MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा स्थगित, द सूत्र ने किया था खुलासा

सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीडा अधिकारी परीक्षा 2022, दिनांक तीन मार्च को किया जाना प्रस्तावित था। मध्यप्रदेश PSC ने अपरिहार्य कारणों से यह परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित की जाती है और इसकी नई तिथि अलग से आयोग द्वारा वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

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Jitendra Shrivastava
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MPPSC ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा स्थगित।

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संजय गुप्ता, INDORE. मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा तीन मार्च को कराई जाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। 'द सूत्र' ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि यह परीक्षा मुश्किल में हैं, क्योंकि इसे लेकर जबलपुर हाईकोर्ट और ग्वालियर हाईकोर्ट के अलग-अलग फैसले आ गए हैं। मंगलवार को आयोग दिन भर इंतजार करता रहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट में उनकी दायर रिव्यू याचिका पर फैसला उनके पक्ष में आ जाएगा, लेकिन आर्डर देर शाम तक जारी नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने तय किया कि फिलहाल परीक्षा को स्थगित किया जाए। 

MPPSC ने यह जारी की सूचना

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सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीडा अधिकारी परीक्षा 2022, दिनांक तीन मार्च को किया जाना प्रस्तावित था। MPPSC ने अपरिहार्य कारणों से यह परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित की जाती है और इसकी नई तिथि अलग से आयोग द्वारा वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

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यह है मामला 

परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 25 फरवरी को अपलोड होना थे, जो नहीं हुए। दरअसल अतिथि शिक्षकों को उम्र में दस साल की मिलने वाली छूट को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला अलग आया और जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला अलग। इसी मामले में आयोग ने ग्वालियर हाईकोर्ट को जबलपुर कोर्ट के फैसले का हवाला देकर रिव्यू करने का आवेदन लगाया है। इस पर शुक्रवार (23 फरवरी) को सुनवाई हो चुकी है लेकिन अभी आदेश जारी नहीं हुआ है।

क्या है ग्वालियर हाईकोर्ट का आर्डर

ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता रश्मि चौधरी (उम्र 52 साल) ने तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान द्वारा अतिथि शिक्षकों को भर्ती परीक्षा में दी गई उम्र में दस साल की छूट (6 अक्टूबर 2023) का हवाला देकर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में शामिल होने की मांग की, जिसे ग्वालियर हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया और याचिकाकर्ता को पात्र बताया और फार्म भरने के लिए पत्रा बताते हुए कहा कि पीएससी अतिथि विद्वानों के फार्म मंजूर करे। याचिकाकर्ता के वकील प्रतीप विसोरिया ने तर्क दिया था कि आयोग ने 20 दिसंबर 2022 को नोटिफिकेशन किया था, इसके अनुसार 48 साल वाले तक ही अतिथि विद्वान इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। 6 अक्टूबर 2023 को शासन ने दस साल की छूट दी यानि 58 साल तक के एसटी, एससी, ओबीसी महिला अतिथि विद्वान भी भर सकते हैं। 

पीएससी ने यह कहकर लगाई आपत्ति

वहीं पीएससी ने इस मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट को जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा याचिका 875/2024 में 11 जनवरी 2024 को दिए गए डबल बैंच के फैसले का हवाला दिया। इस फैसले में भी याचिकाकर्ता ने उम्र छूट की मांग की थी, जिसमें डबल बैंच ने कहा कि उम्र में छूट अक्टूबर 2023 में दी है और परीक्षा का नोटिफिकेशन दिसंबर 2022 में हुआ है, ऐसे में भूतकाल से जाकर उम्र की छूट का लाभ नहीं दिया जा सकता है। जब जबलपुर हाईकोर्ट में यह फैसला हुआ तो फिर आयोग ने अपील की है ग्वालियर हाईकोर्ट को याचिकाकर्ता रश्मि चौधरी के मामले में दिए गए फैसले को रिव्यू करे। 

826 पदों के लिए तीन मार्च को होना है परीक्षा

एमपी पीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा तीन मार्च को इंदौर, भोपाल सहित सभी संभागीय मुख्यालयों पर होना है। दस जिलों में यह परीक्षा होगी। वैसे असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 34 विषयों में कुल 1669 पद विज्ञापित हुए हैं, लेकिन पहले दौर में 3 मार्च को 826 पदों के लिए परीक्षा होगी, जिसमें बॉटनी, कामर्स, इंग्लिश, हिंदी, इतिहास, होमसाइंस, गणित और संस्कृत विषय शामिल है। बाकी दो दौर की परीक्षा जून और नवंबर माह में प्रस्तावित है।

MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा