सिंधिया संपत्ति विवाद: कोर्ट में 1000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश, सुनवाई 10 अक्टूबर को
Ratan Kumar Mishra | Jul 28, 2026, 23:06 IST
सिंधिया संपत्ति विवाद
ग्वालियर जिला न्यायालय में सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ की संपत्तियों से जुड़े विवाद पर सुनवाई हुई। कोर्ट के सामने 1000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश किया गया। प्रतिमा देवी की कैविएट पर बहस हुई। कोर्ट ने अगली सुनवाई 10 अक्टूबर तय की है।
समझें क्या है पूरा मामला
- सिंधिया राजघराने की संपत्ति विवाद पर जिला न्यायालय में सुनवाई हुई।
- करीब 1000 पन्नों का रिकॉर्ड अदालत में पेश किया गया।
- प्रतिमा देवी की कैविएट पर दोनों पक्षों ने बहस की।
- कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया।
- मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 को होगी।
क्या है सिंधिया संपत्ति विवाद
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। मामला कथित तौर पर करीब 40 हजार करोड़ रुपए की संपत्तियों से जुड़ा है। इसी वजह से इस विवाद पर लोगों की नजर बनी हुई है। न्यायालय में पेश दस्तावेजों और दलीलों ने मामले को नया मोड़ दिया है।
अदालत में पेश हुआ बड़ा रिकॉर्ड
दावा और आपत्तियों से संबंधित अभिलेख भी रिकॉर्ड में रखे गए। फैमिली सेटलमेंट से जुड़े दस्तावेज भी अदालत को सौंपे गए। इसके अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण कागजात भी रिकॉर्ड का हिस्सा हैं।
न्यायालय ने रिकॉर्ड का प्रारंभिक अवलोकन किया। अदालत ने माना कि दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में पूरे रिकॉर्ड का अध्ययन करने के लिए समय जरूरी है। इसी कारण तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया गया।
प्रतिमा देवी की कैविएट पर बहस
उनका कहना था कि संपत्ति विवाद का असर उनकी शाखा पर भी पड़ सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि परिवार के बीच समझौता होता है तो उनके अधिकारों पर भी विचार होना चाहिए। उनके अनुसार किसी भी अंतिम निर्णय से पहले उनका पक्ष सुना जाना जरूरी है।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि बिना सुनवाई कोई अंतिम आदेश पारित न किया जाए। इस दौरान उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कानूनी पक्ष भी रखा।
दूसरे पक्ष ने क्या कहा
उनका कहना था कि केवल आवेदन देना पर्याप्त नहीं है। आवेदन के समर्थन में जरूरी अभिलेख भी होना चाहिए। सुनवाई के दौरान यह तर्क भी रखा गया कि अब तक पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इसी आधार पर कैविएट को स्वीकार नहीं करने की मांग उठाई गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तत्काल कोई राय नहीं दी। न्यायालय ने रिकॉर्ड और तर्कों का विस्तृत अध्ययन जरूरी माना।
अदालत ने आदेश क्यों नहीं दिया
इन दस्तावेजों को देखे बिना कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसी वजह से अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया। न्यायालय ने सभी दस्तावेजों का विस्तार से परीक्षण करने का निर्णय लिया। इसके बाद अगली सुनवाई की तारीख तय की गई। अब इस मामले पर 10 अक्टूबर 2026 को फिर सुनवाई होगी। उस दिन रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है।
फैमिली सेटलमेंट बना चर्चा का केंद्र
उनका कहना था कि किसी समझौते से पहले सभी वैधानिक दावों पर विचार होना चाहिए। दूसरी ओर, अन्य पक्षों ने इस दावे का विरोध किया। उन्होंने अदालत से कैविएट को स्वीकार नहीं करने की मांग की। इसी कानूनी बहस के कारण सुनवाई लंबी चली। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को रिकॉर्ड में शामिल किया।
वर्षों पुराना है विवाद
इसी प्रक्रिया के दौरान यह नया कानूनी विवाद सामने आया। अब अदालत के सामने सभी दावों और दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद ही मामले में आगे की दिशा तय होगी।
प्रतिमा देवी ने क्या दावा किया
इसी आधार पर उन्होंने संपत्ति विवाद में अपनी शाखा की हिस्सेदारी पर विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते या न्यायिक निर्णय से पहले उनका पक्ष सुना जाना चाहिए। उनकी ओर से यही प्रमुख कानूनी दलील अदालत के सामने रखी गई।
अदालत की अगली प्रक्रिया
अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 को होगी। उसी दिन अदालत आगे की प्रक्रिया पर निर्णय ले सकती है। फिलहाल सभी पक्ष न्यायालय के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं। सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि कैविएट पर अदालत क्या फैसला लेती है और संपत्ति विवाद की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
कौन हैं प्रतिमा देवी, जिन्होंने सिंधिया परिवार की संपत्ति सेटलमेंट में फंसाया नया पेच
ग्वालियर कोर्ट के मांगने पर भी पूरी संपत्ति का ब्योरा छिपा रहा सिंधिया परिवार
सिंधिया परिवार में संपत्ति विवाद: अब 27 जुलाई को कब्जे के आधार पर होगा फैसला!
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari