गलगोटिया यूनिवर्सिटी मामले में नेहा सिंह पर सबकी नजर, MP से तगड़ा कनेक्शन

Manya Jain | Feb 18, 2026, 20:24 IST
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neha-singh MP connection controversy galgotias university
neha-singh MP connection controversy galgotias university

दिल्ली में एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा पेश किया गया चाइनीज रोबोटिक डॉग मामला विवाद का विषय बना गया है। इस मामले में चर्चित नेहा सिंह का मध्यप्रदेश से गहरा कनेक्शन है।

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई समिट में नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी का रोबोटिक डॉग का प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। इस मामले में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कम्यूनिकेशन की हैड नेहा सिंह चर्चा के केंद्र में है। इनका मध्यप्रदेश के इंदौर से कनेक्शन है।

जब यह पता चला कि यह चाइनीज रोबोट है, तो धोखाधड़ी के आरोप लगे और यूनिवर्सिटी को बाहर निकाल दिया गया। इस मामले में सबसे ज्यादा नेहा सिंह का नाम सामने आ रहा है, जिनका गहरा संबंध मध्यप्रदेश से है।

क्या है पूरा मामला?

समिट के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो जंगल की आग की तरह फैल गया। इस वीडियो में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह एक रोबोटिक कुत्ते का प्रदर्शन कर रही थीं। उन्होंने इस मशीन को 'ओरियन' (Orion) नाम दिया और मीडिया के सामने गर्व से दावा किया कि इसे यूनिवर्सिटी ने खुद विकसित किया है। उन्होंने इसे कैंपस सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

हालांकि, टेक्निकल एक्सपर्ट्स और नेटिज़न्स ने तुरंत पहचान लिया कि यह कोई स्वदेशी आविष्कार नहीं, बल्कि चीन की प्रसिद्ध रोबोटिक्स कंपनी 'यूनिट्री' (Unitree) का 'यूनिट्री Go2' (Unitree Go2) मॉडल है। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी की साख पर सवाल उठने लगे।

प्रोफेसर की मीडिया के साथ नोकझोंक

जब सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हुई कि रोबोट चीन का है, तो प्रोफेसर नेहा सिंह का एक और वीडियो सामने आया है। इस बार उनका तेवर काफी आक्रामक था। उन्होंने अपने पिछले बयान का खंडन किया और मीडिया पर उनके शब्दों को 'तोड़ने-मरोड़ने' का आरोप लगाया।

विवादित बयान: "मीडिया को अपनी आंखें लाल दिखाते हुए उन्होंने काउंटर करने वाले पत्रकारों को डपट दिया। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके इस आत्मविश्वास की तुलना राजनीतिक प्रवक्ताओं से की है।
इस घटना पर हास्य कवि संपत सरल सहित कई मशहूर हस्तियों ने तंज कसा है। आलोचकों का कहना है कि 'न्यू इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करने के नाम पर इस तरह के फर्जी दावे करना गंभीर चिंता का विषय है।

कौन हैं नेहा सिंह?

Capture
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नेहा सिंह नवंबर 2023 से गलगोटिया यूनिवर्सिटी में काम कर रही हैं। वे पहले शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। उन्होंने करियर लॉन्चर में मेंटर का काम भी किया। नेहा ने गीतम यूनिवर्सिटी में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने 2006 में इंदौर से एमबीए पूरा किया था। इससे पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री ली। वे कम्युनिकेशन और सॉफ्ट स्किल्स की एक्सपर्ट मानी जाती हैं। वे एआई या रोबोटिक्स की टेक्निकल डेवलपर नहीं हैं।

समिट से किया गया बाहर

मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया गया। गलत जानकारी फैलने से रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। समिट के आयोजकों ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया। सरकारी विभाग ने भी मामले में दखल दिया है।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी को तुरंत स्टॉल हटाने को कहा गया। उन्हें एक्सपो हॉल जल्द खाली करने का आदेश मिला। प्रशासन ने यह सख्त कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की।

  • कारण: विदेशी चीज को अपना बताकर दिखाना एक तरह की धोखाधड़ी है। यह 'बौद्धिक संपदा' (Intellectual Property) के नियमों के खिलाफ है और प्रदर्शनी के कायदे भी तोड़ता है।
  • असर: इस हरकत की वजह से वहां आए दूसरे मेहनती स्टार्टअप्स और कॉलेजों की रेपुटेशन (Image) पर भी बुरा असर पड़ा है, जबकि उनकी कोई गलती नहीं थी।

'ओरियन' या 'यूनिट्री Go2'?

विवरणओरियन (गलगोटिया का दावा)यूनिट्री Go2 (वास्तविकता)
निर्मातागलगोटिया यूनिवर्सिटी (दावा किया गया)यूनिट्री रोबोटिक्स, चीन
उपयोगइन-हाउस सिक्योरिटीग्लोबल कमर्शियल रोबोट
सच्चाईकेवल नाम बदला गयाओरिजिनल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर चीन का है
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय संस्थान ने विदेशी तकनीक पर अपना ठप्पा लगाकर उसे पेश किया हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर की एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में ऐसी चूक होना भारत की 'डीप-टेक' साख के लिए झटका मानी जा रही है।

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