खटारा बसें अब नहीं दौड़ेंगी सड़कों पर, एमपी में 135 बसों पर कार्रवाई, 73 के परमिट रद्द, प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई
Rahul Dave | Nov 29, 2025, 15:09 IST
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मध्यप्रदेश में निजी खटारा बसों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। परिवहन विभाग ने 73 पुरानी बसों का परमिट रद्द करने का आदेश दिया है। एमपी में पहली बार इतना बड़ा एक्शन लिया गया है।
Indore News: मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने शनिवार को 73 यात्री बसों के परमिट रद्द करने का आदेश जारी किया है। वहीं 62 और बसों का परमिट निरस्त की कार्रवाई चल रही है।
यानी कुल 135 बसें अब सड़क से बाहर होंगी। यह संख्या बढ़ भी सकती है। यह कार्रवाई इंदौर संभाग आयुक्त सुदाम खाड़े और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण प्रदीप शर्मा के द्वारा की गई है। बता दें कि मध्यप्रदेश में पहली बार निजी परिवहन पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।
यह कदम उन बस ऑपरेटरों के खिलाफ उठाया गया है, जो नियमों को दरकिनार कर 15 साल से अधिक पुरानी बसों को परमिट रिन्यू करवाकर लगातार सड़क पर दौड़ा रहे थे। नियम साफ है कि किसी भी बस को 15 साल से अधिक सड़क पर नहीं चलाया जा सकता है।
एमपी परिवहन विभाग की जांच में सामने आया कि कई बसें 18-20 साल पुरानी थीं। ऑपरेटर कागजों में बदलाव करके परमिट का नवीनीकरण करवा लेते थे।
इससे एक ओर यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती थी। वहीं दूसरी ओर नए वाहन खरीदने वाले ऑपरेटरों के साथ बड़ी नाइंसाफी होती थी।
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प्रदेश में इस तरह की राज्य-स्तरीय व्यापक कार्रवाई (एमपी में पुरानी बसों पर कार्रवाई) पहली बार हुई है। परिवहन विभाग अब बस ऑपरेटरों की पूरी लिस्ट दोबारा जांच रहा है। अगले चरण में और 40-50 बसों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
यह बदलाव इसलिए जरूरी माना गया क्योंकि पुराने वाहन सड़क सुरक्षा, ब्रेक, पहियों, इंजन, ब्राइटनेस आदि में असुरक्षित होते जा रहे थे। यात्रियों की जान और सुरक्षा के जोखिम बढ़ रहे थे।
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आरटीओ प्रदीप सोनी ने बताया कि प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बसों के परमिट निरस्त की कार्रवाई की गई है। यह वह बसें हैं जो 15 साल से अधिक पुरानी हैं।
इनको लेकर RTO ऑफिस में एक रिपोर्ट तैयार हुई थी। फिर सबसे पहले इन बस चालकों को नोटिस दिया गया था। उसके बाद उन्हें सुना गया फिर जाकर इन पर कार्रवाई की गई है।
यानी कुल 135 बसें अब सड़क से बाहर होंगी। यह संख्या बढ़ भी सकती है। यह कार्रवाई इंदौर संभाग आयुक्त सुदाम खाड़े और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण प्रदीप शर्मा के द्वारा की गई है। बता दें कि मध्यप्रदेश में पहली बार निजी परिवहन पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।
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15 साल से अधिक पुरानी बसों को ना
एमपी परिवहन विभाग की जांच में सामने आया कि कई बसें 18-20 साल पुरानी थीं। ऑपरेटर कागजों में बदलाव करके परमिट का नवीनीकरण करवा लेते थे।
इससे एक ओर यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती थी। वहीं दूसरी ओर नए वाहन खरीदने वाले ऑपरेटरों के साथ बड़ी नाइंसाफी होती थी।
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कैसे खुला पूरा खेल?
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40-50 और बसों पर हो सकती है कार्रवाई
यह बदलाव इसलिए जरूरी माना गया क्योंकि पुराने वाहन सड़क सुरक्षा, ब्रेक, पहियों, इंजन, ब्राइटनेस आदि में असुरक्षित होते जा रहे थे। यात्रियों की जान और सुरक्षा के जोखिम बढ़ रहे थे।
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प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई
इनको लेकर RTO ऑफिस में एक रिपोर्ट तैयार हुई थी। फिर सबसे पहले इन बस चालकों को नोटिस दिया गया था। उसके बाद उन्हें सुना गया फिर जाकर इन पर कार्रवाई की गई है।
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