PHQ में बड़ा फेरबदल: DIG–AIG स्तर पर जिम्मेदारियों का नया बंटवारा

Ramanand Tiwari | May 05, 2026, 20:52 IST
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dig aig responsibilities
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. भोपाल PHQ ने 5 मई 2026 को DIG और AIG अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया। ये फेरबदल रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि फंक्शनल री-अलाइनमेंट माना जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय भोपाल (PHQ) ने 5 मई 2026 को DIG और AIG स्तर के अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया है। जारी आदेश के तहत कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों को अलग-अलग विंग्स में तैनात किया गया है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विशेष क्षेत्रों में फोकस मजबूत करने की कोशिश की गई है।

क्या है पूरा अपडेट?

PHQ के आदेश में अधिकारियों की पोस्टिंग उनके अनुभव और विभागीय जरूरत के आधार पर बदली गई है। यह फेरबदल रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि फंक्शनल री-अलाइनमेंट माना जा रहा है।

किन अफसरों को क्या जिम्मेदारी मिली?

  • अवधेश गोस्वामी (IPS 2009): उप पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण/लेखा), PHQ भोपाल
  • प्रशांत खरे (IPS 2009): उप पुलिस महानिरीक्षक (CID), PHQ भोपाल
  • मनीष अग्रवाल (IPS 2009): उप पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण), PHQ भोपाल
  • किरणलता केरकेट्टा (IPS 2010): उप पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत), PHQ भोपाल
  • मनोज कुमार राय (IPS 2010): उप पुलिस महानिरीक्षक (चयन एवं भर्ती), PHQ भोपाल
  • रियाज इकबाल (IPS 2011): उप पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन), PHQ भोपाल
  • राहुल कुमार लोढ़ा (IPS 2011): उप पुलिस महानिरीक्षक (STF), PHQ भोपाल
  • सिमाला प्रसाद (IPS 2011): उप पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा), PHQ भोपाल
  • शिवदयाल (IPS 2012): उप पुलिस महानिरीक्षक (विसबल), PHQ भोपाल
  • मनीष खत्री (IPS 2016): सहायक पुलिस महानिरीक्षक (अआवि), PHQ भोपाल
  • रामाश्रय प्रजापति (IPS 2016): सहायक पुलिस महानिरीक्षक (चयन एवं भर्ती), PHQ भोपाल

बदलाव का मतलब क्या है?

यह फेरबदल विभागीय कामकाज को ज्यादा स्पेशलाइज्ड और रिजल्ट-ड्रिवन बनाने की दिशा में कदम है। प्रशिक्षण, भर्ती, महिला सुरक्षा और प्रशासन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर स्पष्ट संकेत दिया गया है कि अब आउटपुट और मॉनिटरिंग दोनों पर फोकस रहेगा।

आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?...

  • शिकायतों के निपटारे में तेजी।
  • महिला सुरक्षा मामलों में बेहतर निगरानी।
  • भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय

PHQ का यह रीशफल पुलिस सिस्टम को अंदर से मजबूत करने और कामकाज को ज्यादा जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

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