फसल सुरक्षा बनी बाघों के लिए काल, करंट लगने से दो बाघों की मौत
Anjali Dwivedi | Feb 02, 2026, 18:58 IST
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शहडोल के जयसिंहनगर में किसान ने फसल सुरक्षा के लिए तार बिछाए थे। उसी करंट से एक नर और मादा बाघ की मौत हो गई। वन विभाग की डॉग स्क्वॉड टीम मामले की जांच में जुटी है।
Shahdol. मध्य प्रदेश के शहडोल वन्यजीव गलियारे से एक दुखद खबर सामने आई है। शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। यह घटना रविवार, एक फरवरी की रात की है, जिसने वन विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है।
रविवार, एक फरवरी की रात को वन विभाग को सर्किल मसिरा के RF 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव मिलने की सूचना मिली थी।
विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की, लेकिन सोमवार दो फरवरी की सुबह तलाशी के दौरान घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर एक और बाघिन का शव बरामद हुआ। एक ही क्षेत्र में दो बाघों के शव मिलने से यह साफ हो गया कि यह कोई प्राकृतिक मौत नहीं, बल्कि एक बड़ी दुर्घटना है।
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शुरुआती जांच और मौके के साक्ष्यों (Evidence) ने इस पूरी गुत्थी को सुलझा दिया है। दरअसल, एक स्थानीय किसान ने अपनी फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया था। दुर्भाग्य से घूमते हुए ये दोनों बाघ उसी तार के संपर्क में आ गए। करंट इतना शक्तिशाली था कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
DFO तरुणा वर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक गंभीर अपराध करार दिया है। उन्होंने बताया कि विभाग नियमानुसार बाघों के शव का पोस्टमॉर्टम करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डॉग स्क्वॉड और विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है। फील्ड स्टाफ पूरे इलाके की सघन तलाशी ले रहा है। संबंधित किसान की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस घटना को राज्य की जैव विविधता के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा (वन्यजीव सुरक्षा) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। साल 2025 में प्रदेश में रिकॉर्ड 54 बाघों (मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बाघों की मौत) की मौत के मामले में हाईकोर्ट (MP High Court) पहले ही केंद्र, राज्य सरकार और NTCA से जवाब मांग चुका है। इस जनहित याचिका (PIL) पर अगली सुनवाई 11 फरवरी को होनी है। ऐसे में शहडोल की यह घटना सरकार की मुश्किलों को और बढ़ा सकती है।
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कैसे हुई यह घटना
विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की, लेकिन सोमवार दो फरवरी की सुबह तलाशी के दौरान घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर एक और बाघिन का शव बरामद हुआ। एक ही क्षेत्र में दो बाघों के शव मिलने से यह साफ हो गया कि यह कोई प्राकृतिक मौत नहीं, बल्कि एक बड़ी दुर्घटना है।
tigers dying in mp 1
करंट बना बाधों की मौत का कारण
गंभीर अपराध मानकर चल रही जांच
डॉग स्क्वॉड और एक्सपर्ट्स की पैनी नजर
हाईकोर्ट में सुनवाई करीब
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