पानी के संकट के बीच एमपी इस के गांव की प्यास बुझा रहा राजस्थान का कुआं

Anjali Dwivedi | May 23, 2026, 11:49 IST
Share
water-crisis-mp
water-crisis-mp

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के फतेहपुर गांव में पानी का भीषण संकट है। यहां के लोग प्यास बुझाने के लिए रोज दो किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा में जाते हैं। अधिकारियों ने जल्द ही इस समस्या को दूर करने का भरोसा दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पानी का भारी संकट गहराया है।
  • खिलचीपुर के फतेहपुर गांव के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
  • ग्रामीण प्यास बुझाने के लिए रोज दो किलोमीटर दूर राजस्थान जा रहे हैं।
  • भीषण गर्मी में बच्चे और बुजुर्ग भी पानी ढोने को मजबूर हैं।
  • शिकायत के बाद भी अफसर अब तक कोई ठोस हल नहीं निकाल पाए।
मध्य प्रदेश में हर घर पानी का दावा फेल साबित हो रहा है। राजगढ़ जिले के फतेहपुर गांव में हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। यहां के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस भीषण गर्मी में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया है। तपती धूप में लोग रोज दो किलोमीटर पैदल चलते हैं। ग्रामीणों की प्यास अब राजस्थान का एक कुआं बुझा रहा है।

water_crisis01-950081
water_crisis01-950081


पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा ये गांव?

फतेहपुर गांव खिलचीपुर जनपद की बावड़ीखेड़ा पंचायत में आता है। इस गांव की कुल आबादी करीब 200 लोगों की है। इस गांव के लोगों के लिए पानी की यह समस्या कोई नई नहीं है। ग्रामीण कई सालों से इस परेशानी को झेल रहे हैं। गर्मी का मौसम आते ही इनके हालात और बदतर हो जाते हैं। पानी के इंतजाम में पूरे ग्रामीण दिनभर परेशान रहते हैं।

गांव के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सिर पर बर्तन रखकर काफी दूर पानी की तलाश में निकलते हैं। इसके बावजूद पानी अपने इलाके में नहीं मिलता इसलिए ये पानी लेने पड़ोसी राज्य राजस्थान की सीमा में जाते हैं।

2 किमी पैदल चलकर पानी ला रहे ग्रामीण.(Photo:ITG)
2 किमी पैदल चलकर पानी ला रहे ग्रामीण.(Photo:ITG)


क्या कहना है ग्रामीणों का?

ग्रामीण गजराजसिंह गुर्जर ने बताया कि वे बचपन से यह देख रहे हैं। हर साल गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने कई बार सरपंच से इस समस्या की शिकायत भी की। इसके बाद भी आज तक कोई पक्का समाधान नहीं हुआ। ठीक यही जबाव गांव की निकिता गुर्जर ने दिया।

निकिता का कहना है कि पानी का संकट हम सबके लिए सबसे खतरनाक है। वो कहती हैं कि हम पानी की खोज में सुबह से निकल जाते हैं तब जाकर कहीं हमें एक दो डिब्बा पानी नसीब होता है।

उन्होंने कहा पानी लाने के बाद वे बहुत थक जाती हैं। इतना ही नहीं स्कूल खुलने के बाद पानी की वजह से हमारे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में एक ट्यूबवेल लगना चाहिए। साथ ही पानी रोकने के लिए डैम भी बनना चाहिए।

रेखाबाई और मांगीबाई ने भी बताया कि पूरा परिवार पानी इकट्ठा करने लगा रहता है। छोटे-छोटे बच्चे भी तपती धूप में वजन उठाते हैं। लेकिन प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।

water_crisis02-329192
water_crisis02-329192


इस पर सरपंच का क्या कहना है?

ग्रामीणों के मुताबिक सरपंच इस समस्या पर अजीब जवाब देते हैं। वे कहते हैं कि क्या पानी के लिए जमीन बेच दूं? सरपंच का कहना है कि सरकार व्यवस्था करेगी तब टैंकर आएगा। इस लापरवाही से ग्रामीण बहुत ज्यादा परेशान हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले पर क्या कहा?

ग्रामीण रायसिंह और बलवंत ने कहा कि कोई सुनवाई नहीं होती। लोग सालों से राजस्थान के कुएं पर निर्भर हैं। खिलचीपुर जनपद सीईओ गोविंदसिंह सोलंकी ने इस पर बयान दिया है। उन्होंने माना कि फतेहपुर गांव में भीषण जल संकट है। सीईओ ने कहा कि नल जल योजना का काम अभी अधूरा है। काम पूरा होते ही पंचायत को लाइन सौंप दी जाएगी।

सीईओ के मुताबिक राजस्थान से पानी लाना वाकई अजीब बात है। सीमा पास होने के कारण लोग वहां जा रहे हैं। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों की इस स्थिति पर दुख जताया है।

प्रशासन जल्द ही स्थानीय स्तर पर पानी की व्यवस्था करेगा। खिलचीपुर एसडीएम अंकिता जैन ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से बात की है। एसडीएम ने कहा कि गांव में जल्द ही पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

FAQ

  1. राजगढ़ जिले के फतेहपुर गांव में पानी का क्या संकट है?
    मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के फतेहपुर गांव में पीने के पानी का भारी संकट है। गांव में पानी का कोई साधन नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोज दो किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा में जाकर कुएं से पानी लाना पड़ता है।
ये खबरें भी पढ़ें...

जल संकट ले सकता है भूकंप का रूप, वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी, जानें पूरी रिपोर्ट

एमपी विधानसभा में अंदर पानी और बाहर गूंजा ख्याली पुलाव : पेयजल संकट, जर्जर स्कूल और आदिवासी पर गरमाया सदन

दस दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आने वाले समय में और बढ़ेगी महंगाई!

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा व वन सेवा प्री 2026 के रिजल्ट जारी, 87-13 अपनी ही कैटेगरी में रहेंगे

Tags:
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • राजगढ़
  • भीषण गर्मी
  • पेयजल संकट
  • जल संकट
  • भीषण जल संकट
  • नल जल योजना
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई