संपत्तिकर भरने से अवैध कॉलोनी में निर्माण वैध नहीं होता, कलेक्टर और पंजीयन विभाग इन पर ड्यूटी भी वसूलें: हाईकोर्ट इंदौर
Sandeep Kumar | Apr 04, 2024, 12:20 IST
अवैध कॉलोनियों को लेकर HC का फैसला
अवैध कॉलोनियों को लेकर इंदौर हाईकोर्ट बैंच ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के बाद कहा कि संपत्ति कर और बिजली बिल भर भरने से कोई संपत्ति वैध नहीं होती है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला....
संजय गुप्ता @INDORE. अवैध कॉलोनियों ( illegal colonies ) को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ( Indore High Court ) ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इंदौर हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के बाद साफ कहा कि- इंदौर में ही अकेले 1100 अवैध कॉलोनियां भूमाफिया ने काट दी हैं। इसमें मकान बनाने में आम व्यक्ति की जिंदगीभर की मेहनत की कमाई जा रही है। वह इसे वैध मानते हैं, लेकिन संपत्ति कर, बिजली बिल भरने से कोई संपत्ति वैध नहीं होती है। हाईकोर्ट ने भूमाफिया द्वारा अवैध काटी जा रही कॉलोनियों पर चिंता जाहिर की कहा कि इस दिशा में कलेक्टर इंदौर कदम उठाएं।
ये खबर भी पढ़िए...दतिया टोल प्लाजा पर गोलीबारी, जान बचाने के लिए भागे दो कर्मचारियों की कुएं में गिरने से मौत
ये खबर भी पढ़िए...भोपाल में मंत्री पुत्र मारपीट का मामला, टीटी नगर टीआई को सौंपी गई जांच
जस्टिस विवेक रूसिया की कोर्ट में चले सुरजीत कौर विरुद्ध मप्र शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग, कलेक्टर इंदौर, नगर निगम इंदौर और जोन 13 बिल्डिंग ऑफिसर अनूप गोयल केस में यह निर्देश जारी किए हैं।
1- हाईकोर्ट ने माना कि केवल संपत्ति कर भरने से, बिजली कनेक्शन होने से किसी भी अवैध कॉलोनी में निर्माण, या अवैध निर्माण को वैध की पात्रता नहीं मिल जाती है।
2- निगम, बिजली विभाग व अन्य एजेंसियों में समन्वय नहीं है। सब अपने टैक्स, ड्यूटी ले लेते हैं, लेकिन इन अवैध निर्माण, पर मप्र शासन को कोई भी पंजीयन, स्टाम्प ड्यूटी नहीं मिलती है, इससे मप्र शासन राजस्व में नुकसान में रहता है।
3- नगर निगम को संपत्ति कर लेने से पहले देखना चाहिए कि वह भूखंड की वैधता भूस्वामी के पास सही है और क्या निर्माण वैध है या नहीं, इसके बाद ही संपत्ति कर लेना चाहिए।
4- नगर निगम अपनी अवैध कॉलोनियों की सूची कलेक्टर इंदौर और पंजीयन विभाग को उपलब्ध कराए और इसमें दोनों ही आवश्यक एक्शन लें।
5- इंदौर में भूमाफियाओं ने 1100 अवैध कॉलोनी काट दी, उन पर कई एफआईआर भी हो गई, लेकिन इसके बाद भी लोग वैधता के लिए परेशान हो रहे हैं।
6- हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि लोग यहां प्लाट नोटरी पर ले लेते हैं। अवैध निर्माण में अपनी मेहनत की कमाई लगा देते हैं, लेकिन इसके बाद भी वैधता नहीं मिलती है। कलेक्टर इंदौर इस दिशा में कदम उठाएं।
ये खबर भी पढ़िए...कैलारस नगर परिषद में बिल का भुगतान में 1.41 करोड़ की गड़बड़ी, EOW ने आठ अधिकारी-कर्मचारियों पर दर्ज की FIR
दरअसल यह मामला तब उठा जब सुरजीत कौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। यह याचिका नगर निगम द्वारा पिपपल्यारवा के सर्वे नंबर 162 में उनके 1800 वर्गफीट प्लाट पर बने निर्माण को अवैध बताने औऱ् तोड़ने के लिए था। इस पर कौर ने कहा कि उनके पोते करण राणा को बीजेपी पदाधिकारी पर हमले का आरोपी बनाने के कारण निगम यह कार्रवाई कर रहा है। वह तो इसका संपत्तिकर भी भर रही है। निगम इसे वैध नहीं कर रहा है, क्योंकि यह वैध कॉलोनी है और पूरा संत नगर ही अवैध है, क्योंकि यह ग्रीन बेल्ट पर है। इस पर नगर निगम ने बताया कि इन्होंने यह प्लाट खासगी ट्रस्ट से साल 2000 में मात्र 50 रुपए के स्टाम्प पर लिया है, ना मालिकाना हक है, ना रजिस्ट्री है और ना ही भवन मंजूरी है। पूरा एरिया ग्रीन बेल्ट में हैं, इसलिए इसे वैध नहीं कर रहे हैं। यह भी सामने आया कि खासगी ट्र्सट ने इस तरह अपनी जमीन कई लोगों को लीज पर मात्र 50-50 रुपए के स्टाम्प पर बेच दी और यह सौदे 1.50-150 लाख रुपए में साल 2000 के करीब हुए थे।
