कालोनियों में कमर्शियल एक्टिविटी पर 4 राज्यों के CS जवाब तलब, भोपाल को लेकर सुनवाई आज

Sanjay Sharma | Aug 05, 2026, 07:51 IST
Share
कालोनियों में कमर्शियल एक्टिविटी
कालोनियों में कमर्शियल एक्टिविटी

सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण पर सख्ती दिखाई है। चार राज्यों के मुख्य सचिवों को चेतावनी और दो कमिश्नरों को अवमानना नोटिस दिया गया है। भोपाल की अरेरा कॉलोनी मामले में आज सुनवाई होनी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया है।
  • कोर्ट ने चार राज्यों के मुख्य सचिवों को चेतावनी दी है।
  • गुरुग्राम और लखनऊ नगर निगम कमिश्नरों को अवमानना नोटिस दिया गया है।
  • जयपुर के कोचिंग सेंटर भी कोर्ट के निशाने पर आए हैं।
  • भोपाल की अरेरा कॉलोनी मामले में सुनवाई आज होनी है।
देश की आवासीय कॉलोनियों में बढ़ते अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 04 अगस्त को कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने करीब दो घंटे तक सुनवाई की। कोर्ट ने साफ कहा कि अब सिर्फ कागजों पर कार्रवाई नहीं चलेगी। जमीन पर असली एक्शन दिखना चाहिए। कई राज्यों के अफसरों की लापरवाही पर बेंच ने सीधे सवाल उठाए हैं। कोर्ट का कहना था कि रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।

चार सीएस को चेतावनी

सुनवाई के बाद कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और मिजोरम के मुख्य सचिवों को चेतावनी दी। कोर्ट ने कहा कि लैंड यूज उल्लंघन पर कार्रवाई तुरंत होनी चाहिए। मुख्य सचिवों को अब हर मामले पर खुद निगरानी रखनी होगी। कोर्ट ने साफ किया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। बेंच ने कहा कि सिर्फ आदेश देना काफी नहीं, अमल जरूरी है।



दो कमिश्नरों को नोटिस

गुरुग्राम और लखनऊ नगर निगम के कमिश्नरों को कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया है। बेंच ने पूछा कि सील किए गए निर्माण दोबारा कैसे खुल गए। कोर्ट ने आदेश दिया कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर (First Information Report) दर्ज हो। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने को कहा गया। जयपुर, ग्रेटर नोएडा और पटना नगर निगम की कार्यशैली पर भी बेंच ने नाराजगी जताई।

कोचिंग सेंटर भी निशाने पर

जयपुर में कमर्शियल लैंड यूज वाली जगहों पर चल रहे कोचिंग सेंटर भी सवालों में आए। कोर्ट ने कहा कि इन्हें तय जगह पर शिफ्ट होना चाहिए। शहर में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से नया कोचिंग हब बनाया गया है। बेंच ने निर्देश दिया कि सभी संस्थान वहां शिफ्ट किए जाएं। कोर्ट का मानना है कि इससे रहवासी इलाकों पर दबाव कम होगा।



समयबद्ध कार्रवाई के आदेश

कोर्ट ने अलग-अलग राज्यों को कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की है। कुछ मामलों में 24 घंटे के भीतर एक्शन लेना होगा। बाकी मामलों में राज्यों को चार हफ्ते का समय दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि तय समय में रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। देरी होने पर संबंधित अधिकारी सीधे जवाबदेह होंगे।

अरेरा के मामले में सुनवाई आज

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर लंबे समय से दुकानें और दफ्तर चल रहे हैं। भोपाल सिटीजन फोरम की याचिका पर पहले सुनवाई से इनकार हो चुका है। अब अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी की याचिका पर आज, 05 अगस्त को सुनवाई होनी है। इस मामले को लेकर स्थानीय रहवासी लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। कॉलोनी में दुकान, होटल और रेस्तरां जैसी गतिविधियां बढ़ती जा रही थीं।



निगम की कार्रवाई पर सवाल

सुनवाई से पहले ही भोपाल नगर निगम ने अवैध दुकानों पर कार्रवाई का दावा किया था। कई दुकानों के बाहर बंद होने के पोस्टर भी लगाए गए। वहीं, रहवासियों का कहना है कि यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई थी। उनका आरोप है कि कुछ ही घंटों में कई दुकानें फिर से खुल गईं। पोस्टर लगाने से अवैध गतिविधि खत्म नहीं होती, यह भी सवाल उठा।

रहवासियों का गुस्सा और विरोध

शिकायतकर्ता विवेक त्रिपाठी और रहवासियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ छलावा हो रहा है। उनका कहना है कि कार्रवाई का दावा हुआ, पर असर नजर नहीं आया। रहवासी संगठनों ने कहा कि हालात नहीं बदले तो वे शांतिपूर्ण विरोध करेंगे। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद सिर्फ नियमों का पालन कराना है। नगर निगम की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।



आज की सुनवाई पर नजर

आज होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट अरेरा कॉलोनी सहित कई अवैध निर्माण मामलों पर फैसला दे सकता है। रहवासियों को उम्मीद है कि इस बार कोर्ट कड़े निर्देश देगा। मुख्य सचिवों को अब हर मामले में सीधी जिम्मेदारी लेनी होगी। तय समयसीमा के तहत आने वाले हफ्तों में राज्यों को रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। यह देखना जरूरी होगा कि कोर्ट भोपाल के मामले में क्या रुख अपनाता है।

ये खबरें भी पढ़िए...

सीलिंग का दावा, शाम को खुल गए शटर! अवैध दुकानों पर नगर निगम की मुहिम पर उठे सवाल

मध्यप्रदेश | अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर खुली दुकान, होटल, रेस्तरां कराए बंद

MP News : भोपाल के अरेरा कॉलोनी में दुकानों के विरोध में उतरे लोग, बैनर से दी चेतावनी

द सूत्र की हर घर एक दुकान मुहिम का असर, मकान में दुकान चलाने वालों 30 हजार पर होगा एक्शन



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • भोपाल नगर निगम
  • भोपाल के अरेरा कॉलोनी
  • कोचिंग सेंटर
  • अरेरा कॉलोनी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By Umeshwari Baghel

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?

By Arohi Raj

वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड

By Umeshwari Baghel

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर

By Sanjay Gupta

बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर