सदस्यता गई, अब दोहरी कानूनी लड़ाई में फंसे राजेंद्र भारती, भाजपा जल्द कराएगी दतिया उपचुनाव
Neel Tiwari | Apr 03, 2026, 16:08 IST
rajendra bharti
Jabalpur: दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद मामला कानूनी पेंच में उलझ गया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट से तुरंत राहत मिलना और बहाली संभव नहीं है।
News in short
- 3 साल की सजा के बाद सदस्यता तत्काल समाप्त।
- धारा 8(3) के तहत अयोग्यता स्वतः लागू।
- हाईकोर्ट में पहले सजा/दोषसिद्धि पर स्टे जरूरी।
- यदि कोर्ट से राहत मिली तब भी लड़नी होगी कानूनी लड़ाई।
- उपचुनाव टालना मुश्किल, सरकार जल्द चुनाव चाहती है।
News in Detail
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8(3) के अनुसार 2 साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि स्वतः अयोग्य हो जाता है। इसलिए विधानसभा सचिवालय ने तुरंत उनकी सीट रिक्त घोषित कर दी। राजेंद्र भारती अब हाईकोर्ट में अपील कर रहे हैं, लेकिन उनकी कुर्सी बचती नहीं दिख रही है।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा, विधायकी खतरे में
कानूनी विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह एक बड़ा कानूनी पेंच है। राजेंद्र भारती की सदस्यता किसी प्रशासनिक आदेश से नहीं बल्कि कानून के स्वतः प्रभाव से खत्म हुई है। वे सीधे सदस्यता रद्द को चुनौती नहीं दे सकते। पहले उन्हें कोर्ट की सजा को खत्म या 2 साल से कम कराना होगा। यह अयोग्यता उसी सजा पर टिकी है।
राजेंद्र भारती ही नहीं... MP के ये MLA भी कानूनी जाल में उलझे, किसी की कुर्सी डांवाडोल तो किसी पर तलवार लटकी
हाईकोर्ट से राहत भी तुरंत नहीं देगी कुर्सी
अगर हाईकोर्ट सजा या दोषसिद्धि पर स्टे देता है या सजा दो साल से कम करता है, तो भी सदस्यता स्वचालित रूप से बहाल नहीं होगी। इसके लिए अलग से कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी। हालांकि, सदस्यता बहाली का कारण कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक होगा।
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सीट खाली, विधानसभा सदस्यता रद्द
पहले भी HC जा चुके हैं भारती
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डबल अपील का जाल, दो बार कोर्ट जाना होगा
राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने का नोटिफिकेशन जल्दी जारी हुआ था, लेकिन इसे उतनी तेजी से रद्द नहीं किया जाएगा। इसलिए उन्हें सदस्यता बहाली के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। यह प्रक्रिया लंबी और जटिल मानी जा रही है।
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विशेषज्ञों ने दिया साफ जवाब
जल्द चुनाव कराने की तैयारी में भाजपा
अब सरकार की प्राथमिकता उपचुनाव कराना है। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि सभी कदम कानून के तहत उठाए गए थे। सदस्यता समाप्त करने का नोटिफिकेशन जारी होने से उपचुनाव की घोषणा जल्द होने की संभावना है।
राजनीति बनाम कानून
उपचुनाव लगभग तय
क्या था पूरा मामला
यह मामला ग्रामीण बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में हेराफेरी और दस्तावेजों की जालसाजी से जुड़ा था, जिसमें IPC की गंभीर धाराएं लागू थीं। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को 3 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8(3) और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले लिली थॉमस बनाम भारत संघ के आधार पर उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। 2 अप्रैल की रात को ही विधानसभा सचिवालय ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर सीट रिक्त घोषित कर दी।
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