ये खबर भी पढ़िए...भोपाल में मंत्री पुत्र मारपीट का मामला, टीटी नगर टीआई को सौंपी गई जांच
ये खबर भी पढ़िए...दतिया टोल प्लाजा पर गोलीबारी, जान बचाने के लिए भागे दो कर्मचारियों की कुएं में गिरने से मौत
ये खबर भी पढ़िए...भोपाल में मंत्री पुत्र मारपीट का मामला, टीटी नगर टीआई को सौंपी गई जांच
इंदौर हाईकोर्ट ने यह दिए दिशा-निर्देश
जस्टिस विवेक रूसिया की कोर्ट में चले सुरजीत कौर विरुद्ध मप्र शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग, कलेक्टर इंदौर, नगर निगम इंदौर और जोन 13 बिल्डिंग ऑफिसर अनूप गोयल केस में यह निर्देश जारी किए हैं।
1- हाईकोर्ट ने माना कि केवल संपत्ति कर भरने से, बिजली कनेक्शन होने से किसी भी अवैध कॉलोनी में निर्माण, या अवैध निर्माण को वैध की पात्रता नहीं मिल जाती है।
2- निगम, बिजली विभाग व अन्य एजेंसियों में समन्वय नहीं है। सब अपने टैक्स, ड्यूटी ले लेते हैं, लेकिन इन अवैध निर्माण, पर मप्र शासन को कोई भी पंजीयन, स्टाम्प ड्यूटी नहीं मिलती है, इससे मप्र शासन राजस्व में नुकसान में रहता है।
3- नगर निगम को संपत्ति कर लेने से पहले देखना चाहिए कि वह भूखंड की वैधता भूस्वामी के पास सही है और क्या निर्माण वैध है या नहीं, इसके बाद ही संपत्ति कर लेना चाहिए।
4- नगर निगम अपनी अवैध कॉलोनियों की सूची कलेक्टर इंदौर और पंजीयन विभाग को उपलब्ध कराए और इसमें दोनों ही आवश्यक एक्शन लें।
5- इंदौर में भूमाफियाओं ने 1100 अवैध कॉलोनी काट दी, उन पर कई एफआईआर भी हो गई, लेकिन इसके बाद भी लोग वैधता के लिए परेशान हो रहे हैं।
6- हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि लोग यहां प्लाट नोटरी पर ले लेते हैं। अवैध निर्माण में अपनी मेहनत की कमाई लगा देते हैं, लेकिन इसके बाद भी वैधता नहीं मिलती है। कलेक्टर इंदौर इस दिशा में कदम उठाएं।
ये खबर भी पढ़िए...कैलारस नगर परिषद में बिल का भुगतान में 1.41 करोड़ की गड़बड़ी, EOW ने आठ अधिकारी-कर्मचारियों पर दर्ज की FIR
यह है मामला- खासगी ट्रस्ट की कारस्तानी आई सामने
दरअसल यह मामला तब उठा जब सुरजीत कौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। यह याचिका नगर निगम द्वारा पिपपल्यारवा के सर्वे नंबर 162 में उनके 1800 वर्गफीट प्लाट पर बने निर्माण को अवैध बताने औऱ् तोड़ने के लिए था। इस पर कौर ने कहा कि उनके पोते करण राणा को बीजेपी पदाधिकारी पर हमले का आरोपी बनाने के कारण निगम यह कार्रवाई कर रहा है। वह तो इसका संपत्तिकर भी भर रही है। निगम इसे वैध नहीं कर रहा है, क्योंकि यह वैध कॉलोनी है और पूरा संत नगर ही अवैध है, क्योंकि यह ग्रीन बेल्ट पर है। इस पर नगर निगम ने बताया कि इन्होंने यह प्लाट खासगी ट्रस्ट से साल 2000 में मात्र 50 रुपए के स्टाम्प पर लिया है, ना मालिकाना हक है, ना रजिस्ट्री है और ना ही भवन मंजूरी है। पूरा एरिया ग्रीन बेल्ट में हैं, इसलिए इसे वैध नहीं कर रहे हैं। यह भी सामने आया कि खासगी ट्र्सट ने इस तरह अपनी जमीन कई लोगों को लीज पर मात्र 50-50 रुपए के स्टाम्प पर बेच दी और यह सौदे 1.50-150 लाख रुपए में साल 2000 के करीब हुए थे।
ये खबर भी पढ़िए...भोपाल में मंत्री पुत्र मारपीट का मामला, टीटी नगर टीआई को सौंपी गई जांच
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari