एमपी में बदलेंगे पेंशन के नियम, माता-पिता की मौत के बाद बड़ी संतान होगी हकदार

Aman Vaishnav | Jan 22, 2026, 09:46 IST
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Aman vaishnav - 2026-01-22T093717.315
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एमपी सरकार पेंशन नियमों में बड़े बदलाव करने जा रही है। अब परिवार पेंशन के लिए बेटे से ज्यादा बेटी ही पात्र होगी। अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को अब जीवनभर पेंशन मिलती रहेगी। ये नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे।

News In Short

  • एमपी में पेंशन नियमों में बड़े बदलाव की होने की तैयारी है।
  • अब बेटे से बड़ी बेटी होने पर बेटी को ही प्राथमिकता मिलेगी।
  • अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को आजीवन पेंशन का लाभ मिलेगा।
  • दिव्यांग बच्चों को अब जीवनभर पेंशन की पात्रता होगी।
  • पेंशन के नए नियम 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होंगे।

News In Detail

बेटियों को मिला बड़ा सम्मान

एमपी सरकार पेंशन नियमों में पहली बार बड़े संशोधन करने जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा। नए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक अब भले ही घर में पुत्र हो, लेकिन यदि बेटी उससे बड़ी है तो वही परिवार पेंशन के लिए वही पात्र होगी।

आजीवन पेंशन का नया प्रावधान

इसी तरह अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटी को उम्र भर पेंशन मिलती रहेगी। तलाकशुदा बेटियों को भी आजीवन पेंशन का लाभ दिया जाएगा। उन्हें हर साल अपनी वर्तमान स्थिति की जानकारी देनी होगी। लिखित में बताना होगा कि वे अभी भी अविवाहित हैं।

दिव्यांगों के लिए विशेष सुरक्षा

आजीविका कमाने में अक्षम दिव्यांगों को भी पेंशन मिलेगी। दिव्यांग पुत्र, पुत्री या भाई इसके पात्र माने जाएंगे। स्थायी दिव्यांगता होने पर सिर्फ एक बार सत्यापन जरूरी है। अस्थायी दिव्यांगता में हर पांच साल में सर्टिफिकेट देना होगा।

डबल पेंशन और पात्रता के नियम

पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, तो भी इसका फायदा मिलेगा। मृत्यु के बाद दोनों की फैमिली पेंशन मिल सकेगी। इसके लिए किसी भी एक पेंशन को छोड़ना नहीं पड़ेगा। 25 साल से कम उम्र के बच्चों को इसका हक मिलेगा।

गोद ली संतान और आय सीमा

गोद ली गई संतान को भी फैमिली पेंशन मिलेगी। इसके लिए गोद लेने के वैध कानूनी दस्तावेज जरूरी हैं। यदि परिवार का सदस्य नौकरी करने लगे तो इसमें बदलाव होगा। आय अर्जित करने की स्थिति में पेंशन बंद कर दी जाएगी। यह नियम केवल आश्रितों की मदद के लिए बनाया गया है।

लागू होने की तारीख और प्रक्रिया

1 अप्रैल से नए नियम प्रभावी रूप से लागू होंगे। पुरानी पेंशन स्कीम में अंतिम वेतन का आधा हिस्सा ही मिलेगा। रिटायर होने के बाद कर्मचारी को जीवनभर पेंशन मिलती है। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को 30 प्रतिशत परिवार पेंशन मिलती है। पति-पत्नी दोनों की मृत्यु होने पर उनके नाबालिग बच्चे इस पेंशन के पात्र होते हैं।

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