शिवराज सिंह चौहान खुद कैलाश विजयवर्गीय के संग, लेकिन उनके गुट के ताई, भाभी और दीदी का नहीं मिल रहा मन
Sanjay Gupta | Jul 28, 2025, 14:54 IST
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इंदौर बीजेपी की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। कैलाश विजयवर्गीय द्वारा आयोजित दाल-बाटी पार्टी में कई प्रमुख नेताओं का न पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है।
इंदौर बीजेपी की राजनीतिक में इन दिनों उठापटक चर्चा का विषय बनी हुई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के यहां प्रदेश संगठन की पहल पर हुई दाल-बाटी की पार्टी में सभी नेताओं के नहीं पहुंचने ने फिर हलचल मचा दी है। यह वह नेता हैं जो तत्कालीन सीएम और अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफी करीबी होकर उनके गुट के हैं।
शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय के बीच 26 जून को जमकर गर्मजोशी देखी गई। जब चौहान इंदौर दौरे पर आए तो खुद विजयवर्गीय उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट गए और फिर बंद कमरे में 18 मिनट तक चर्चा भी की, जिसमें कोई दूसरा नेता अंदर नहीं आ सका। फिर रात को उनके यहां पत्नी के साथ डिनर पर भी पहुंचे। इसी दौरे में शिवराज विधायक मालिनी गौड़ और विधायक मनोजट पटेल, रमेश मेंदोला के निवास पर भी गए।
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दोनों ही नेता एक साथ एबीवीपी, युवा मोर्चा से जुड़े रहे, लेकिन मप्र की राजनीति की बात करें तो चौहान को जहां सीएम बनने का मौका मिला, वहीं कैलाश विजयवर्गीय मंत्री पद तक सीमित रहे। हालांकि कई बार वह सीएम पद की दौड़ में बने रहे लेकिन मामला दौड़ तक ही सीमित रहा। इस दौरान दोनों के बीच कभी पटरी नहीं बैठी, भले ही मंच पर सब कुछ सामान्य दिखाया हो लेकिन खुद मंत्री ने कह दिया था कि मेरे हाथ शोले के ठाकुर जैसे बंधे हैं। फिर वह प्रदेश ही छोड़कर राष्ट्रीय राजनीति में चले गए और फिर 2023 विधानसभा में वापस लौटे।
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच बंद कमरे में 18 मिनट इस मुद्दे पर हुई बात
इंदौर में अभी भी ताई यानी पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन के शिवराज के मधुर संबंध हैं और वह जब वह सीएम थे तभी भी दोनों एक-दूसरे का ख्याल रखते थे। इसी गुट में विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ यानी भाभी भी करीबी रहीं, चौहान के चलते महापौर का टिकट पाया और फिर 2023 में जब टिकट की उठापटक थी तब इंदौर विधायक मालिनी गौड़की मदद शिवराज ने की।
वहीं देपालपुर विधायक मनोज पटेल तो कट्टर समर्थक हैं। उनका टिकट हमेशा शिवराज के भरोसे ही रहता है। वहीं उषा ठाकुर यानी दीदी जो महू से विधायक हैं, वह साल 2018 में अपना टिकट विधानसभा तीन से कटने और आकाश कैलाश विजयवर्गीय को मिलने से काफी आहत रही। वह शिवराज की सरकार में मंत्री पद से भी नवाजी गई। यह सभी नेता मंत्री विजयवर्गीय की लंच पार्टी से दूर ही रहे।
इस मामले में जब बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा से रविवार को लंच पार्टी के दौरान पूछा गया तो वह उखड़ गए- उन्होंने कहा कि यदि कोई बीमार है और हॉस्पिटल में हैं तो हम उनके साथ खाना खाने तो नहीं जाएंगे, वहां तो सैलाइन ही लगेगी। जो भी नहीं आया है उसकी जानकारी पार्टी को है और वह पूर्व सूचित करके ही नहीं आए हैं। ऐसा कोई विधायक, नेता नहीं जो बिना सूचना के अनुपस्थित रहा हो। वहीं महापौर भार्गव ने कहा कि यह अच्छी पहल है नगराध्यक्ष के आमंत्रण पर हम आए हैं। यहां पर एक जाजम पर आकर सभी से विकास, संगठन, परिवार सभी को लेकर बात हुई। चर्चा हुई सभी आपसी व सामूहिक भाव से पार्टी का काम करें। पुराने और वरिष्ठ नेताओं से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।
इंदौर में गुटबाजी का दौर हमेशा रहा है। हेमंत खंडेलवाल के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद इंदौर में पोस्टर के जरिए गुटबाजी दिखाई दी थी। खंडेलवाल के स्वागत के पोस्टर लगे जिसमें गौरव रणदिवे, सावन सोनकर, मनोज पटेल, एकलव्य गौड़ के पोस्टर थे। साथ ही प्रताप करोसिया ने भी पोस्टर लगवाए। वहीं जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवालके लिए स्वागत आयोजन इंदौर में हुआ तब भी रणदिवे, सोनकर और गौड़ एक साथ रहे और बाकी नेताओं से अलग-थलग ही रहे। इंदौर में फिलहाल एक गुट में साफ तौर पर विजयवर्गीय, मेदोला और गोलू हैं, इसी में महापौर पुष्यमित्र भार्गव हैं। वहीं नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा व जिलाध्यक्ष श्रवण चावड़ा भी इसी ओर झुके हुए हैं। वहीं दूसरी और ठाकुर, मालिनी, मनोज हैं। वहीं मधु व महेंद्र हार्डिया सभी के साथ हैं। मंत्री तुलसी सिलावट भी किसी गुट में नहीं हैं और उनकी अपनी राजनीति है जो सिंधिया से होकर ही गुजरती है। अब 31 अगस्त को मंत्री सिलावट के यहां पार्टी ने लंच रखा है, फिर नजरें रहेगी और कौन आया और किसने कन्नी काट ली।
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शिवराज खुद तो कैलाश के संग हो गए
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इसके पहले दोनों के बीच चलती रही तल्खी
शिव-कैलाश से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...
इंदौर में ये सभी नेता शिवराज के करीबी, कैलाश से दूरी
वहीं देपालपुर विधायक मनोज पटेल तो कट्टर समर्थक हैं। उनका टिकट हमेशा शिवराज के भरोसे ही रहता है। वहीं उषा ठाकुर यानी दीदी जो महू से विधायक हैं, वह साल 2018 में अपना टिकट विधानसभा तीन से कटने और आकाश कैलाश विजयवर्गीय को मिलने से काफी आहत रही। वह शिवराज की सरकार में मंत्री पद से भी नवाजी गई। यह सभी नेता मंत्री विजयवर्गीय की लंच पार्टी से दूर ही रहे।
नगराध्यक्ष सवाल पूछने पर उखड़ गए थे
जो नेता नहीं आए, आखिर क्या है उनसे मनमुटाव
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इंदौर में लगातार जा रही गुटबाजी
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