एमपी में फर्जी भर्ती : प्रदेश के 4 नगर परिषदों के 249 कर्मियों की सेवा समाप्त और 8 कर्मी बर्खास्त
Sandeep Kumar | Mar 17, 2024, 11:03 IST
मध्य प्रदेश के 4 नगर परिषदों में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की
एमपी के दो जिलों की 4 नगर परिषदों में भर्ती मामले के घोटाले में शासन ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने इस मामले में चार नगर परिषदों के 249 कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी है, वहीं 8 कर्मियों को बर्खास्त किया गया है
BHOPAL. मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) के शहडोल ( Shahdol ) और अनूपपुर ( Anuppur ) जिले के 4 नगर परिषदों में हुए भर्ती में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस गड़बड़ी ने मंत्रालय में खबलबली मचा दी है। अनूपपुर जिले की डोला, डूमरकछार, बनगंवा और शहडोल जिले की बकहो नगर परिषद ( City Council ) में उजागर हुए भर्ती घोटाले से सबंधित मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायतों और नगर परिषद में फर्जी तरीके से भर्ती हुए 249 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। विभाग ने 8 अफसरों को भी बर्खास्त कर दिया है, जिन्होंने इन कर्मचारियों का संवीलियन कराने में भूमिका निभाई। ऐसा पहली बार हुआ है, जब इतने बड़े स्तर पर कर्मचारी-अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है।
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दरअसल तीन साल पहले फर्जी तरीके हुई भर्ती हुई थी। जिसकी जांच करने पर पाया गया कि बड़ी में घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले में पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ अब कमिश्नर नगरीय प्रशासन एवं विकास ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग शहडोल को इन सभी कर्मचारियों के खिलाफ FIR कराने के आदेश दिए हैं। ये भर्ती घोटाला 2021 में तब उजागर हुआ था। जब इस गड़बड़ी की तत्कालीन मंत्री और लोकायुक्त में शिकायत की गई। चार अलग-अलग शिकायतें मिलने के बाद विभाग स्तर पर एक कमेटी बनाई गई।
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घोटाले की जांच के लिए गठित की गई कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी, इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आया कि इन चारों नगर परिषदों में भर्ती हुए कर्मचारियों को करीब 3.20 करोड़ रुपए तनख्वाह के तौर पर बंट गए। अब विभाग इसके लिए जिम्मेदार अफसरों से इतनी राशि वसूल करने की भी तैयारी कर रहा है।
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इन कर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश
दरअसल तीन साल पहले फर्जी तरीके हुई भर्ती हुई थी। जिसकी जांच करने पर पाया गया कि बड़ी में घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले में पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ अब कमिश्नर नगरीय प्रशासन एवं विकास ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग शहडोल को इन सभी कर्मचारियों के खिलाफ FIR कराने के आदेश दिए हैं। ये भर्ती घोटाला 2021 में तब उजागर हुआ था। जब इस गड़बड़ी की तत्कालीन मंत्री और लोकायुक्त में शिकायत की गई। चार अलग-अलग शिकायतें मिलने के बाद विभाग स्तर पर एक कमेटी बनाई गई।
विभाग वसूलेगा जिम्मेदारों से राशि
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घोटाले की जांच के लिए गठित की गई कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी, इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आया कि इन चारों नगर परिषदों में भर्ती हुए कर्मचारियों को करीब 3.20 करोड़ रुपए तनख्वाह के तौर पर बंट गए। अब विभाग इसके लिए जिम्मेदार अफसरों से इतनी राशि वसूल करने की भी तैयारी कर रहा है।
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