नरेंद्र सिंह तोमर बोले- एक गन्ना किसान दिखाओ, द सूत्र ने दिखाए दर्जनों

Ratan Kumar Mishra | Aug 03, 2026, 13:00 IST
Share
नरेंद्र सिंह तोमर बोले- एक गन्ना किसान दिखाओ
Photograph: (thesootr)

GWALIOR. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर बोले पूरे मुरैना में से एक किसान ऐसा लाओ जो गन्ना उगाता हो। जब 'द सूत्र' ने हकीकत का पता लगाया तो कैलारस के गांव में ही दर्जन भर किसानों के खेतों में गन्ने की फसल लहलहा रही थी।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • द सूत्र की पड़ताल में मुरैना में दर्जनों गन्ना किसान मिले।
  • कैलारस के छोटी मामचोन गांव में लहलहा रही गन्ने की फसल।
  • किसानों ने बताया एक बीघा गन्ने से एक लाख रुपए तक आय।
  • शुगर फैक्ट्री बंद होने से किसानों ने घटाया गन्ना उत्पादन।
  • किसानों ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र तोमर के दावे पर उठाए सवाल।
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री करण वर्मा कैलारस में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि कैलारस शुगर फैक्ट्री क्यों प्रारंभ नहीं की जा रही है।

इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब दिया कि पूरे मुरैना जिले में से एक किसान ऐसा लेकर आओ जो गन्ना उगाता हो। उनका यह कहते हुए का वीडियो वायरल हो गया।

विधानसभा अध्यक्ष के कथन की हकीकत जानने के लिए 'द सूत्र', की टीम कैलारस क्षेत्र के छोटी मामचोन गांव जब पहुंची तो वहां देखा की लगभग दर्जन भर किसान अपने खेतों में गन्ने की पैदावार कर रहे हैं। 'द सूत्र' की टीम जब किसानों के साथ उनके खेतों पर पहुंची तो देखा कि गन्ने की फसल उनके खेतों में लहलहा रही है।

हरी सिंह यादव ने 12 बीघा में उगाया गन्ना

मुरैना जिले के कैलारस तहसील से पहाड़गढ़ रोड पर 8 किलोमीटर चलने के बाद दक्षिण दिशा की तरफ मामचोन गांव के लिए सड़क जाती है। 10 किलोमीटर चलने के बाद पहले बड़ी मामचोन गांव आता है जहां पर ग्राम पंचायत मामचोन का बड़ा बोर्ड लगा हुआ है।

दाहिनी तरफ का रास्ता छोटी मामचोन गांव के लिए जाता है। The Sootr की टीम सबसे पहले किसान हरी सिंह यादव के खेत में पहुंची। हरि सिंह यादव वह किसान हैं, जिन्होंने पूरे गांव में सबसे अधिक खेत में गन्ने की पैदावार की है।

किसान हरी सिंह ने बताया कि उन्होंने इस साल अपने 12 बीघा खेत में गन्ने की फसल उगाई है। उन्होंने बताया कि वह गन्ने का बीज ग्वालियर के डबरा क्षेत्र के गोराघाट से लेकर आए थे।

बीज की वैरायटी 552 है। इस वैरायटी का गन्ना बहुत मोटा होता है और उसमें बहुत रस निकलता है। जिससे गुड़ भी अधिक मात्रा में होता है। फायदा पूछने पर उन्होंने बताया कि एक बीघे खेत में प्रतिवर्ष एक लाख रुपए की नगद फसल होती है।

गन्ने में मेहनत से कहीं ज्यादा होती है पैदावार

गन्ने की फसल में मेहनत भी बहुत अधिक है और फायदा भी अन्य फसलों के मुकाबले बहुत अधिक है। वह कई वर्षों से गन्ने की फसल उगाते आ रहे हैं। शुगर फैक्ट्री बंद होने के कारण वह अधिक गन्ना नहीं उगाते हैं क्योंकि गन्ने की अधिक पैदावार करने के बाद उससे गुड़ बनाने की समस्या आती है।

अन्य फसलों के पूछने पर उन्होंने बताया कि बाजरा या गेहूं जैसी अन्य फसल उगाने पर उसकी लागत भी नहीं निकलती है। उन्होंने बताया कि यहां पर पानी की कोई कमी नहीं है, बड़ी मात्रा में पानी की उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि हमारे परिवार में 15 लोग हैं वह लोग भी गन्ना उत्पादन करते हैं।

वैरायटी के बारे में बताया कि उन्होंने 049 वैरायटी का गन्ना लगाया है, जिसका बीज वे ग्वालियर के डबरा से लेकर आए थे। इस वैरायटी का गन्ना बहुत मोटा और रसदार निकलता है।

1148, 502 तथा 552 वैरायटी का गन्ना लगाया

छोटी मामचोन गांव के दूसरे किसान जडेल सिंह यादव ने बताया कि, जब कैलारस की शुगर फैक्ट्री चालू थी तब वह 20 बीघा जमीन में गन्ने की फसल उगाते थे लेकिन फैक्ट्री के बंद होने के बाद इस बार केवल उन्होंने मात्र 6 बीघा खेत में ही गन्ने की फसल उगाई है।

जडेल सिंह ने बताया कि वह बहुत लंबे समय से गन्ना उगाते आ रहे हैं। उन्होंने अपने खेत में 1148, 502 तथा 552 वैरायटी का गन्ना लगाया है। उन्होंने बताया कि 1 साल में प्रति बीघा एक लाख रुपए की गन्ने की नगद फसल हो जाती है।

sugarcane farmers morena (2)
sugarcane farmers morena (2)


एक बीघा में पैदा होता है 300 क्विंटल गन्ना

छोटी मामचोन गांव निवासी भूपेंद्र धाकड़ ने बताया कि इस साल उन्होंने 10 बीघा खेत में गन्ने की फसल उगाई है। उन्होंने 552 वैरायटी का गन्ना लगाया है। वह बहुत लंबे समय से गन्ना उत्पादन करते आ रहे हैं। पूछने पर बताया कि एक बीघे खेत में ढाई सौ से 300 क्विंटल गन्ना पैदा होता है।

sugarcane farmers morena
sugarcane farmers morena


फैक्ट्री के समय 100 बीघा में होता था गन्ना

छोटी मामचोन गांव के किसान विजय सिंह रावत ने बताया कि जब शुगर फैक्ट्री चालू थी तब पूरे गांव में लगभग 100 बीघा खेत में किसान गन्ना उगाते थे, लेकिन जब से फैक्ट्री बंद हुई है तब से किसानों के पास उस गन्ने को खपाने की समस्या आन पड़ी।

कोई और रास्ता न देख, किसानों ने धीरे-धीरे गन्ना उत्पादन कम कर दिया और आज यह हालत है कि पूरे गांव में मात्र दर्जन भर किसान ही गन्ना उत्पादन कर रहे हैं।

विजय सिंह रावत ने बताया कि इस साल उन्होंने मात्र चार बीघा खेत में गन्ने की फसल उगाई है। 552 वैरायटी का गन्ना लगाया है, जिसका बीज वह ग्वालियर के डाबरा गोराघाट से लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि अगर शुगर फैक्ट्री चालू होती है तो किसानों की किस्मत खुल जाएगी और वे पहले की तरह ही बड़ी मात्रा में गन्ना उत्पादन करने लगेंगे।

हमारे गांव में आएं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर….

गांव के एक दूसरे किसान बनवारी लाल रावत से जब कहा गया कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि पूरे जिले में एक भी किसान गन्ना उत्पादन नहीं करता है।

तब बनवारी लाल बोले कि नरेंद्र सिंह तोमर हमारे गांव छोटी मामचोन आकर देखें कि हम लोग गन्ना उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव के किसान मिलजुलकर किराए पर गांव में ही गन्ना पेलने का क्रेशर लगाते हैं, उसे किराए पर लगाया जाता है। उसी पर पूरे गांव के किसान अपने गन्ने की फसल को पेलते हैं और उसका गुड़ बनाकर बेचते हैं।

गन्ने जैसा फायदा किसी में नहीं….

