OBC आरक्षण सुनवाई 15 जुलाई को होगी, 14 जुलाई की लिस्टिंग को कोर्ट ने माना त्रुटि

Neel Tiwari | Jul 14, 2026, 14:40 IST
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OBC आरक्षण सुनवाई
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों की सुनवाई सोमवार को नहीं हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि 14 जुलाई की लिस्टिंग प्रशासनिक त्रुटि थी। अब सभी 91 मामलों की नियमित सुनवाई 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे से तय कार्यक्रम के अनुसार होगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण से जुड़े कई मामले हाई कोर्ट में लंबित हैं।
  • इन्हीं के साथ अलग बेंच में प्रमोशन में आरक्षण के मामलों की भी सुनवाई चल रही है।
  • कोर्ट पहले ही 15 जुलाई से लगातार सुनवाई का आदेश दे चुका था।
  • 14 जुलाई को मामले गलती से कॉज लिस्ट में शामिल हो गए।
  • कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब OBC मामले की सुनवाई 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे होगी।

OBC आरक्षण सुनवाई पर कोर्ट ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ में सोमवार, 13 जुलाई को ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं हुई। अदालत ने साफ किया कि 14 जुलाई की लिस्टिंग प्रशासनिक गलती थी।

इसलिए मामलों पर बहस तय कार्यक्रम के अनुसार 15 जुलाई से शुरू होगी। इससे सुनवाई की तारीख को लेकर बनी सभी अटकलें भी खत्म हो गईं।

बता दें कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े 91 मामलों की सुनवाई सोमवार को प्रस्तावित दिख रही थी। लेकिन कोर्ट में स्पष्ट हुआ कि ओबीसी आरक्षण मामले की लिस्टिंग तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटि के कारण हुई। अब सभी मामलों की सुनवाई मंगलवार 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे से होगी। कोर्ट पहले ही इन मामलों में लगातार सुनवाई का आदेश दे चुका है।

कैसे हुई लिस्टिंग की गलती?

सोमवार, 13 जुलाई को खंडपीठ क्रमांक दो में जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की बेंच बैठी थी। कॉज लिस्ट में ओबीसी आरक्षण के 91 मामले शामिल दिखाई दिए।

इससे पक्षकारों और वकीलों में सुनवाई को लेकर उत्सुकता बढ़ गई। हालांकि कोर्ट में स्थिति जल्द ही स्पष्ट हो गई।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट का ध्यान दिलाया

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने अदालत का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि मामला सूची में शामिल है, जबकि यह बैच दोपहर 2:30 बजे उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से 15 जुलाई की तारीख तय है। इसके बाद कोर्ट के समक्ष पूरी स्थिति रखी गई।

अदालत ने बताई असली वजह

कोर्ट में बताया गया कि इन मामलों की सुनवाई पहले से 15 जुलाई के लिए तय थी। साथ ही लगातार सुनवाई का आदेश भी पहले जारी हो चुका है।

प्रशासनिक स्तर पर हुई त्रुटि के कारण मामले 14 जुलाई की सूची में आ गए। इसलिए सोमवार को इन मामलों पर कोई सुनवाई नहीं की गई।

15 जुलाई से शुरू होगी नियमित सुनवाई

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि सभी मामलों की सुनवाई अब 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे से होगी। पहले से तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अब पक्षकार तय समय पर अपनी दलीलें पेश करेंगे। इससे सुनवाई की प्रक्रिया भी व्यवस्थित रहेगी।

क्यों अहम है यह सुनवाई?

बता दें कि मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है। इसी तरह प्रमोशन में आरक्षण का विवाद भी हजारों कर्मचारियों से जुड़ा है।

इन मामलों के फैसले का असर सरकारी भर्तियों और पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ सकता है। यही कारण है कि हर सुनवाई पर सभी पक्षों की नजर रहती है।

अब आगे क्या होगा?

15 जुलाई से दोपहर 2:30 बजे नियमित सुनवाई शुरू होगी। अदालत पहले से तय क्रम में पक्षकारों की दलीलें सुनेगी। इसके बाद आवश्यक होने पर आगे की तारीख या आदेश जारी किए जाएंगे। फिलहाल हाई कोर्ट ने केवल इतना स्पष्ट किया है कि 14 जुलाई की लिस्टिंग प्रशासनिक त्रुटि थी।

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