESB
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) अब ऑनलाइन परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करेगा। नई तकनीक से प्रश्नपत्र हल करने के तरीके, समय और बायोमैट्रिक डेटा की गहन जांच होगी।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) अब परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करेगा। यह नई पहल पटवारी और शिक्षक भर्ती जैसी विवादास्पद परीक्षाओं के बाद लाई गई है। नई तकनीक परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
यह देखा जाएगा कि किसी विशेष परीक्षा केंद्र में असामान्य संख्या में आवेदन तो नहीं हुए।
परीक्षा के दौरान यह तकनीक सुनिश्चित करेगी कि परीक्षार्थी वही व्यक्ति है, जिसने आवेदन किया है।
AI सॉफ्टवेयर यह विश्लेषण करेगा कि किसी प्रश्न को हल करने में कितना समय लगा। असामान्य समय होने पर इसे
संदिग्ध माना जाएगा।
परीक्षा प्रक्रिया अब तीन एजेंसियों द्वारा संभाली जाएगी- एक परीक्षा संचालन, दूसरी प्रश्नपत्र निर्माण, और तीसरी AI मॉड्यूल का काम करेगी।
परीक्षा शुरू होने से ठीक पांच मिनट पहले प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर हाईटेक कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत हर अभ्यर्थी के डेटा का गहन विश्लेषण किया जाएगा। AI तकनीक परीक्षा संचालन की एजेंसियों की भी निगरानी करेगी और MPESB को रिपोर्ट भेजेगी।
AI तकनीक कैसे करेगी काम?
आवेदन पत्र स्कैनिंग
फेस रिकग्निशन सिस्टम
सवाल हल करने का समय
FAQ
- MPESB AI तकनीक का उपयोग क्यों करेगा?
MPESB परीक्षाओं में पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए AI तकनीक का उपयोग करेगा। - फेस रिकग्निशन तकनीक का क्या काम है?
यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि परीक्षा में वही व्यक्ति शामिल हो जिसने आवेदन किया है। - AI तकनीक कैसे संदिग्ध गतिविधि की पहचान करेगी?
AI सॉफ्टवेयर सवाल हल करने के समय, पैटर्न, और बायोमैट्रिक डेटा का विश्लेषण करेगा। - नई व्यवस्था में प्रश्नपत्र कब तैयार होगा?
परीक्षा शुरू होने से पांच मिनट पहले प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। - परीक्षा केंद्रों की निगरानी कैसे होगी?
कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी और हाईटेक CCTV के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी होगी।
संदिग्ध माना जाएगा।
परीक्षा प्रक्रिया में भी होगा बदलाव
तीन एजेंसियां
पांच मिनट पहले प्रश्नपत्र तैयार
लाइव निगरानी
डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता
FAQ
- MPESB AI तकनीक का उपयोग क्यों कर रहा है?
MPESB परीक्षाओं में पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए AI तकनीक का उपयोग कर रहा है। - फेस रिकग्निशन तकनीक का क्या काम है?
यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि परीक्षा में वही व्यक्ति शामिल हो जिसने आवेदन किया है। - AI तकनीक कैसे संदिग्ध गतिविधि की पहचान करेगी?
AI सॉफ्टवेयर सवाल हल करने के समय, पैटर्न, और बायोमैट्रिक डेटा का विश्लेषण करेगा। - नई व्यवस्था में प्रश्नपत्र कब तैयार होगा?
परीक्षा शुरू होने से पांच मिनट पहले प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। - परीक्षा केंद्रों की निगरानी कैसे होगी?
कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी और हाईटेक CCTV के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी होगी।
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