राजेंद्र भारती का केस जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में, इसी पर केजरीवाल ने उठाए हैं सवाल

Amresh Kushwaha | Apr 29, 2026, 14:39 IST
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rajendra bharti case justice swarnakanta sharma datia byelection
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राजेंद्र भारती केस की सुनवाई 29 जुलाई तक टलने से दतिया उपचुनाव पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच पर केजरीवाल के सवालों ने मामले को और गर्मा दिया है।

मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा कानूनी लड़ाई का केंद्र बन गई है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से जुड़ा मामला दतिया के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। मंगलवार, 28 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई। अब अगली तारीख 29 जुलाई तय कर दी गई है। इस एक फैसले ने दतिया की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

जानें क्या है पूरा मामला...

दरअसल, यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में लंबित है। संयोग से इन दिनों जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर कहा कि वे शराब नीति घोटाला मामले में हाईकोर्ट में न तो खुद पेश होंगे और न ही अपनी ओर से कोई दलील रखवाएंगे।

केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर सवाल उठाते हुए यहां तक कहा है कि उन्हें इस बेंच से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी बेंच में अब राजेंद्र भारती का मामला भी लंबित है, जिससे दतिया की सियासत में नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है।

उपचुनाव की अटकलें तेज

राजेंद्र भारती के केस में तीन महीने बाद की नई तारीख सामने आते ही उपचुनाव की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। दरअसल, 03 अप्रैल को दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो चुकी है और संवैधानिक प्रावधान के तहत छह महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। यानी 03 अक्टूबर तक हर हाल में वोटिंग करानी होगी।

क्या कहते हैं नियम?

अब जुलाई में फैसला आता है तो चुनाव आयोग के पास सिर्फ 60 दिन का समय बचेगा। जानकारों का मानना है कि यह समय सीमा बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकती है। दूसरी तरफ, यह भी आशंका जताई जा रही है कि सुनवाई की तारीख और आगे खिसक सकती है, क्योंकि फिलहाल अदालत ने सजा पर कोई स्टे नहीं दिया है।

यह है पूरा मामला

गौरतलब है कि एफडी में गड़बड़ी के मामले में 02 अप्रैल को एमपी-एमएलए कोर्ट ने राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले को उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

भारती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधव खुराना ने पैरवी की। हाईकोर्ट ने फिलहाल राहत देते हुए कहा है कि मामला लंबित रहने तक भारती की जमानत जारी रहेगी। वहीं, सजा पर स्टे देने के मुद्दे पर अब 29 जुलाई को सुनवाई होगी।

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