हत्या के बाद एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग तेज, जबलपुर में सड़क पर उतरे वकील
Neel Tiwari | Feb 16, 2026, 17:56 IST
Demand for Advocate Protection Act
शिवपुरी में वकील संजय सक्सेना की हत्या के बाद मध्य प्रदेश के वकील सड़कों पर उतर गए। मप्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग उठी, जो पिछले 14 साल से लंबित है।
News in short
- शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या की गई थी।
- जबलपुर में वकीलों ने विरोध-प्रदर्शन किया और कोर्ट के कामकाज से अलग रहे।
- अधिवक्ताओं ने 14 साल से लंबित 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' को लागू करने की मांग की।
- वकीलों ने हत्या की जांच वरिष्ठ अधिकारियों से करवाने की मांग भी की।
- अगर सरकार जल्दी कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन प्रदेशव्यापी होगा।
News in Detail
शिवपुरी जिले के करैरा में शनिवार 14 फरवरी को 57 वर्षीय अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना अदालत जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से वे सड़क पर ही गिर पड़े। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Demand for Advocate Protection Act
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सड़कों पर उतरे अधिवक्ता
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14 साल से अटका है प्रोटेक्शन एक्ट
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वकीलों ने की कड़े कानून की मांग
अधिवक्ता संघों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन प्रदेशव्यापी किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भोपाल में बड़ा प्रदर्शन और दिल्ली मार्च की रणनीति बनाई जा सकती है।
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क्या है एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट?
जबलपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता मोहित वर्मा ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला प्रस्तावित कानून है। यह कानून वकीलों पर हिंसा, धमकी, हमले या उत्पीड़न को रोकने के लिए बनाया गया है।
इस अधिनियम में वकीलों पर अपराधों को गैर-जमानती घोषित किया गया है। इसमें 6 महीने से 5 साल तक की सजा और 50 हजार से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। यह विधेयक वकीलों और ग्राहकों के बीच गोपनीयता की रक्षा करता है। गिरफ्तारी से पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य बनाता है।
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