छोटी मामचोन गांव के एक दूसरे किसान सुरेश जाटव ने बताया कि गन्ने की फसल जितना फायदा किसी दूसरी फसल में नहीं है। यही वजह है कि उन्होंने इस बार अपने 10 बीघा खेत में गन्ने की फसल उगाई है। उन्होंने बताया कि प्रति बीघा एक लाख रुपए से कम उनकी फसल नहीं बिकती है जबकि अन्य फसलों में इतना लाभ नहीं है। आज बाजार में गुड़ 50 रूपए प्रति किलो की दर से बचा जा रहा है।

इन किसानों ने भी उगाया गन्ना

उपरोक्त किसानों के अलावा छोटी

मामचोन गांव में पुरुषोत्तम पंडित ने डेढ़ बीघा खेत में गन्ने की फसल की है। किसान मोहर सिंह धाकड़ ने एक बीघा खेत में गन्ना उगाया है। रामेश्वर दयाल रावत जो कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं उन्होंने 6 बीघे खेत में गन्ने की पैदावार की है। घनश्याम धाकड़ ने डेढ़ बीघा। संतोष धाकड़ ने एक बीघा, दिनेश धाकड़ ने 4 बीघा तथा प्यार जाटव ने दो बीघा खेत में गन्ने की पैदावार की है।

भटपुरा गांव में जैविक गाने की खेती

मुरैना के जौरा क्षेत्र के भटपुरा स्यावटा गांव में भी गन्ने की खेती की जा रही है। मुरैना से जौरा जाने पर भटपुरा स्यावटा गांव 10 किलोमीटर पहले पड़ता है। उसके बाद जौरा कस्बा आता है। भटपुरा में भटपुरा बस स्टैंड पर सड़क के दोनों तरफ गन्ने की फसल आसानी से देखी जा सकती है।

यहां पर किसान रामदीन त्यागी ने बताया कि वह जैविक गन्ने की खेती करते हैं। जैविक से मतलब खेत में रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते हैं तथा जैविक खाद का उपयोग करते हैं। उन्होंने 22 बीघा जमीन में गन्ना उगाया हुआ है।

रामदीन ने अपने यहां गन्ने का क्रेशर लगाया हुआ है जिस पर वह गन्ने की पिराई करते हैं और उसे गुड़ बनाते हैं। उस गुड़ को वे वहीं पर बेचते हैं और अन्य जिलों में भी सप्लाई करते हैं। इसके अलावा वह अन्य जैविक खेती करने वाले किसानों के गन्ने की पिराई भी करते हैं तथा गुड़ बनाते हैं।

गलत बोल रहे हैं, नरेंद्र सिंह तोमर

भटपुरा स्यावटा गांव में शिशुपाल त्यागी तथा कन्हैया लाल त्यागी का मकान है। सड़क के किनारे ही उनके खेतों में गन्ने की फसल लहलहा रही है। शिशुपाल त्यागी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर गलत बोल रहे हैं कि, पूरे मुरैना जिले में एक भी गन्ना उत्पादक किसान नहीं है।

हमारे खेत सड़क के किनारे ही हैं, विधानसभा अध्यक्ष हमारे गांव आए और आकर देखें की हमने खेतों में गन्ना उगाया हुआ है। पहले सरकार ने वादा किया था कि गन्ना उत्पादक किसान को एक लाख रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इस भरोसे हमने भी इस बार गन्ना उगाया है, लेकिन हमें कोई राशि नहीं दी गई। हमारे सामने समस्या है कि, शुगर फैक्ट्री चालू नहीं की गई है, जिससे अब हम इस गन्ने को लेकर कहां पिराने ले जाएं?

ये खबरें भी पढ़ें...

खूंटा गाड़कर रहो तो मिलेगा सम्मान... कुशवाह समाज पर नरेंद्र सिंह तोमर के बयान से बवाल

भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, बोले नियमितीकरण नहीं तो घेरेंगे राजधानी

अविवाहित बेटी के नवजात को नाना ने जिंदा दफनाया, पोल खुली तो खुद भी जहर खाया

लाड़ली बहना योजना से पांच लाख महिलाओं के कटे नाम, इस कारण लिस्ट से हुईं बाहर

Tags:
  • नरेंद्र सिंह तोमर
  • मुरैना
  • विधानसभा अध्यक्ष
  • पड़ताल
  • the sootr
  • गन्ने की फसल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान